कर्मचारी हलचल

छत्तीसगढ़ बिजली कंपनी में बढ़ेगा टकराव! इंटक नेता सुधीर नायक बोले-‘निजीकरण की राह पर.., डफली बजाना बंद करें संगठन’

Chhattisgarh Power Privatization रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनियों (State Power Companies) के भीतर सुलग रहा असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। प्रदेश के पावर सेक्टर, कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनर्स की लंबित मांगों को लेकर विद्युत मंडल छत्तीसगढ़ इंटक 56 रायपुर (INTUC Raipur) के पूर्व महामंत्री व कद्दावर कर्मचारी नेता सुधीर नायक ने बेहद तीखे और गंभीर विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने बिजली कंपनियों में सक्रिय विभिन्न कर्मचारी संगठनों की कार्यप्रणाली पर सीधा प्रहार करते हुए चेतावनी दी है कि यदि अब भी सब एक नहीं हुए, तो छत्तीसगढ़ का पावर सेक्टर पूरी तरह निजीकरण (Privatization) की गर्त में चला जाएगा।

सुधीर नायक ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में अलग-अलग राग अलापने के बजाय सभी कर्मचारी नेताओं को एकजुट होकर एक मंच पर आना होगा, अन्यथा कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

‘अपनी डफली-अपना राग’ बंद करें संगठन, आर-पार की लड़ाई का वक्त

कर्मचारी नेता सुधीर नायक ने वर्तमान यूनियनों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कर्मचारी संगठन बंटे हुए हैं। कोई संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की बात कर रहा है, तो कोई कुछ और। ऐसी स्थिति में ट्रेड यूनियन (Trade Union) कभी मजबूत नहीं हो पाएगी।

उन्होंने वर्तमान हालात पर तंज कसते हुए कहा कि आज संगठनों की स्थिति मेरी डफली मेरी राग” या फिर मेरी मुर्गी डेढ़ पांव की” जैसी हो गई है। जब तक सभी संगठन अपने मतभेद भुलाकर मुख्य मुद्दों पर एक नहीं होंगे, तब तक प्रबंधन या सरकार के सामने कर्मचारियों की भूमिका (Role) प्रभावी नहीं हो पाएगी।

20 दिन का महा-अभियान: पूरे प्रदेश से जुटेंगे 10,000 कर्मचारी और पेंशनर्स

सुधीर नायक ने ढुलमुल रवैया अपनाने वाले नेताओं को नसीहत देते हुए एक ठोस रणनीति (Strategy) सामने रखी है। उनका मानना है कि सिर्फ दफ्तरों में बैठकर मांगें पूरी नहीं होंगी, बल्कि इसके लिए जमीन पर उतरना होगा।

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  • प्रदेशव्यापी दौरा: अगले 20 दिन से एक महीने के भीतर पूरे छत्तीसगढ़ का सघन दौरा किया जाना चाहिए।
  • पंपलेट और पोस्ट: जमीनी स्तर पर पंपलेट और पोस्ट छपवाकर जन-जागरण किया जाए और लोगों को एकत्रित किया जाए।
  • महा-प्रदर्शन: इस अभियान के बाद राज्य के 10,000 से अधिक पेंशनर्स (Pensioners) और कार्यरत कर्मचारी मिलकर एक ऐतिहासिक प्रदर्शन शुरू करेंगे, जिसके बाद सरकार और प्रबंधन को झुकना ही पड़ेगा।

एक्सटेंशन और एमडी (MD) बनने की होड़ में डूबे हैं अफसर

विद्युत मंडल के भीतर चल रही अंदरूनी गुटबाजी और स्वार्थ पर हमला करते हुए पूर्व महामंत्री ने कहा कि आज हमारे ही कुछ वरिष्ठ लोग व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं।

  • रिटायर्ड अभियंताओं का स्वार्थ: कई रिटायर्ड अभियंता और नेता केवल सेवा वृद्धि यानी एक्सटेंशन (Extension) पाने की आड़ में लगे हुए हैं।
  • कुर्सी की दौड़: वर्तमान में कार्यरत अधिकारी अपनी पदोन्नति (Promotion) और प्रबंध निदेशक— एमडी (Managing Director) बनने की राह तलाश रहे हैं।

जब शीर्ष स्तर पर बैठे लोग केवल अपने व्यक्तिगत फायदे और पदों के फेर में एक-दूसरे का मुंह देखते रहेंगे, तो आम कर्मचारियों के हितों की रक्षा कौन करेगा?

उत्तर प्रदेश का उदाहरण: स्मार्ट मीटर बना निजीकरण का सबसे बड़ा हथियार

सुधीर नायक ने पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बिजली आंदोलन का उदाहरण देते हुए छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को आगाह किया है। उत्तर प्रदेश में पिछले 2 साल से निजीकरण के खिलाफ लगातार आंदोलन (Anti-Privatization Protest) चल रहा है, लेकिन सरकार नए-नए आदेश पारित कर पीछे हटने को तैयार नहीं है।

तकनीक बनी निजीकरण की सीढ़ी, कर्मचारियों को समझाना मुश्किल

 नई तकनीकों (Modern Technology) के तेजी से बढ़ते प्रभाव को सुधीर नायक ने निजीकरण की राह आसान करने वाला जरिया बताया है। उन्होंने कहा कि आज का जो तकनीकी ढांचा काम कर रहा है, वह बहुत फास्ट गति से प्राइवेटाइजेशन (Fast Privatization) की ओर टेक्नोक्रेट को आगे ले जा रहा है।

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इस कड़वी सच्चाई को आम कर्मचारियों को समझाना बहुत मुश्किल हो रहा है। उदाहरण के लिए— अब ड्यूटी पर आने-जाने के लिए मोबाइल पर अटेंडेंस और बायोमेट्रिक (Biometric Attendance) प्रणाली लागू की जा रही है। तकनीकी विशुद्ध रूप से लाभकारी (Beneficial) भी है, लेकिन यह सब एक ही दिशा की ओर केंद्रित कर रही है, जिससे बड़ी प्राइवेट कंपनियों का सरकारी तंत्र पर कब्जा करना और भी आसान हो रहा है। हम न चाहते हुए भी निजीकरण की राह में बहुत आगे जा चुके हैं, जिसे रोकने के लिए अब अंतिम और एकजुट प्रयास बेहद जरूरी है।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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