मुख्य पृष्ठराजनीति

CM हाऊस में आपात बैठक: आधी रात तक चढ़ा रहा सियासी पारा, पढ़ें- प्रमुख सामचार पत्रों की जुबानी, क्‍या है कहानी…

रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजनीति में गुरुवार की रात एक ऐसा पॉलिटिकल थ्रिलर (Political Thriller) देखने को मिला, जिसने सत्ता के गलियारों से लेकर दिल्ली तक की धड़कनें बढ़ा दीं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) के रायपुर स्थित निवास (CM House) में अचानक बुलाई गई एक आपात बैठक से पूरे प्रदेश का पॉलिटिकल टेम्परेचर (Political Temperature) हाई हो गया।

शाम होते-होते राज्य के सभी मंत्रियों को अपना-अपना दौरा रद्द कर तुरंत राजधानी लौटने का फरमान जारी किया गया। रात 9:00 बजे शुरू हुई यह मैराथन बैठक आधी रात के बाद यानी देर रात 1:30 बजे तक चलती रही। इस बैठक में सरकार के कामकाज की समीक्षा (Government Performance Review) के साथ-साथ संगठन के बड़े नेता भी मौजूद रहे, जिससे मंत्रिमंडल में फेरबदल (Cabinet Reshuffle) की अटकलों को हवा मिल गई।

दौरा रद्द कर भागे मंत्री, विजय शर्मा रांची से पहुंचे हेलिकॉप्टर से

गुरुवार की शाम छत्तीसगढ़ के सियासी हलकों में उस वक्त अफरा-तफरी (Chaos) मच गई, जब मंत्रियों को अचानक सीएम हाउस पहुंचने का संदेश मिला। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई मंत्री जो मैदानी दौरों पर थे, वे सब कुछ छोड़कर रायपुर के लिए रवाना हो गए।

डिप्टी सीएम विजय शर्मा उस समय झारखंड के रांची में थे। वे वहां से विशेष हेलिकॉप्टर के जरिए सीधे रायपुर पहुंचे। बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की विशेष उपस्थिति रही, जो यह साफ संकेत देती है कि यह बैठक सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि पूरी तरह से पॉलिटिकल कोऑर्डिनेशन (Political Coordination) यानी सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बिठाने के लिए बुलाई गई थी।

प्रमुख समाचार पत्रों का विश्लेषण: किसने क्या किया दावा?

रायपुर से प्रकाशित विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों ने इस ‘मिडनाइट पॉलिटिकल ड्रामे’ को लेकर अपनी इनसाइड रिपोर्ट्स (Inside Reports) प्रकाशित की हैं, जो सरकार के भीतर चल रही हलचल को बयां करती हैं:

1. दैनिक भास्कर: ढाई साल के कामकाज और आगामी रणनीति पर मंथन

दैनिक भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री निवास में हुई इस आपात बैठक का मुख्य एजेंडा सरकार के ढाई साल के कामकाज की समीक्षा करना था। अखबार के मुताबिक, बैठक में इस बात पर गहन चर्चा हुई कि सरकार ने अब तक क्या उपलब्धियां हासिल की हैं और जनता के बीच कौन सी योजनाएं सबसे प्रभावी रही हैं। नवभारत में इस बैठक की कोई खबर नजर नहीं आई।

2. नईदुनिया: दिल्ली जाएगा मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड

समाचार पत्र के मुताबिक, इस बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरकार के कामकाज की कड़ी समीक्षा की है। सरकार के ढाई वर्ष का कार्यकाल पूरा होने की कड़ियाँ जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों से उनकी परफॉर्मेंस रिपोर्ट (Performance Report) मांगी है। अखबार का दावा है कि मंत्रियों द्वारा सौंपी जाने वाली यह गोपनीय रिपोर्ट सीधे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिल्ली आलाकमान को भेजी जाएगी।

3. पत्रिका: कोरिया ट्रिपल मर्डर और कानून व्यवस्था पर नाराजगी

Patrika के अनुसार, बैठक का एजेंडा केवल परफॉर्मेंस तक सीमित नहीं था। बैठक के दौरान कोरिया में हुए ट्रिपल मर्डर केस (Korea Triple Murder Case) को लेकर सरकार और संगठन के शीर्ष नेतृत्व ने गहरी चिंता और नाराजगी जताई। कानून व्यवस्था (Law and Order) और बिजली के बढ़ते बिल जैसे मुद्दों पर भी अंदरखाने चर्चा हुई, जिससे सरकार की छवि पर असर पड़ रहा था। बताया जा रहा है कि संगठन ने कुछ विभागों के कामकाज पर खुलकर असंतोष जताया है।

4. हरिभूमि  : मंत्रियों ने फेरबदल की अटकलों को नकारा

वहीं, Haribhumi समाचार पत्र ने मंत्रियों के बयानों को प्रमुखता दी है। देर रात करीब सवा 1:30 बजे जब बैठक खत्म हुई, तो डिप्टी सीएम अरुण साव और वरिष्ठ मंत्री रामविचार नेताम ने मीडिया से बात की। उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार या मंत्रियों को हटाने की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सत्ता और संगठन के बीच समन्वय (Coordination) को लेकर नियमित चर्चाएं होती रहती हैं, और इस बैठक को किसी बदलाव से जोड़कर देखना गलत है।

विभागवार समीक्षा (Departmental Review) और एंटी-इंकंबेंसीरोकने का मास्टरप्लान

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने साफ शब्दों में मंत्रियों से कहा कि चुनावी घोषणा पत्र (Election Manifesto) के जो वादे अधूरे रह गए हैं, उन्हें समय-सीमा के भीतर प्राथमिकता से पूरा किया जाए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस आपात बैठक के जरिए बीजेपी नेतृत्व ने समय रहते एंटी-इंकंबेंसी (Anti-Incumbency) यानी सत्ता विरोधी लहर को रोकने की कवायद शुरू कर दी है। सरकार अब पूरी तरह से ‘परफॉर्मेंस मोड’ में काम करेगी, ताकि जनता के बीच अपनी पैठ को और मजबूत किया जा सके।

यह भी पढ़ें- पूर्व मुख्य अभियंता के CG-MP में 8 ठिकानों पर रेड, EOW ने किया गिरफ्तार, अब रिमांड पर

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
Back to top button