
सुनील त्रिपाठी (सहायक संचालक जनसंपर्क) की विशेष रिपोर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी दफ्तरों की पुरानी, ढर्रे पर चल रही व्यवस्था को लेकर यदि आपके मन में कोई डर या हिचक है, तो ठहरिए! सूबे में सुशासन (Good Governance) और नागरिक सुविधाओं को केंद्र में रखकर एक ऐसा ऐतिहासिक प्रशासनिक सुधार (Administrative Reform) किया गया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रदेश के युवा व विजनरी वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के कुशल नेतृत्व में पंजीयन विभाग (Registration Department) का पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया गया है।
अक्सर देखा जाता था कि सरकारी दफ्तरों में जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराने के नाम से ही लोग घबरा जाते थे। Consequently (परिणामस्वरूप), लोग बिचौलियों के चक्कर में फंसकर अपना समय और पैसा दोनों बर्बाद करते थे। लेकिन, छत्तीसगढ़ सरकार ने तकनीक (Technology-driven) के दम पर इस पूरे पुराने ढर्रे को उखाड़ फेंका है। राज्य सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजीयन प्रक्रिया को सुपरफास्ट, पारदर्शी (Transparent), और आम नागरिकों के लिए बेहद सुविधाजनक बनाना है। आइए, जानते हैं कि आखिर जमीन-मकान की रजिस्ट्री के इस खेल में क्या बड़ा उलटफेर हुआ है।
लंबी कतारों का खौफनाक दौर खत्म: 2 दिन का काम अब 15 मिनट में
एक दौर था जब रजिस्ट्री ऑफिस का मतलब लंबी कतारें, उमस भरे कमरों में घंटों का इंतजार, दस्तावेजों के वेरिफिकेशन (Document Verification) में होने वाली अंतहीन देरी और बाबूगिरी के चक्कर लगाना माना जाता था। पहले जहाँ एक साधारण रजिस्ट्री की औपचारिकताएं पूरी करने में आम जनता के 4 से 6 घंटे और कई बार तो 1 से 2 दिन तक का कीमती समय बर्बाद हो जाता था, वहीं अब नजारा बिल्कुल उलट है।
Surprisingly (आश्चर्यजनक रूप से), आधुनिक डिजिटल व्यवस्थाओं (Modern Digital Systems) और स्मार्ट टूल्स की मदद से यही पूरी प्रक्रिया अब केवल 15 से 20 मिनट के भीतर संपन्न हो रही है। इससे न केवल नागरिकों के समय की बचत हो रही है, बल्कि उनके धन और मानसिक ऊर्जा की भी बड़ी बचत हो रही है। इस नए सिस्टम को देखने के बाद लोग यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि यह वही पुराना सरकारी दफ्तर है।
मिशन मोड पर सरकार: 119 पंजीयन कार्यालय बनेंगे ‘विश्वस्तरीय स्मार्ट हब‘
छत्तीसगढ़ सरकार इस व्यवस्था को केवल कुछ शहरों तक सीमित नहीं रखना चाहती है। In addition (इसके अतिरिक्त), राज्य सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 119 पंजीयन कार्यालयों (Registration Offices) को पूरी तरह से स्मार्ट एवं विश्वस्तरीय (World-class Infrastructure) सुविधाओं से लैस करने का एक बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
पहले चरण (First Phase) के तहत राज्य के 10 प्रमुख और सबसे व्यस्त रहने वाले कार्यालयों को आधुनिक कॉरपोरेट लुक दिया जा रहा है। इन चुनिंदा 10 कार्यालयों की सूची इस प्रकार है:
रजिस्ट्री ऑफिस या कोई फाइव स्टार एयरपोर्ट? मिल रही हैं ये अत्याधुनिक सुविधाएं
इन नए और आधुनिक स्वरूप वाले Smart Registry CG कार्यालयों में पैर रखते ही आपको किसी बड़े एयरपोर्ट या कॉर्पोरेट बैंक जैसा अहसास होगा। सरकार ने बुनियादी ढांचे (Infrastructure Upgrade) में व्यापक बदलाव किए हैं ताकि दफ्तर आने वाले किसी भी बुजुर्ग, महिला या आम नागरिक को कोई तकलीफ न हो।
Specifically (विशेष रूप से), इन नए स्मार्ट दफ्तरों में निम्नलिखित रंगीन हाई-टेक सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिन्हें देखकर जनता गदगद है:
