
नवा रायपुर (Chaturpost Desk)। छत्तीसगढ़ में जमीन के उपयोग, आवासीय कॉलोनियों, व्यावसायिक परिसरों (Commercial Complexes) और बहुमंजिला इमारतों के निर्माण से जुड़े नियमों में राज्य सरकार एक बहुत ही बड़ा और दूरगामी बदलाव करने जा रही है । आवास एवं पर्यावरण विभाग (Housing and Environment Department) ने छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में बड़े संशोधनों (Amendments) का एक नया प्रारूप (Draft) तैयार कर इसे छत्तीसगढ़ राजपत्र (Chhattisgarh Gazette) में आधिकारिक रूप से प्रकाशित कर दिया है ।
विशेष सचिव देवेंद्र सिंह भारद्वाज के हस्ताक्षर से जारी इस अधिसूचना (Notification) के बाद अब पूरे प्रदेश में भूमि उपयोग श्रेणियों (Land Use Classification) और भवनों की ऊंचाई के हिसाब से छोड़े जाने वाले खुले स्थानों (Open Spaces) के समीकरण पूरी तरह बदलने वाले हैं । इस नए कानून के लागू होने से रियल एस्टेट सेक्टर से लेकर आम जनता तक, जो भी नया निर्माण या प्रोजेक्ट शुरू करना चाहते हैं, उन पर इसका सीधा और बड़ा असर पड़ने वाला है।
आम जनता और प्रभावितों से 15 दिनों में मांगे सुझाव और आपत्तियां
छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (Chhattisgarh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam, 1973) की धारा 85 की उप-धारा (1) सहपठित धारा 24 की उप-धारा (3) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है । चूंकि यह नियम सीधे तौर पर आम नागरिकों और डेवलपर्स को प्रभावित करता है, इसलिए सरकार ने इसे पारदर्शी बनाने के लिए पब्लिक डोमेन में रखा है ।
अधिसूचना के अनुसार मुख्य निर्देश: “इस संशोधन प्रारूप (Draft Amendment) के राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से 15 दिनों के भीतर कोई भी व्यक्ति अपनी आपत्ति या सुझाव शासन के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है । इन 15 दिनों की समयावधि (Timeline) के समाप्त होने के बाद ही सरकार इन नियमों को अंतिम रूप देकर पूरी तरह लागू करने पर विचार करेगी ।”
Also Read सरकारी कर्मचारियों की चमकेगी किस्मत: नए साल पर मिलेंगे 3 बड़े सैलरी एडवांस, देखें प्रस्ताव
अगर आपको भी इस नए प्रारूप को लेकर कोई आपत्ति या सुझाव (Objections or Suggestions) देना है, तो आप कार्यालयीन समय में सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, कक्ष क्रमांक एस-2-23, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर, जिला रायपुर के पते पर लिखित में जमा कर सकते हैं ।
जमीनों के उपयोग की श्रेणियों का हुआ नया वर्गीकरण (Land Use Categories)
इस नए संशोधन प्रारूप के तहत नियम 37 को पूरी तरह से प्रतिस्थापित (Replace) किया जा रहा है । अब विभिन्न भू-उपयोग के अंतर्गत आने वाली गतिविधियों को कोड नंबर के साथ बेहद स्पष्ट और पारदर्शी बना दिया गया है, ताकि भविष्य में मास्टर प्लान या टाउन प्लानिंग को लेकर कोई विसंगति न रहे।
नए राजपत्र के अनुसार भूमि उपयोग श्रेणियों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
- आवासीय श्रेणी (Residential – R1 से R5): इसमें आवासीय कॉलोनियां, ग्रुप हाउसिंग, हॉस्टल, धर्मशालाएं, किफायती आवास परियोजनाएं (Affordable Housing Projects) और फार्महाउस जैसी गतिविधियां शामिल की गई हैं ।
- वाणिज्यिक श्रेणी (Commercial – C1 से C4): इसके तहत मॉल, ओपन मॉल, स्टार होटल, व्यापारिक केंद्र, बैंक, वित्तीय संस्थान, डिपार्टमेंटल स्टोर, और व्यावसायिक कार्यालयों को अलग-अलग उप-श्रेणियों में बांटा गया है ।
