
नवा रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के लोकतंत्र के प्रहरियों के हित में बड़ा फैसला लिया है । राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department – GAD) द्वारा आधिकारिक तौर पर “छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान नियम, 2026″ की अधिसूचना (Notification) जारी कर दी गई है । यह नियम पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है ।
इस नए नियम (New Rules) के लागू होने से आपातकाल (Emergency) के दौरान देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल जाने वाले मीसा (MISA) और डीआईआर (DIR) बंदियों को अब आजीवन मासिक सम्मान राशि (Lifetime Monthly Honour Money) प्रदान की जाएगी । इस नए नियम के तहत अधिकतम 25,000 रुपये प्रति माह तक की आर्थिक सहायता (Financial Assistance) दी जाएगी ।
यदि आप या आपके परिवार में कोई इस पात्रता श्रेणी में आता है, तो यह विस्तृत समाचार आपके लिए ही है। आइए सरल भाषा में समझते हैं कि सरकार के इस राजपत्र (Official Gazette) में क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं और आप इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं ।
किसे मिलेगी कितनी सम्मान राशि? (Eligibility & Pension Structure)
सरकार ने जेल या पुलिस थानों में निरुद्ध (Detained) रहने की अवधि के आधार पर सम्मान राशि का निर्धारण किया है । इसके लिए तीन अलग-अलग स्लैब बनाए गए हैं, जो इस प्रकार हैं:
दिवंगत सेनानियों के जीवनसाथी को भी राहत: राजपत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी Chhattisgarh Loktantra Senani का देहांत हो चुका है, तो उनके पति या पत्नी (Spouse) को इस तय सम्मान राशि की आधी (50%) राशि दी जाएगी । यानी अगर सेनानी को 25,000 रुपये मिलते थे, तो उनकी मृत्यु के बाद उनके जीवनसाथी को 12,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे ।
अंतिम संस्कार के लिए ₹25,000 की तत्काल सहायता और गार्ड ऑफ ऑनर
छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतंत्र के इन सेनानियों को समाज में सर्वोच्च सम्मान देने का निर्णय लिया है । नियमों के अनुसार:
- अधिकारी की उपस्थिति: किसी भी लोकतंत्र सेनानी की मृत्यु होने पर उनके अंतिम संस्कार (Funeral) में जिला मजिस्ट्रेट (District Magistrate – DM) द्वारा नामांकित एक प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेगा । यह प्रतिनिधि कम से कम द्वितीय श्रेणी (Class-II Officer) का अधिकारी होना चाहिए ।
- आर्थिक सहायता: सेनानी के मरणोपरांत उनके परिवार के प्रमुख को अंत्येष्टि के लिए 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता (Financial Aid) शासन द्वारा तत्काल प्रदान की जाएगी ।
- मुफ्त चिकित्सा सुविधा: इन सेनानियों और उनके पति/पत्नी को देश के स्वतंत्रता संग्राम सैनिकों (Freedom Fighters) के समान ही पूर्ण चिकित्सा सुविधा (Medical Facilities) दी जाएगी ।
आवेदन करने की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज (Application Process)
सम्मान राशि प्राप्त करने के लिए पात्र व्यक्तियों को राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से 90 दिनों के भीतर अपना आवेदन प्रस्तुत करना होगा ।
प्रशासन करेगा आपकी मदद: यदि कोई आवेदक अपनी शारीरिक (Physical) या आर्थिक (Financial) लाचारी के कारण पुराने दस्तावेज या रिकॉर्ड निकालने में असमर्थ है, तो वह जिला मजिस्ट्रेट से मदद की गुहार लगा सकता है । ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन स्वयं उन दस्तावेजों को खोजने में आवेदक का आवश्यक सहयोग करेगा ।
जिला स्तर पर बनेगी स्क्रूटनी कमेटी (District Level Committee)
