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छत्तीसगढ़ का बड़ा धमाका: अब न्यूक्लियर और सोलर से रोशन होगा देश, CSPGCL ने तैयार किया ‘एनर्जी हब’ का मेगा ब्लूप्रिंट!

रायपुर (Chaturpost Exclusive): छत्तीसगढ़, जिसे अब तक केवल कोयले की खदानों और थर्मल पावर के लिए जाना जाता था, अब अपनी पहचान बदलने की दहलीज पर खड़ा है। राज्य सरकार ने एक ऐसी महात्वाकांक्षी योजना तैयार की है, जो छत्तीसगढ़ को न केवल आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि इसे भारत का प्रमुख ‘एनर्जी हब’ (Energy Hub) बना देगी।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव के. कटियार ने भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य अब कोयले के साथ-साथ न्यूक्लियर (Nuclear), सोलर (Solar) और उन्नत स्टोरेज सिस्टम के संतुलन पर काम कर रहा है।

अगले 2 साल: स्टोरेज और सोलर पर फोकस

MD संजीव कटियार के अनुसार, बिजली की बढ़ती मांग और पीक आवर्स (Peak Hours) की चुनौतियों से निपटने के लिए कंपनी अगले 24 महीनों में बड़े बदलाव करने जा रही है। CSPGCL की प्राथमिकता थर्मल और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) दोनों क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता बढ़ाना है।

सबसे महत्वपूर्ण कदम बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की स्थापना है। इसके लिए 500 MWh का टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है और अतिरिक्त 500 MWh की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार है। कंपनी का लक्ष्य अगले दो वर्षों में कुल 1,500 MWh की स्टोरेज क्षमता हासिल करना है, ताकि रात के समय या मांग बढ़ने पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

महंगी बिजली और टैरिफ का गणित (Tariff Impact)

ऊर्जा क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौती लागत (Cost) की है। कटियार ने बताया कि बैटरी स्टोरेज (BESS) के माध्यम से मिलने वाली बिजली की दरें ₹7.90 से ₹8 प्रति यूनिट तक हो सकती हैं, जो थर्मल बिजली (Thermal Power) की औसत लागत ₹4.50 से ₹5 की तुलना में काफी अधिक है।

हालांकि, राहत की बात यह है कि CSPGCL वर्तमान में वितरण कंपनियों को ₹3.70 प्रति यूनिट की सस्ती दर पर बिजली दे रहा है। ऐसे में बैटरी स्टोरेज का इस्तेमाल केवल शाम के पीक आवर्स में करने से आम उपभोक्ताओं के बिल पर कोई बड़ा बोझ नहीं पड़ेगा। भविष्य में तकनीक बेहतर होने पर इसकी लागत घटकर ₹7.50 प्रति यूनिट तक आने की उम्मीद है।

जमीन की कमी का समाधान: फ्लोटिंग सोलर (Floating Solar)

छत्तीसगढ़ के पास सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन का अधिग्रहण एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। इस समस्या का हल निकालने के लिए राज्य सरकार अब जलाशयों की ओर रुख कर रही है। राज्य ने 32 ऐसे जलाशयों की पहचान की है जहाँ फ्लोटिंग सोलर पैनल लगाए जा सकते हैं। इससे न केवल जमीन की बचत होगी, बल्कि वाष्पीकरण कम होने से पानी का संरक्षण भी होगा।

इसके साथ ही ‘PM सूर्य घर योजना’ (PM Surya Ghar Yojana) के तहत 1,200 MW की रूफटॉप सोलर क्षमता विकसित करने पर भी युद्धस्तर पर काम चल रहा है। राज्य का अंतिम लक्ष्य वर्ष 2047 तक अपनी कुल ऊर्जा जरूरत का 50 प्रतिशत नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त करना है।

18 GW की विशाल पंप्ड स्टोरेज क्षमता (Pumped Storage Projects)

छत्तीसगढ़ में जल विद्युत और पंप्ड स्टोरेज (PSP) की असीम संभावनाएं हैं। राज्य में कुल 18 GW की क्षमता मौजूद है, जिसमें से 13 GW के लिए पहले ही समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। एनटीपीसी (NTPC), एनएचपीसी (NHPC) और टीएचडीसी (THDC) जैसी दिग्गज कंपनियां इन प्रोजेक्ट्स को विकसित करने में सहयोग कर रही हैं। जिंदल और रिन्यू (ReNew) जैसे निजी समूह भी 5,000 MW क्षमता पर काम कर रहे हैं।

थर्मल पावर का विस्तार और ग्रिड स्थिरता

भले ही राज्य रिन्यूएबल की ओर बढ़ रहा है, लेकिन ‘बेस लोड’ (Base Load) के लिए थर्मल पावर आज भी अनिवार्य है। कोरबा में 1,320 MW क्षमता का सुपरक्रिटिकल प्रोजेक्ट पाइपलाइन में है। कटियार ने बताया कि ग्रिड स्थिरता (Grid Stability) बनाए रखने के लिए ₹17,000 करोड़ के ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। जब सुबह सौर ऊर्जा का उत्पादन बढ़ता है, तब थर्मल प्लांट्स को 55 प्रतिशत की क्षमता तक ‘रैंप डाउन’ (कम) करने की तकनीक का भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है।

स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधक

छत्तीसगढ़ अब सिर्फ एक ‘बिजली पैदा करने वाला राज्य’ नहीं रहना चाहता, बल्कि वह एक स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधक (Smart Energy Manager) बनने की राह पर है। सौर ऊर्जा, परमाणु विकल्प और विशाल बैटरी स्टोरेज का यह मिश्रण राज्य को 2047 के विकसित भारत के लक्ष्यों के करीब ले जाएगा। हालांकि, जमीन अधिग्रहण और वन विभाग की मंजूरियां (Statutory Clearances) अभी भी एक बड़ी बाधा बनी हुई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सरकारी प्रयास जारी हैं।


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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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