- औद्योगिक श्रेणी (Industrial – I1 से I6): छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) के दिशा-निर्देशों के आधार पर उद्योगों को उनके प्रदूषण स्तर के हिसाब से श्वेत, हरित, नारंगी, लाल और नीले उद्योगों (White, Green, Orange, Red, Blue Industries) की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है ।
- सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक (Public & Semi-Public – PSP): इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय, स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, अनुसंधान प्रयोगशालाएं और अस्पताल (H1 और H2 श्रेणी) शामिल हैं ।
- आमोद-प्रमोद और मनोरंजन (Recreational – RC1 व RC2): राष्ट्रीय उद्यान, चिड़ियाघर, स्टेडियम, खेल मैदान और पिकनिक स्पॉट इसके दायरे में आएंगे ।
भवनों की ऊंचाई और ओपन स्पेस के नए कड़े नियम (Building Height & Open Space)
बिल्डिंग परमिशन और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (Town and Country Planning) से मंजूरी लेने वाले लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बदलाव नियम 56 के उप-नियम 6 की सारणी 5 में किया गया है । सरकार ने अलग-अलग ऊंचाइयों वाले भवनों के लिए भूखंड (Plot) पर सामने वाले हिस्से को छोड़कर, चारों ओर छोड़े जाने वाले न्यूनतम खुले स्थान (Open Space Margin) की एक नई गाइडलाइन तय की है ।
भवन निर्माण के दौरान छोड़ी जाने वाली अनिवार्य खुली जगह की सूची नीचे दी गई टेबल में देखें:
| क्रमांक PDF | भवन की ऊँचाई (मीटर में) PDF | भवन के चारों ओर छोड़े जाने वाले अनिवार्य स्थान (मीटर में) PDF |
| 1. | 10 मीटर तक | 3 मीटर |
| 2. | 15 मीटर तक | 5 मीटर |
| 3. | 18 मीटर तक | 6 मीटर |
| 4. | 21 मीटर तक | 7 मीटर |
| 5. | 24 मीटर तक | 8 मीटर |
| 6. | 27 मीटर तथा उससे अधिक | 9 मीटर |
प्रतिबंधित उपयोग (Negative List) की सूची भी हुई साफ
सरकार ने नियम 38 के उप-नियम (1) में संशोधन करते हुए यह भी साफ कर दिया है कि किस प्रकार की भूमि पर कौन सी व्यावसायिक या औद्योगिक गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित (Restricted Activities) रहेंगी । उदाहरण के लिए, शुद्ध आवासीय क्षेत्रों (Residential Zones) में भारी औद्योगिक गतिविधियां या रेड कैटेगरी के उद्योग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे, जिससे रिहायशी इलाकों में प्रदूषण और अव्यवस्था को रोका जा सके ।
इसके साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए आवश्यक न्यूनतम भूमि का आकार अब सुसंगत स्कूल शिक्षा बोर्ड या नियामक प्राधिकारी (Regulatory Authority) के नियमों के अनुसार तय किया जाएगा । निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए अनिवार्य सुविधाओं की आवश्यकताएं पूर्ववत परिशिष्ट के अनुसार रहेंगी । नियम 61 की सारणी में भी कुछ आंशिक संशोधन करते हुए अंकों में बदलाव किया गया है ।
राज्य सरकार का मानना है कि इन संशोधनों के लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ के शहरों का विकास अधिक सुनियोजित तरीके से हो सकेगा। यदि आपको इन बदलावों पर कोई भी आपत्ति दर्ज करानी है, तो राजपत्र प्रकाशन की तिथि से निर्धारित 15 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति मंत्रालय में जरूर दर्ज करा दें ।