आवेदनों के बारीकी से परीक्षण (Scrutiny) के लिए जिला स्तर पर एक उच्च स्तरीय समिति (Committee) का गठन किया जाएगा । इस समिति की संरचना (Structure) इस प्रकार होगी:
- अध्यक्ष (Chairman): जिले के प्रभारी मंत्री (Minister In-charge of District) ।
- सदस्य सचिव (Member Secretary): जिला मजिस्ट्रेट (District Magistrate) ।
- सदस्य (Members): जिला पुलिस अधीक्षक (SP) और जिला जेल अधीक्षक ।
यह समिति गहन जांच के बाद केवल उन्हीं लोगों के नामों की अनुशंसा (Recommendation) करेगी, जो पूरी तरह से राजनीतिक या सामाजिक कारणों से मीसा या डीआईआर के तहत जेल गए थे । पुलिस रिकॉर्ड में उनका कोई भी आपराधिक या असामाजिक इतिहास (Criminal History) नहीं होना चाहिए ।
मिलेगा विशेष पहचान पत्र: “लोकतंत्र सेनानी सम्मान राशि पात्रता कार्ड”
कमेटी की हरी झंडी मिलने के बाद जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सम्मान राशि की स्वीकृति का आदेश जारी कर दिया जाएगा । इसके साथ ही सभी स्वीकृत लाभार्थियों को एक विशेष डिजिटल/फिजिकल पहचान पत्र (Identity Card) दिया जाएगा, जिसे “लोकतंत्र सेनानी सम्मान राशि पात्रता कार्ड” कहा जाएगा । इस कार्ड के जरिए वे अस्पतालों और अन्य सरकारी विभागों में अपनी पहचान साबित कर सकेंगे और सुविधाएं पा सकेंगे ।
गलत जानकारी देने पर होगी कड़ी कार्रवाई और रिकवरी
यह नियम जितना उदार है, नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए उतना ही सख्त भी है । यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी, झूठा शपथ पत्र (False Affidavit) या फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर यह सम्मान राशि प्राप्त करता पाया जाता है, तो:
- 1. उसका पेंशन स्वीकृति आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त (Cancel) कर दिया जाएगा ।
- 2. अब तक उसे जितनी भी सम्मान राशि या सुविधाएं दी गई हैं, शासन उस पूरी राशि की कड़ी रिकवरी (Recoverable) करेगा ।
- 3. यदि वह व्यक्ति पैसे वापस नहीं करता है, तो उससे यह राशि भू-राजस्व के बकाया (Arrears of Land Revenue) की तरह कुड़की करके वसूली जाएगी ।
- 4. इसके अलावा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों (Anti-National Activities) या नैतिक अधमता के किसी अपराध में दोषी पाए जाने पर भी यह पेंशन रोकी या निरस्त की जा सकती है 。
अपील और निराकरण की व्यवस्था (Appeals & Redressal)
यदि किसी योग्य व्यक्ति का आवेदन जिला मजिस्ट्रेट द्वारा खारिज (Reject) कर दिया जाता है, तो उसे निराश होने की जरूरत नहीं है । वह व्यक्ति आदेश की तारीख से 30 दिनों के भीतर प्ररूप-दो (Form-II) में सीधे राज्य सरकार (State Government) को अपना अभ्यावेदन (Representation) या अपील सौंप सकता है । राज्य सरकार इस अपील पर गुण-दोष के आधार पर विचार करेगी और 45 दिनों के भीतर उसका अंतिम निराकरण करेगी, जो कि सर्वमान्य और बाध्यकारी होगा ।
किन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है?
राजपत्र के बिंदु क्रमांक 16 में स्पष्ट किया गया है कि जिन मीसा बंदियों के मामले “लोकनायक जयप्रकाश नारायण सम्मान निधि नियम, 2008″ के तहत पहले ही निपटाए या स्वीकृत किए जा चुके हैं, उन्हें इस नए नियम के तहत नया आवेदन देने की कोई आवश्यकता नहीं है । उनके पुराने प्रकरणों को इस नए नियम के तहत स्वतः ही मान्य माना जाएगा । हालांकि, जो पुराने आवेदन पहले से लंबित (Pending) पड़े हुए हैं, उनका निपटारा अब इस नए 2026 के नियमों के आधार पर किया जाएगा ।
यह पूरी योजना सीधे “लोकनायक जयप्रकाश नारायण सम्मान निधि” योजना शीर्ष के अंतर्गत संचालित की जाएगी और इसका पूरा खर्च सामाजिक सुरक्षा और कल्याण (Social Security and Welfare) मद से वहन किया जाएगा । राज्यपाल के नाम से उप-सचिव ऋतु वर्मा द्वारा यह आदेश जारी किया जा चुका है ।
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