Chhattisgarhशासकीय आदेश व अधिसूचना

खनिज के अवैध परिवहन पर अब कम से कम 25 हजार जुर्माना; 2 लाख में छूटेगा जेसीबी, सरकार ने बदले नियम

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने गौण खनिजों (रेत, पत्थर, मुरूम आदि) के कारोबार को लेकर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। सरकार ने राज्य के खनिज नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है । इस नई अधिसूचना के जरिए अब पेनल्टी और जब्त वाहनों को छुड़ाने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है ।

क्या हैं नए नियम और क्या होगा असर?

  • अवैध परिवहन पर भारी जुर्माना: अब यदि कोई खनिज का अवैध परिवहन करते पकड़ा जाता है, तो उसे 2,000 रुपए प्रति टन की दर से शमन शुल्क (Compounding fee) देना होगा, जो कि न्यूनतम 25,000 रुपए होगा ।
  • जब्त मशीनों की होगी जल्द वापसी: पहले जब्त वाहनों या मशीनों को छुड़ाना एक लंबी प्रक्रिया थी, लेकिन अब सुरक्षा राशि जमा करके इन्हें अंतरिम अभिरक्षा (Interim custody) में मुक्त कराया जा सकेगा ।
  • सुरक्षा राशि का नया चार्ट: जेसीबी मशीन: 2 लाख रुपए
  • चैनमाउंटेन मशीन: 3 लाख रुपए
  • 25 टन से अधिक के वाहन: 2 लाख रुपए
    • 10 टन से अधिक और 25 टन तक के वाहन: 1.50 लाख रुपए
  • 10 टन तक के वाहन: 50,000 रुपए
  • ब्याज दर में बड़ी राहत: पहले नियमों के उल्लंघन पर लगने वाली 24% प्रति वर्ष की ब्याज दर को अब घटाकर 12% प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो व्यवसायियों के लिए बड़ी राहत है ।
  • काम में ढिलाई पड़ेगी भारी: अगर पट्टा मिलने के बाद लगातार 12 महीने तक उत्पादन या प्रेषण शुरू नहीं किया गया, तो पट्टा खुद-ब-खुद ‘व्यपगत’ (रद्द) मान लिया जाएगा ।

प्रमुख संशोधन और बदलाव

  • समेकित अनुज्ञप्ति (Composite Licence): निजी भूमि के मामलों में, अनुसूची-एक के भाग-क में वर्णित खनिजों को छोड़कर, शासन द्वारा निर्धारित दर पर प्रीमियम के भुगतान पर समेकित अनुज्ञप्ति प्रदान की जा सकेगी।
  • कार्यपालन प्रतिभूति (Performance Security):
    • समेकित अनुज्ञप्ति और उत्खनन पट्टे के लिए आशय पत्र जारी करने के पूर्व, आवेदक को सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी पत्र के 15 दिनों के भीतर अनुसूची-पांच में विनिर्दिष्ट राशि का डिमांड ड्राफ्ट या वैध बैंक गारंटी प्रस्तुत करनी होगी।
    • यह प्रतिभूति 3 वर्ष या अधिकतम अवधि के लिए होगी और पट्टे की पूर्ण अवधि के दौरान इसे बढ़ाया जाना सुनिश्चित करना होगा।
    • अधिसूचना के पहले जारी आशय पत्र के मामलों में, यह राशि अधिसूचना प्रकाशन से 6 माह के भीतर जमा करनी होगी।
  • सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority): अनुसूची-एक के भाग-ग तथा अनुसूची-दो के भाग-क के खनिजों के लिए, यदि क्षेत्र 10 हेक्टेयर तक है, तो कलेक्टर सक्षम प्राधिकारी होंगे। 10 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र होने पर संचालक, सक्षम प्राधिकारी होंगे।
  • भू-प्रवेश की अनुमति: कलेक्टर, छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 247 की उप-धारा (5) के प्रावधानों के अधीन, समेकित अनुज्ञप्ति या पट्टा क्षेत्र में भू-प्रवेश की अनुमति जारी कर सकेंगे।
  • अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर शास्ति (Penalty):
    • अवैध कार्य में लिप्त व्यक्ति को अधिनियम की धारा 21, 22, 23-क, 23-ख और 23-ग के अंतर्गत दण्डित किया जाएगा।
    • जप्त वाहनों और मशीनों को अंतरिम अभिरक्षा में मुक्त करने के लिए सुरक्षा राशि निर्धारित की गई है (जैसे 10 टन तक के लिए ₹50,000 और चैनमाउंटेन मशीन के लिए ₹3,00,000)।
    • अवैध परिवहन के मामले में प्रशमन राशि ₹2,000 प्रति टन (न्यूनतम ₹25,000) होगी।
  • पट्टा व्यपगत (Lapse of Lease): पट्टे के निष्पादन के बाद लगातार 12 माह तक उत्पादन और प्रेषण शुरू न करने या शुरू होने के बाद लगातार 12 माह तक बंद रखने पर पट्टा व्यपगत समझा जाएगा।
  • राज्य खनिज अन्वेषण न्यास: समेकित अनुज्ञप्ति, उत्खनन पट्टे एवं अनुमति पर छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास नियम, 2025 के सभी प्रावधान लागू होंगे।
  • अन्य महत्वपूर्ण परिवर्तन:
    • नियम 51(1)(घ) में ब्याज दर को 24% से घटाकर 12% प्रतिवर्ष कर दिया गया है।
    • नियम 58(2) के तहत उत्खनन अनुज्ञा पत्र की सीमा 1 हेक्टेयर से बढ़ाकर 2 हेक्टेयर और अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दी गई है।
    • नगर निकायों या पंचायतों के नियंत्रण वाले गौण खनिजों से प्राप्त राजस्व पहले राज्य की संचित निधि में जमा होगा, जिसका संवितरण राज्य शासन के मापदण्डों के अनुसार होगा।

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अनुसूची-चार (उत्खनन पट्टा शुल्क) में संशोधन: खनिजों की श्रेणियों के अनुसार प्रथम वर्ष के लिए पट्टा शुल्क ‘निरंक’ रखा गया है, जबकि दूसरे वर्ष से शुल्क लागू होगा। उदाहरण के लिए:

  • पत्थर (क्रशर के लिए): द्वितीय से तृतीय वर्ष ₹25,000/हेक्टेयर, चतुर्थ वर्ष और आगे ₹37,500/हेक्टेयर।
  • मुरूम: द्वितीय से तृतीय वर्ष ₹10,000/हेक्टेयर, चतुर्थ वर्ष और आगे ₹15,000/हेक्टेयर।

यह संशोधन नवा रायपुर में 22 जून 2026 को विनायक शर्मा, उप-सचिव, खनिज साधन विभाग द्वारा जारी किया गया है।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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