
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए GPF ब्याज दरें घोषित
न्यूज डेस्क। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के आर्थिक कार्य विभाग (बजट डिवीजन) ने एक बेहद महत्वपूर्ण राजपत्र (Gazette Resolution) जारी किया है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2) यानी 1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 की अवधि के लिए सामान्य भविष्य निधि (General Provident Fund – GPF) और अन्य समान फंडों पर दी जाने वाली ब्याज दरों की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
वित्त मंत्रालय द्वारा भारत के राजपत्र (Gazette of India) के भाग I खंड 1 में प्रकाशन के लिए जारी इस संकल्प (F.No. 5(3)-B(PD)/2023) के अनुसार, चालू तिमाही के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव न करते हुए इसे स्थिर रखा गया है।
1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी 7.1% की ब्याज दर
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक संकल्प पत्र के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक कर्मचारियों के जमा GPF फंड पर 7.1% (सात दशमलव एक प्रतिशत) की दर से ब्याज दिया जाएगा।
यह नई दर 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। सरकार द्वारा हर तिमाही (Quarter) के आधार पर जीपीएफ की ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है, और इस बार भी कर्मचारियों के सुरक्षित निवेश पर स्थिर रिटर्न बनाए रखा गया है।
इन 10 प्रमुख फंडों पर लागू होंगी नई दरें
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी राजपत्र में स्पष्ट किया गया है कि 7.1% की यह ब्याज दर केवल सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवाएं) तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सरकार द्वारा संचालित निम्नलिखित 10 प्रमुख भविष्य निधियों पर समान रूप से लागू होगी:
इस निर्णय का क्या अर्थ है?
वित्त मंत्रालय के बजट डिवीजन ने स्पष्ट किया है कि इन सभी 10 फंडों में 1 जुलाई 2026 से लेकर 30 सितंबर 2026 की अवधि के दौरान जो भी बैलेंस (जमा राशि) रहेगा, उस पर सालाना 7.1% के हिसाब से ही ब्याज की गणना की जाएगी।
चाहे कर्मचारी रक्षा विभाग (Defence Services) का हो, रेलवे (Railways) का हो, आयुध निर्माणी (Ordnance Factory) का हो या फिर ऑल इंडिया सर्विस (IAS/IPS) का—सबको इस तिमाही में एक समान ब्याज दर का लाभ मिलेगा।
कर्मचारियों और सुरक्षा बलों पर इसका क्या होगा असर?
सरकार के इस फैसले का सीधा असर रक्षा सेवाओं, रेलवे, ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों और केंद्रीय प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े लाखों कर्मचारियों व अधिकारियों पर पड़ेगा।
ब्याज दर को 7.1% पर स्थिर रखने से कर्मचारियों को अपने रिटायरमेंट फंड और भविष्य निधि संचय (Accumulations) पर एक निश्चित और सुरक्षित रिटर्न की गारंटी मिलती है। बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच सरकारी कर्मचारियों के लिए GPF में जमा राशि एक सुरक्षित बचत माध्यम बनी हुई है।

आधिकारिक राजपत्र जारी करने का आदेश
वित्त मंत्रालय के बजट डिवीजन ने इस संकल्प (Resolution) को भारत के राजपत्र (Gazette of India) में प्रकाशित करने का औपचारिक आदेश भी जारी कर दिया है। इसके लागू होने के साथ ही लेखा महानियंत्रक (CGA) और सभी संबंधित विभागों के पे एंड एकाउंट्स ऑफिस (PAO) को जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही की गणना इसी ब्याज दर के अनुसार करने के निर्देश जारी हो गए हैं।
चतुर विचार
केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2) के लिए 7.1% की GPF ब्याज दर बरकरार रखना लाखों कर्मचारियों के लिए राहत की बात है। 1 जुलाई 2026 से प्रभावी यह व्यवस्था केंद्रीय कर्मचारियों, रेलवे और रक्षा कर्मियों के खातों में इसी दर से ब्याज जोड़ना सुनिश्चित करेगी।

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