
रायपुर: डिजिटल इंडिया (Digital India) मिशन के तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने अपने कार्यप्रणाली में एक बड़ा बदलाव किया है। अब कार्यालयीन कार्यों को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और पेपरलेस (Paperless) बनाने के लिए कंपनी ने ‘ई-ऑफिस’ (E-Office) प्रणाली पर जोर देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में, पावर कंपनी के ऊर्जा सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र द्वारा अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज किया गया है।
क्या है इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य?
पावर कंपनी का उद्देश्य कार्यालय के कामकाज में ‘समयबद्धता’ (Punctuality) और ‘दक्षता’ (Efficiency) लाना है। अप्रैल 2026 से शुरू हुई इस ई-ऑफिस प्रणाली को अब पूरी तरह से जमीन पर उतारने के लिए प्रबंधन ने कमर कस ली है।
महत्वपूर्ण जानकारी: यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 2 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक यानी पूरे एक माह तक चलेगा। पहले दिन ही 500 से अधिक कर्मचारियों ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर प्रशिक्षण लिया।
ट्रेनिंग में क्या-क्या सिखाया जाएगा?
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को ई-ऑफिस के विभिन्न मॉड्यूल्स (Modules) की बारीकियां समझाई जाएंगी। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित तकनीकी पहलू शामिल हैं:
- ई-फाइल निर्माण एवं संचालन (E-File Creation): डिजिटल रूप में नई फाइलें तैयार करना, उन पर नोटिंग करना और फाइलों का सुरक्षित डिजिटल संचालन।
- पत्राचार का डिजिटल निष्पादन (Digital Correspondence): सरकारी पत्रों, आवेदनों और नोटशीट का ऑनलाइन आदान-प्रदान और उनका त्वरित डिजिटल निस्तारण।
- दस्तावेजों का ऑनलाइन प्रबंधन (Document Management): सभी प्रकार के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को व्यवस्थित रूप से स्टोर करना और जरूरत पड़ने पर पल भर में सर्च करना।
- फाइल ट्रैकिंग सिस्टम (File Tracking): फाइल वर्तमान में किस अधिकारी के पास है और उसका स्टेटस क्या है, इसकी सटीक ऑनलाइन जानकारी प्राप्त करना।
- व्यावहारिक उपयोग (Practical Usage): ई-ऑफिस पोर्टल के अन्य महत्वपूर्ण फीचर्स, सुरक्षा मानकों और दैनिक ऑफिस वर्क में इसके प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण।
कार्यप्रणाली में आएगा बदलाव (Work Transition)
प्रशिक्षण कार्यक्रम के संबंध में प्रबंधन का कहना है कि यह पहल न केवल काम में ‘गति’ (Speed) लाएगी, बल्कि इससे दस्तावेजों के रखरखाव में ‘पारदर्शिता’ (Transparency) भी बढ़ेगी।
- दो पालियों में ट्रेनिंग: प्रथम पाली में बेसिक ट्रेनिंग और द्वितीय पाली में एडवांस लेवल की जानकारी दी जा रही है।
- ऑनलाइन सहभागिता: मुख्यालय के साथ-साथ सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के कर्मचारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ रहे हैं।
- अनिवार्य भागीदारी: प्रबंधन ने सभी संबंधित स्टाफ को इस ट्रेनिंग में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए हैं।
डिजिटल इंडिया को मिलेगी मजबूती
छत्तीसगढ़ पावर कंपनी का यह कदम ‘पेपरलेस ऑफिस’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल सरकारी खर्च में कमी आएगी, बल्कि फाइलों के गुम होने का डर भी खत्म हो जाएगा। आगामी दिनों में प्रत्येक गुरुवार को यह ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे ताकि तकनीक को लेकर हर कर्मचारी पूरी तरह अपडेट (Update) रहे।







