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Big News छत्तीसगढ़ में शहरी विकास और अवैध प्लॉटिंग पर रोक सरकार ने किया कानून में बदलाव: जानिए- क्‍या- क्‍या हुआ बदलाव

Big News रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में अवैध प्‍लांटिंग रोकने और शहरों के विकास के लिए सरकार ने छत्‍तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश Chhattisgarh Town and Country Planning कानून में बदलाव किया है।

इस संबंध में विधानसभा के बजट सत्र में मंत्री ओपी चौधरी की तरफ से संशोधन विधेयक पेश किया गया था, जिसे सदन ने पारित कर दिया है।

कानून में किए गए इस बदलाव का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में अनियंत्रित विस्तार और अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण स्थापित करते हुए योजनाबद्ध विकास को गति देना है।

मंत्री चौधरी ने बताया क्‍यों किया गया कानून में बदलाव

सदन में चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि अभी नगर विकास योजनाएं तैयार करने और उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी आवास एवं पर्यावरण विभाग के मुख्यत: रायपुर विकास प्राधिकरण RDA और नवा रायपुर अटल नगर Atal Nagar विकास प्राधिकरण NRADA जैसे प्राधिकरणों पर ही निर्भर है।

राज्‍य में बढ़ते आर्थिक विकास Economic Development के कारण शहरों के व्यवस्थित विकास की आवश्यकता आज और बढ़ गई है।

मध्यप्रदेश, GUJRAT और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी से नगर विकास Urban Development योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। अहमदाबाद Ahmedabad जैसे कई प्रमुख शहरों में रिंग रोड जैसी प्रमुख परियोजनाएं, नगर विकास Urban Development योजना बनाकर, योजनाबद्ध तरीके से विकसित की गई हैं।

अब अलग-अलग एजेंसियां कर सकेंगी काम

मंत्री O.P. Chaudhary ने बताया कि Chhattisgarh में भी रायपुर मास्टर प्लान Raipur Master Plan के अंतर्गत MR-43 मार्ग का निर्माण नगर विकास योजना Urban Development Plan के माध्यम से किया जा रहा है, जो इस सिस्‍टम के महत्‍व को दर्शाता है।

अधिनियम की किस धारा में किया गया है बदलाव

सरकार ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा-38 में बदलाव किया है। इसके अनुसार अब नगर विकास योजनाएं Urban Development Plan तैयार करने के लिए अधिकृत एजेंसियों के दायरे को बढ़ाया जा रहा है ।

अब दूसरी एजेंसियां भी कर सकेगी काम

 नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरणों Urban and Rural Development Authorities के अलावा राज्य शासन के अभिकरणों, स्थानीय नगर निकाय  और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियां भी नगर विकास योजना क्रियान्वित कर सकेगी। इससे योजनाओं की संख्या में वृद्धि होने के साथ-साथ औद्योगिक और आवासीय विकास Residential Development को भी नई गति मिलेगी।

यह है इस बदलाव का उद्देश्‍य

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि इस विधेयक का मूल उद्देश्य राज्य में सुनियोजित शहरी विकास Planned Urban Development को बढ़ावा देना, अवैध प्लॉटिंग Illegal Plotting पर अंकुश लगाना और उद्योग व आवास के लिए व्यवस्थित भूखंडों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संशोधन Chhattisgarh के शहरी परिदृश्य को अधिक सुव्यवस्थित और विकासोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

बढ़ेगी एजेंसियों की भागीदारी

Chief Minister विष्णु देव साय ने कहा कि यह बदलाव राज्य में सुनियोजित और संतुलित शहरी विकास Balanced Urban Development को नई दिशा देगा। तेजी से बढ़ते शहरीकरण Urbanization के इस दौर में अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण और योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक था।

इस संशोधन के जरिये विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी बढ़ाकर विकास कार्यों को गति दी जाएगी, जिससे शहरों में बेहतर अधोसंरचना, व्यवस्थित आवास और उद्योगों के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध हो सकेगी।

Chief Minister ने कहा कि सरकार का लक्ष्य Chhattisgarh के शहरों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य Future के अनुरूप विकसित करना है, जिससे आम लोगों को बेहतर Quality of Life  जीवन गुणवत्ता मिल सके।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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