कर्मचारी हलचल

बड़ी कार्रवाई: छत्तीसगढ़ कर्मचारी संघ चुनाव पर हाई कोर्ट सख्त! ‘हस्ताक्षर कांड’ की जांच के आदेश, रजिस्ट्रार ने संभाली कमान

रायपुर,: छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष चुनाव (Provincial President Election) में हुई कथित धांधली अब कानूनी चक्रव्यूह में फंस गई है। 1 वोट के विवादित अंतर और मतदान की गोपनीयता भंग (Breach of Secrecy) होने के आरोपों के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है।

हाई कोर्ट के निर्देश और धारा 32 का एक्शन

माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा रिट याचिका क्रमांक WPC No- 1716/2026 में पारित आदेश के बाद हड़कंप मच गया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 की धारा 32 (Section 32) के तहत रजिस्ट्रार इस पूरे प्रकरण की जांच (Investigation) कर शीघ्र निर्णय लें।

क्या है ‘हस्ताक्षर कांड’ जिसने खोली पोल?

याचिकाकर्ता रघुवीर तिवारी (जिलाध्यक्ष, खैरागढ़) व अन्य ने रजिस्ट्रार को सौंपे आवेदन में चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं:

  • Privacy Breach: मतदान के दौरान बैलेट पेपर की गोपनीयता भंग की गई।
  • Voter List Irregularity: मतदाता सूची का प्रकाशन समय पर नहीं किया गया और इसमें भारी अनियमितता पाई गई।
  • Illegal Meetings: चुनाव के बाद कुछ व्यक्तियों द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से अवैध बैठकें (Illegal Meetings) आयोजित कर प्रभार हथियाने की कोशिश की जा रही है।

“जब तक धारा 32 के तहत रजिस्ट्रार की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कोई भी व्यक्ति संघ के नाम पर निर्णय लेने या प्रभार लेने का हकदार नहीं है।”

रजिस्ट्रार के समक्ष रखी गई कड़ी मांगें

आज इंद्रावती भवन स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय में सौंपे गए पत्र में निम्नलिखित प्रमुख मांगें की गई हैं:

अधिकारियों को भी जारी की गई सूचना

इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने चुनाव अधिकारी घनश्याम शर्मा और सहायक चुनाव अधिकारी विनोद यादव सहित अन्य संबंधित पक्षों को भी माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन हेतु प्रतिलिपि भेजी है। इस मांग पत्र पर रघुवीर तिवारी, लेखमणि साहू, आदेश कुमार रवि और धनमत सिंगरे ने हस्‍ताक्षर किया है।

लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता (Transparency) सबसे अहम है। यदि जांच में मतदान की गोपनीयता भंग होने की पुष्टि होती है, तो यह प्रदेश के हजारों चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों के भरोसे के साथ खिलवाड़ होगा। फिलहाल मामला रजिस्ट्रार के पाले में है और जल्द ही ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होने की उम्मीद है।

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Raghuveer Tiwari WPC 1716/2026, Registrar Firms and Societies CG, Election Secrecy Breach, Section 32 Action.

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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