
E challan रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरा वाहन चालकों पर कहर बरपा रहे हैं। ट्रेफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के दनादन ई-चालान कट रहे हैं। इससे जहां आम लोगों की जेब कट रही है तो दूसरी तरफ सरकारी खजाने पर धन बरस रहा है। छत्तीसगढ़ में आठ महीने में साढ़े 13 करोड़ रुपए का ई चालान कटा है।
रोज साढ़े पांच लाख रुपए से ज्यादा की वसूली
सरकार के आंकड़ों के अनुसार एक अप्रैल 2025 से 24 नवंबर 2025 के बीच 238 दिनों में राज्य के 11 जिलों में 13 करोड़ 51लाख 93 हजार 762.39 रुपए का चालान कटा है। इस हिसाब से हर रोज 5 लाख 68 हजार 041 रुपए से ज्यादा का ई चालान कट रहा है।
इन 11 जिलों में कट रहा ई चालान

छत्तीसगढ़ के जिन 11 जिलों में ई- चालान कटा जा रहा है उनमें रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, बलौदाबाजार, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, दुर्ग, कबीरधाम, सरगुजा और जगदलपुर शामिल है।
ई- चालान के मामले में टॉप पर रायपुर
वाहनों के ई चालान के मामले में रायपुर टॉप पर है। 238 दिनों में रायपुर 7 करोड़ 74 लाख 91 हजार 700 रुपए का ई- चालान कटा।
ई चालान के मामले राज्य की न्यायधानी बिलासपुर दूसरे नंबर पर है। वहां 4 करोड़ 26 लाख 65 हजार 100 रुपए का ई- चालान कटा।
इस मामले में राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा का गृह जिला कबीरधाम तीसरे नंबर पर है। वहां 4 करोड़ 17 लाख 1 हजार 950 रुपए का चालान कटा।
इसी तरह वित्त मंत्री ओपी चौधरी के गृह जिला रायगढ़ में वाहन चालकों का 3 करोड़ 39 लाख 6 हजार 300 रुपए का ई- चालान कटा है।
ई- चालान के मामले में मुख्यमंत्री का संभागीय मुख्यालय सरगुजा पांचवें नंबर पर है। वहां 3 करोड़ 14 लाख 9 हजार 500 रुपए का चालान कटा।
इस मामले में बौदाजार छठवें नंबर पर है। वहां आठ महीने में 1 करोड़ 87 लाख 3 हजार 100 का ई- चालान कटा है।
प्रदेश के बड़े जिलों में शामिल दुर्ग का नंबर सातवां है। वहां आठ महीने में 1 करोड़ 82 लाख 1 हजार 400 का ई- चालान कटा है।
दुर्ग के बाद बस्तर का मुख्यालय जगदलपुर है। वहां अप्रैल से नवंबर के बीच वाहन चालकों का 4 लाख 87 हजार रुपए का चालान कटा है।
ई-चालान के मामले में गरियाबंद जिला नवें नंबर पर है। गरियाबंद में 2 लाख 21 हजार रुपए का ई- चालान कटा है।
इस मामले में महासमुंद का नंबर दसवां है। वहां 2 लाख 11 हजार और धमतरी तीन हजार चार सौ 12 रुपए का ई- चालान कटा है।
विधानसभा में सरकार ने दी जानकारी
वाहनों के ई- चालान से जुड़ी यह जानकारी दिसंबर में हुए विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार ने दी है। इस संबंध में भाजपा के ही विधायक अनुज शर्मा ने सवाल किया था। इसके लिखित उत्तर में गृह मंत्री विजय शर्मा ने सदन में यह जानकारी दी है।
सदन में सवाल जवाब
सवाल- प्रदेश में 1 अप्रैल 2025 से 24 नवंबर 25 तक विभाग को वाहनों के ई-चालान से कुल कितनी राशि का राजस्व प्राप्त हुआ है? जिलेवार विवरण प्रदान करें?
उत्तर- छत्तीसगढ़ में अप्रैल 2025 से 24 नवंबर 2025 तक ई- चालान के जरिये कुल 135193762.39 राशि प्राप्त हुई।
सवाल- ई-चालान जमा नहीं किए जाने पर वाहनों को राजसात किए जाने का क्या प्रावधान है?
उत्तर- ई-चालान जमा नहीं करने पर वाहन राजसात करने का कोई नियम नहीं है।
सवाल- क्या ई-चालान जमा नहीं करने वाले या बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के ड्राईविंग लाईसेंस निरस्त किए जाने तथा कानूनी कार्यवाही संबंधी किसी प्रकार का नियम है? यदि हां तो क्या?
उत्तर- मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा-19 और केंद्रीय मोटरयान नियम-1989, नियम-21 में बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के ड्राईविंग लाईसेंस निरस्त किए जाने और कानूनी कार्यवाही संबंधी प्रावधान है। इसके अतिरिक्त मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा-177 से 201 के अंतर्गत अधिकतम दण्ड (जुर्माना/कारावास) प्रावधानित है।







