
Alderman Appointment राज्य शासन ने बस्तर संभाग के नगरीय निकायों के लिए भी नामांकित पार्षद (एल्डरमैन) की सूची जारी कर दी है। इसके तहत (Meanwhile) जगदलपुर नगर निगम सहित बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, कांकेर और नारायणपुर जिले के नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों में नई नियुक्तियां की गई हैं।
इस फैसले के बाद बस्तर संभाग के अधिकांश नगरीय निकायों में परिषदों के गठन की प्रक्रिया को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जगदलपुर नगर निगम समेत बस्तर जिले में कई नियुक्तियां
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने जगदलपुर नगर निगम में आठ नामांकित पार्षद नियुक्त किए हैं।
इसी प्रकार बस्तर नगर पंचायत में भी एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं।
वहीं बीजापुर नगर पालिका में भी सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को नामांकित पार्षद बनाया गया है।
दंतेवाड़ा जिले के सभी प्रमुख नगरीय निकायों को मिली नई टीम
दंतेवाड़ा जिले में शासन ने
- किरंदुल नगर पालिका
- बड़े बचेली नगर पालिका
- दंतेवाड़ा नगर पालिका
- गीदम नगर पंचायत
- बारसूर नगर पंचायत
में एल्डरमैन नियुक्त किए हैं।
इसके साथ ही (Furthermore) स्थानीय निकायों में परिषद की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Alderman Appointment कोंडागांव, कांकेर और नारायणपुर जिले भी सूची में शामिल
शासन ने
कोंडागांव नगर पालिका में नामांकित पार्षद नियुक्त किए हैं।
इसके अलावा
कांकेर जिले के
- कांकेर नगर पालिका
- भानुप्रतापपुर नगर पंचायत
- चारामा नगर पंचायत
- पखांजूर नगर पंचायत
- अंतागढ़ नगर पंचायत
में भी एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं।
इसी प्रकार नारायणपुर नगर पालिका में भी शासन ने नए नामांकित पार्षदों की घोषणा की है।
📌 एक नजर में बड़ी बातें
- ✅ 25 जून के बाद सरकार ने दूसरी बड़ी सूची जारी की
- ✅ बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के निकाय शामिल
- ✅ नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में एल्डरमैन नियुक्त
- ✅ प्रदेश के अधिकांश नगरीय निकायों में प्रक्रिया लगभग पूरी
- ✅ स्थानीय विकास योजनाओं को मिलेगी नई गति
एल्डरमैन नियुक्ति का क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि एल्डरमैन की नियुक्ति से नगरीय निकायों में अनुभवी और सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्तियों की भागीदारी बढ़ेगी। As a result, परिषदों की बैठकों में विकास, आधारभूत संरचना, स्वच्छता, जलापूर्ति, यातायात और जनहित के अन्य विषयों पर व्यापक चर्चा और सुझाव मिल सकेंगे।
हालांकि, विपक्ष इन नियुक्तियों को राजनीतिक दृष्टि से भी देख रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इन नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। फिलहाल राज्य सरकार का कहना है कि सभी नियुक्तियां नियमानुसार की गई हैं।
आगे क्या?
अब इन सभी नामांकित पार्षदों को संबंधित नगरीय निकायों की परिषद की बैठकों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। माना जा रहा है कि जल्द ही विभिन्न नगर निगमों और नगर पालिकाओं में स्थायी समितियों के गठन तथा विकास कार्यों की समीक्षा की प्रक्रिया भी तेज होगी।
यह सूची नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश पर आधारित है। यदि किसी नगरीय निकाय में बाद में संशोधन या अतिरिक्त आदेश जारी होता है तो खबर को अपडेट किया जाएगा।







