
नवा रायपुर अटल नगर: छत्तीसगढ़ को देश का नंबर वन औद्योगिक राज्य बनाने और बड़े पैमाने पर वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए विष्णुदेव साय सरकार ने एक बहुत बड़ा नीतिगत कदम उठाया है। राज्य शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम, 2002 की धारा 12 (1) के तहत एक अत्यंत शक्तिशाली “राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी” (State Level Nodal Agency) का गठन किया है.
इस ऐतिहासिक निर्णय की आधिकारिक अधिसूचना (Gazette Notification) सोमवार, 8 जून 2026 को छत्तीसगढ़ राजपत्र में असाधारण प्राधिकार से प्रकाशित कर दी गई है. उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार (Rajat Kumar, Secretary) के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश के बाद अब राज्य में फैक्ट्रियां और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान शुरू करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और लाइसेंस हासिल करने की राह बेहद आसान हो जाएगी.
भारसाधक सचिव बने अध्यक्ष, 14 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी गठित (High-Level Committee Structure)
अधिसूचना के अनुसार, इस नवगठित राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी में औद्योगिक विकास, पर्यावरण, राजस्व और श्रम सहित कुल 14 महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जो इस प्रकार हैं:
- अध्यक्ष (Chairperson): भारसाधक सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग (जो राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड के संयोजक भी हैं) को इस शक्तिशाली समिति की कमान सौंपी गई है.
- सदस्य सचिव (Member Secretary): अपर संचालक, राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) इसके सदस्य सचिव होंगे.
- प्रमुख सदस्य (Key Members):
- संचालक, उद्योग संचालनालय.
- प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ स्टेट इन्डस्ट्रीअल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CSIDC).
- प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) के प्रतिनिधि.
- सदस्य सचिव, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB).
- संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा तथा आयुक्त, श्रम.
- नियंत्रक, विधिक माप विज्ञान.
- नगरीय प्रशासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन (भू-अभिलेख), और पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग के संचालक.
- संचालक (स्वास्थ्य सेवाएं) और निदेशक (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा).
असाधारण शक्तियां: समय-सीमा से बाहर लंबित आवेदनों को खुद मंजूर करेगी कमेटी (Unprecedented Powers & Functions)
इस नोडल एजेंसी को केवल समीक्षा करने वाली साधारण समिति नहीं बनाया गया है, बल्कि इसे बेहद कड़े और ऐतिहासिक अधिकार दिए गए हैं, जो प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य (Industrial Landscape) को पूरी तरह बदल देंगे:
- लंबित आवेदनों पर सीधे एक्शन: यदि किसी विभाग में औद्योगिक या वाणिज्यिक प्रतिष्ठान का आवेदन तय समय-सीमा (Stipulated Time Period) से बाहर लंबित (Pending) रहता है, तो इस नोडल एजेंसी के पास उस आवेदन को सीधे अनुमोदन (Direct Approval) प्रदान करने की विशेष शक्ति होगी.
- सिंगल विंडो पोर्टल की लाइव मॉनिटरिंग: समिति सिंगल विंडो पोर्टल (Single Window Portal) पर प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों और उनके समय-सीमा में निराकरण की लगातार समीक्षा करेगी.
- टर्न अराउंड टाइम (TAT) बदलने का अधिकार: उद्योगों की स्थापना और उनके संचालन के लिए विभिन्न विभागों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं के निर्धारित समय और टर्न अराउंड टाइम (Turn Around Time) की समीक्षा कर यह समिति आवश्यकतानुसार उसमें बदलाव कर सकेगी.
ग्लोबल इन्वेस्टर गंतव्य बनाने का बड़ा रणनीतिक लक्ष्य (Strategic Guidance for Global Investment)
छत्तीसगढ़ को एक अग्रणी निवेश गंतव्य (Leading Investment Destination) के रूप में स्थापित करने के लिए यह नोडल एजेंसी एक मार्गदर्शक (Guiding Force) के रूप में कार्य करेगी:
- सतत और उच्च प्रभाव वाला निवेश: राज्य की अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए यह समिति सतत और उच्च प्रभाव वाले वैश्विक निवेश (High-Impact Investment) को आकर्षित करेगी.
- दूरदर्शी नीतियां और वैश्विक साझेदारियां: पारिस्थितिकी तंत्र-स्तरीय पहलों को संचालित करने के लिए दूरदर्शी नीतियों के निर्माण और वैश्विक साझेदारियों को प्रोत्साहित करने हेतु रणनीतिक मार्गदर्शन देगी.
- थर्ड पार्टी एजेंसी की समीक्षा: निवेशकों की सुविधाओं को और अधिक सुगम बनाने के लिए राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड तथा इसमें काम करने वाली थर्ड पार्टी एजेंसी के कार्यों की कड़ी समीक्षा की जाएगी.
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यह नई व्यवस्था राजपत्र में प्रकाशन की तिथि (Date of Publication) से ही पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू हो गई है. इसके बाद उद्योगपतियों को अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।







