
Ease of Doing Business रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के औद्योगिक परिदृश्य (Industrial Landscape) को बदलने के लिए एक बड़ा और साहसी निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026’ के पारित होने के साथ ही, प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां जोखिम आधारित (Risk-based) और विश्वास आधारित (Trust-based) बिजनेस परमिशन सिस्टम लागू होगा।
छोटे कारोबारियों के लिए ‘गेम चेंजर’ क्यों है यह विधेयक?
यह कानून विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए वरदान साबित होने वाला है। राज्य के 15 लाख से अधिक उद्यमों को इस नई व्यवस्था से सीधा लाभ मिलेगा। अब कारोबारियों को लाइसेंस के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने या जटिल औपचारिकताओं में उलझने की जरूरत नहीं होगी।
अब हर काम होगा पारदर्शी (Transparent Processes)
विधेयक के तहत, जल प्रदाय (Water Supply), सोसायटी पंजीयन और भवन अनुज्ञा जैसी 43 प्रमुख सेवाओं को जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली के दायरे में लाया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भले ही प्रक्रिया सरल हो रही है, लेकिन उच्च जोखिम वाली परियोजनाओं के लिए तकनीकी परीक्षण और भौतिक निरीक्षण (Physical Inspection) की सख्त व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।
तीन स्तरीय निगरानी प्रणाली (Monitoring System)
इस व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने त्रिस्तरीय निगरानी तंत्र का गठन किया है:
- मुख्यमंत्री परिषद: सबसे शीर्ष स्तर पर मार्गदर्शन और नीतिगत निर्णय।
- राज्य स्तरीय समिति: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में क्रियान्वयन की समीक्षा।
- जिला स्तरीय समिति: कलेक्टर की अध्यक्षता में स्थानीय स्तर पर अनुश्रवण (Monitoring)।
कारोबार जगत में नई उम्मीद
इस विधेयक का मूल मंत्र है ‘भरोसा’। सरकार का मानना है कि उद्यमियों पर विश्वास करने और प्रक्रिया को समयबद्ध (Time-bound) बनाने से न केवल निवेश (Investment) बढ़ेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में भी गति आएगी।
‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026’ के लागू होने के बाद, अब छत्तीसगढ़ में कोई भी नया स्टार्टअप या छोटा व्यवसाय शुरू करना पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और सस्ता हो जाएगा। यह कदम न केवल युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि राज्य को निवेश के लिए एक प्रमुख ‘हब’ (Hub) के रूप में भी स्थापित करेगा।
इस ऐतिहासिक बदलाव से छत्तीसगढ़ के व्यावसायिक वातावरण में एक नए युग की शुरुआत हुई है। क्या आप एक उद्यमी हैं और इस नई व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए उत्साहित हैं?