- लक्जरी वेटिंग लाउंज (Waiting Lounge): अब आपको धूप या बरामदे में खड़े होने की जरूरत नहीं है, आरामदायक सोफे और बेहतरीन बैठक व्यवस्था तैयार की गई है।
- फुल वातानुकूलित परिसर (Air-Conditioned Building): तपती गर्मी में भी ठंडे और व्यवस्थित वातावरण में आपका काम आसानी से हो जाएगा।
- निःशुल्क हाई-स्पीड वाई-फाई (Free Wi-Fi): दस्तावेजों को ऑनलाइन डाउनलोड या ट्रांसफर करने के लिए मुफ्त इंटरनेट की सुविधा मिलेगी।
- स्मार्ट चार्जिंग व पेयजल (Charging & Water Stations): मोबाइल चार्जिंग स्टेशन, शुद्ध शीतल पेयजल और आधुनिक साफ-सुथरे शौचालय की व्यवस्था की गई है।
- प्री-प्रेजेंटेशन काउंटर व हेल्प डेस्क (Help Desk): किसी भी भ्रम को दूर करने के लिए काउंटर बनाए गए हैं, जहां आपके दस्तावेजों की पहले ही जांच कर ली जाती है ताकि ऐन वक्त पर कोई दिक्कत न आए।
ग्राउंड रियलिटी: रायगढ़ के लाभार्थी ने बयां की अपनी आपबीती
इस ऐतिहासिक बदलाव का असर अब सीधे धरातल पर दिखने लगा है। रायगढ़ के एक आम नागरिक और सरकारी सेवा का लाभ उठाने वाले लाभार्थी आशीष अग्रवाल ने पंजीयन कार्यालय के अपने हालिया अनुभव को साझा करते हुए अपनी खुशी व्यक्त की।
आशीष अग्रवाल का बयान: “सच कहूँ तो पहले जब भी यहाँ आना पड़ता था, तो मन में एक अजीब सी निराशा और डर महसूस होता था। ऐसा लगता था कि आज का पूरा दिन इसी दफ्तर की भीड़ में खराब होने वाला है। लेकिन अब यहाँ का माहौल 360 डिग्री बदल गया है। बैठने की इतनी शानदार व्यवस्था है, चारों तरफ एसी लगा है, पीने के लिए ठंडे पानी की उत्तम सुविधा है और पूरा वातावरण बेहद सकारात्मक हो गया है। आम जनता की तकलीफ को समझने के लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ।”
बिचौलियों का खेल खत्म, डिजिटल तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता
Furthermore (इसके अलावा), डिजिटल तकनीक (Digital Technology) के इस क्रांतिकारी उपयोग से पंजीयन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो गई है और विश्वसनीयता (Credibility) में भारी इजाफा हुआ है। नए एडवांस टोकन सिस्टम (Token System) के लागू होने से दफ्तरों में होने वाली अवांछित भीड़ और अव्यवस्था पर पूरी तरह से लगाम लग गई है।
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस पारदर्शी सिस्टम के कारण अब बिचौलियों (Middlemen) और दलालों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई है, जिससे सीधे तौर पर आम नागरिकों की जेब कटने से बच रही है और अतिरिक्त खर्चों पर कड़ी रोक लगी है।
व्हाट्सएप नोटिफिकेशन और डिजीलॉकर का कमाल
आज का छत्तीसगढ़ पुराने और जटिल फाइलों के बोझ वाले मैन्युअल सिस्टम (Manual Paperwork) को बहुत पीछे छोड़ चुका है। सरकार अब पूरी व्यवस्था को तेजी से पेपरलेस और सुरक्षित डिजिटल मॉडल की ओर ले जा रही है।
“रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” का लाइव उदाहरण बना छत्तीसगढ़
Ultimately (अंततः), मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में लागू किया गया यह Smart Registry CG मॉडल असल मायने में देश के प्रधानमंत्री के विजन “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” (Reform, Perform, and Transform) को धरातल पर सच साबित करने का सबसे सटीक और प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है।
छत्तीसगढ़ का यह हाई-टेक प्रशासनिक ढांचा न केवल प्रदेश के भीतर सुशासन की एक नई और स्वर्णिम परिभाषा गढ़ रहा है, बल्कि भारत के अन्य बड़े और विकसित राज्यों के लिए भी एक रोल मॉडल (Role Model) और प्रेरणादायक मिसाल साबित हो रहा है। यदि आप भी अपनी किसी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने की सोच रहे हैं, तो बिना किसी डर के अपने नजदीकी स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का रुख कर सकते हैं!







