Chhattisgarh

प्रकाश इंडस्ट्रीज: सक्ती जैसा ‘खूनी मंजर’ फिर से होते बचा; जांच के बाद बड़ा खुलासा, इंडक्शन फर्नेस बंद करने का आदेश

रायपुर/जांजगीर (Chaturpost Exclusive): छत्तीसगढ़ के औद्योगिक गलियारों से एक बार फिर डरा देने वाली खबर सामने आई है। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम हथनेवरा स्थित प्रकाश इण्डस्ट्रीज लिमिटेड (Prakash Industries Limited) में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इंडक्शन फर्नेस (Induction Furnace) में हुए रिसाव और जोरदार धमाके की आवाज ने वहां मौजूद श्रमिकों के होश उड़ा दिए।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूरा प्रदेश सक्ती जिले में हुए भीषण थर्मल पावर प्लांट हादसे के जख्मों से उबरा भी नहीं है। अगर वक्त रहते बिजली सप्लाई बंद नहीं की जाती, तो यहाँ भी लाशों का ढेर लग सकता था।

मौत को छूकर निकले 6 कर्मचारी: क्या था पूरा घटनाक्रम?

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार 24 अप्रैल की दोपहर करीब 2:30 बजे, प्लांट में रोजमर्रा की तरह काम चल रहा था। 15 टन की विशाल क्षमता वाले इंडक्शन फर्नेस (Induction Furnace) में लोहा पिघलाया जा रहा था। अचानक, फर्नेस की कूलिंग कॉइल (Cooling Coil) में छेद हो गया, जिससे पानी का रिसाव (Leakage) शुरू हो गया।

विज्ञान के अनुसार, जब ठंडा पानी हजारों डिग्री सेल्सियस पर उबलती हुई पिघली धातु (Molten Metal) के संपर्क में आता है, तो वह एक बम की तरह काम करता है। फर्नेस की अंदरूनी लाइनिंग भी टूट गई और पिघला हुआ लोहा बाहर बहने लगा। एक जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई, जिससे प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। सौभाग्य से, वहां मौजूद 6 कर्मचारियों ने साहस दिखाते हुए तुरंत बिजली आपूर्ति (Power Supply) काट दी, जिससे फर्नेस का तापमान नियंत्रण से बाहर नहीं गया।

विभाग की सख्त कार्रवाई: कारण बताओ नोटिस जारी

घटना की गंभीरता को देखते हुए औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग (Industrial Health and Safety Department) की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच (Investigation) शुरू की। विभाग की शुरुआती रिपोर्ट में प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

जांच अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा मानकों (Safety Norms) में गंभीर कमियां पाई गईं। इसके परिणामस्वरूप:

  1. संबंधित फर्नेस यूनिट (E-1) को तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से बंद (Temporary Shutdown) करने का आदेश दिया गया है।
  2. प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया गया है।
  3. स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जब तक सभी सुरक्षा उपकरणों और प्रक्रियाओं का ऑडिट नहीं हो जाता, उत्पादन शुरू नहीं होगा।

इतिहास खुद को दोहरा रहा है: प्रकाश इंडस्ट्रीज का ‘खूनी’ रिकॉर्ड

यह पहली बार नहीं है जब प्रकाश इंडस्ट्रीज में मजदूरों की जान दांव पर लगी हो। अगर हम पिछले साल के पन्नों को पलटें, तो 12 अप्रैल 2025 को भी इस प्लांट में एक भीषण फर्नेस ब्लास्ट (Furnace Blast) हुआ था। उस समय भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए थे। बार-बार होने वाले ये हादसे प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल (Serious Questions) खड़े करते हैं।

सक्ती हादसे का साया: क्या नहीं ली हमने कोई सीख?

हथनेवरा की यह घटना इसलिए भी रोंगटे खड़े कर देती है क्योंकि हाल ही में 14 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक थर्मल पावर प्लांट के बॉयलर विस्फोट (Boiler Explosion) ने देश को हिला दिया था। उस हादसे में अब तक 25 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। सक्ती के उस भीषण अग्निकांड के ठीक 10 दिन बाद प्रकाश इंडस्ट्रीज में यह रिसाव बताता है कि छत्तीसगढ़ के उद्योगों में मजदूरों की सुरक्षा आज भी ‘राम भरोसे’ है।

औद्योगिक सुरक्षा: लापरवाही या मजबूरी? (Industrial Safety Analysis)

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन (Production) के दबाव में अक्सर फर्नेस की लाइनिंग और कॉइल के रखरखाव (Maintenance) को नजरअंदाज कर दिया जाता है। फर्नेस की अंदरूनी परत का घिसना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन समय रहते इसे न बदलना सीधे तौर पर ‘क्रिमिनल नेग्लीजेन्स’ (Criminal Negligence) की श्रेणी में आता है।

निष्कर्ष (Conclusion) सुरक्षा तंत्र की विफलता

जांजगीर का यह हादसा एक चेतावनी है। प्रकाश इंडस्ट्रीज में शुक्रवार को जो हुआ, वह केवल एक ‘तकनीकी खराबी’ नहीं बल्कि सुरक्षा तंत्र की विफलता है। सक्ती के बाद जांजगीर में टला यह हादसा साफ संकेत दे रहा है कि औद्योगिक इकाइयों का ‘सेफ्टी ऑडिट’ (Safety Audit) केवल कागजों तक सीमित है। अगर प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो अगला धमाका शायद इतना ‘किस्मत वाला’ न हो कि कोई जान न जाए।

Call to Action: क्या उद्योगों में मुनाफे के लिए मजदूरों की जान से समझौता करना सही है? क्या प्रशासन को ऐसे लापरवाह उद्योगों का लाइसेंस रद्द कर देना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करें और औद्योगिक सुरक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर के लिए Chaturpost.com को सब्सक्राइब करें।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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