
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज (CSTC) में आगामी 6 जुलाई 2026 से होने वाला बड़ा आंदोलन अब टल गया है। ‘छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मण्डल आरक्षित वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ’ ने अपनी मांगों को लेकर होने वाले अनिश्चितकालीन अवकाश आंदोलन (Indefinite Leave Strike) को स्थगित (Postpone) करने का आधिकारिक निर्णय लिया है। इस संबंध में संघ ने पत्र क्रमांक 120 के माध्यम से पॉवर कंपनी के अध्यक्ष को लिखित सूचना दी है।
द्विपक्षीय वार्ता में बनी सहमति (Bilateral Talks Update)
दरअसल, विद्युत कंपनी प्रबंधन और आरक्षित वर्ग संघ के बीच 2 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता (Bilateral Meeting) आयोजित की गई थी। इस बैठक में पॉवर कंपनी के अध्यक्ष (आईएएस) सुबोध कुमार सिंह ने संघ के पदाधिकारियों को बहुमूल्य समय प्रदान करते हुए उनकी प्रमुख और संवेदनशील मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया। प्रबंधन की सकारात्मक प्रतिक्रिया (Positive Response) मिलने के बाद संघ ने आंदोलन को रोकने का फैसला लिया।
इन प्रमुख मांगों पर प्रबंधन ने दिया बड़ा आश्वासन (Key Commitments)
संघ के प्रांतीय महासचिव विजय नाग के अनुसार, द्विपक्षीय वार्ता के दौरान मैनेजमेंट ने कई महत्वपूर्ण नीतिगत बदलावों (Policy Changes) पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं:
संघ की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में अध्यक्ष ने बिजली कंपनी में संचालित अवैधानिक पदोन्नति प्रक्रिया को निरस्त कर राज्य शासन की तरह करने की मांग पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए तत्काल रिव्युह करने के लिए निर्देशित किया गया।
साथ ही अनुसूचित क्षेत्र में पदस्थापना व स्थानांतरण पॉलिसी शीघ्र बनाने के लिए निर्देश दिया गया।
इसके साथ ही डीपीसी मेंबर नियुक्त करने और ओल्ड पेंशन पर भी चर्चा की गई।
अति आवश्यक सेवाओं को ध्यान में रखकर लिया फैसला (Public Interest)
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि बिजली एक अति आवश्यक सेवा (Essential Service) के अंतर्गत आता है। यदि 6 जुलाई से सभी अधिकारी-कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले जाते, तो पूरे छत्तीसगढ़ की बिजली व्यवस्था चरमरा जाती और आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता। इसी जनहित (Public Interest) और प्रबंधन द्वारा मिले ठोस आश्वासन (Solid Assurance) की प्रत्याशा में 6 जुलाई 2026 से होने वाले अनिश्चितकालीन अवकाश आंदोलन को फिलहाल स्थगित (Deferred) किया जा रहा है।
हालांकि, संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रबंधन ने आश्वासन के बिंदुओं पर शीघ्र ही प्रशासनिक आदेश (Administrative Order) जारी नहीं किए, तो वे आगे की रणनीति (Future Strategy) पर विचार करने के लिए स्वतंत्र होंगे। फिलहाल इस फैसले से पॉवर कंपनी के मैनेजमेंट और उपभोक्ताओं दोनों ने राहत की सांस ली है।
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- स्रोत (Source): यह खबर ‘छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मण्डल आरक्षित वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़’ के आधिकारिक पत्र (पत्र क्रमांक 120, दिनांक 03/07/2026) पर आधारित है, जिसे प्रांतीय महासचिव द्वारा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी को प्रेषित किया गया है।







