Chhattisgarhशासकीय आदेश व अधिसूचना

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला :  अब हर सरकारी कार्यक्रम में रहेगा इस ‘ब्रांड’ का ही जलवा, बिना टेंडर होगी सीधी खरीदी

नवा रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के पशुपालकों और स्थानीय सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक बेहद बड़ा फैसला (Big Decision) लिया है। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप मुख्य सचिव कार्यालय और नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी नए आदेश के बाद अब प्रदेश के सभी शासकीय विभागों, निगमों, मंडलों और सार्वजनिक उपक्रमों में केवल Devbhog Brand (देवभोग ब्रांड) के दुग्ध और दुग्ध उत्पादों का ही उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है।

राज्य शासन के इस चौंकाने वाले आदेश (Shocking Order) के बाद अब किसी भी सरकारी बैठक, वीआईपी मूवमेंट या शासकीय आयोजनों में निजी ब्रांड के दूध, दही, मट्ठा या मिठाइयों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सबसे खास बात यह है कि इस खरीदी के लिए विभागों को किसी भी प्रकार की कोई निविदा या टेंडर (No Tender Required) जारी करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि सीधे छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित से डायरेक्ट खरीदी की जा सकेगी।

मुख्य सचिव विकास शील और नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी किया कड़ा निर्देश

इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव विकास शील (Chief Secretary Vikas Sheel) के कार्यालय से एक महत्वपूर्ण परिपत्र क्रमांक 1047/मु.स./20/E-364507/GENS/26817/2026 जारी किया गया था। इस आधिकारिक निर्देश (Official Notification) के तुरंत बाद, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अवर सचिव अजय तिर्की ने भी 2 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को इसे सख्ती से लागू करने का आदेश भेज दिया है।

सरकार के इस कदम के पीछे का मुख्य उद्देश्य (Main Objective) छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में दूध उत्पादन करने वाले किसानों और पशुपालकों के हितों की रक्षा करना है। जब सरकारी स्तर पर देवभोग ब्रांड की मांग बढ़ेगी, तो सीधे तौर पर इसका फायदा राज्य के दुग्ध उत्पादकों की जेब तक पहुंचेगा।

भंडार क्रय नियम 2002 के तहत मिली विशेष छूट, जानिए क्या है नियम

अक्सर सरकारी विभागों में किसी भी सामग्री की खरीदी के लिए लंबी टेंडर प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके विपरीत (In contrast), इस बार छत्तीसगढ़ सरकार ने नियमों में विशेष छूट दी है। मुख्य सचिव द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम, 2002 (यथासंशोधित 2020) के नियम 8.4 के तहत यह छूट दी जा रही है।

इस नियम के अनुसार, यदि राज्य शासन का कोई विभाग या उसके अधीन संचालित विभागीय निर्माण इकाई किसी सामग्री का उत्पादन करती है, तो उस निर्माणकर्ता इकाई से सीधे सामग्री खरीदी जा सकती है। चूंकि छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ एक सरकारी सहकारिता संस्था है, इसलिए इसके द्वारा निर्मित Devbhog Brand के उत्पादों के लिए पृथक से निविदा (Tender) बुलाना आवश्यक नहीं होगा।

इन बड़े संस्थानों और विभागों में लागू होगा यह नियम

नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह नियम छत्तीसगढ़ के हर छोटे-बड़े सरकारी दफ्तर पर लागू होगा। नीचे दी गई सूची के अनुसार सभी को इस आदेश का शत-प्रतिशत पालन करना होगा:

  • समस्त शासकीय विभाग (All Government Departments): मंत्रालय से लेकर जिला स्तर के सभी सरकारी कार्यालय।
  • नगरीय निकाय (Urban Bodies): सभी नगर पालिक निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतें।
  • सार्वजनिक उपक्रम व मंडल (PSUs & Boards): राज्य के सभी भारी उद्योग, विकास प्राधिकरण, निगम और मंडल।
  • आयोजन और बैठकें (Official Functions): शासकीय कार्य-कलापों, सेमिनार और आधिकारिक बैठकों में रिफ्रेशमेंट।

पशुपालकों और डेयरी सेक्टर के लिए साबित होगा ‘गेम चेंजर’

निश्चित रूप से (Certainly), छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला राज्य के डेयरी सेक्टर (Dairy Sector in Chhattisgarh) के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाला है। देवभोग ब्रांड छत्तीसगढ़ का अपना स्वदेशी और विश्वसनीय ब्रांड है। इसके परिणामस्वरूप (As a result), सरकारी संरक्षण मिलने से बाजार में इसकी साख और मजबूत होगी। स्थानीय दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े हजारों ग्रामीण परिवारों को अब अपने दूध का सही और सुनिश्चित दाम मिल सकेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिलेगी।

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी सीधी कार्रवाई

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार इस आदेश को लेकर बेहद गंभीर है। नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय के डाटा सेंटर को यह निर्देश दिया गया है कि वे सभी निकायों को यह पत्र तुरंत भेजकर पावती सुनिश्चित करें। यदि किसी भी शासकीय विभाग या नगरीय निकाय में इस आदेश का उल्लंघन कर निजी कंपनियों के डेयरी प्रोडक्ट खरीदे जाते हैं, तो संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) और विभाग प्रमुख के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

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Devbhog Brand

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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