
Power Employees Protest रायपुर। छत्तीसगढ़ की बिजली कंपनियों (Power Companies) में जुलाई 2026 का महीना बड़े बदलावों और गहमागहमी का गवाह बनने वाला है। सरकारी बिजली कंपनियों के कर्मचारी अपनी मांगों के लिए पूरी तरह आक्रामक रुख अपना चुके हैं और प्रदेश में एक साथ तीन अलग-अलग मोर्चों पर आर-पार के आंदोलन (Massive Protest) की तैयारी पूरी कर ली गई है।
आंदोलन के तीन मुख्य मोर्चे (Triple Front Protest)
बिजली कंपनियों में पनपा असंतोष अब तीन स्पष्ट वर्गों में बट गया है, जो अपनी-अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाएंगे:
- 1. संविदा कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन: अपनी नियमितीकरण की मांग को लेकर संविदा कर्मचारी 1 जुलाई 2026 से नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठेंगे। पढ़ें विस्तार से
- 2. ओपीएस (OPS) बहाली का अधिकार मंच: 12 प्रमुख संगठनो ने मिलकर ‘विद्युत अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली अधिकार मंच’ का गठन किया है, जो ओपीएस बहाली के लिए चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। पढ़ें विस्तार से
- 3. सेवानिवृत्त कर्मचारियों का शक्ति प्रदर्शन: छत्तीसगढ़ विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी अधिकारी महासंघ ने अपनी लंबित समस्याओं के समाधान के लिए 10 जुलाई 2026 को पावर कंपनी मुख्यालय के सामने बड़ा धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। पढ़ें विस्तार से
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हरि चरण साहू ने प्रशासन को आगाह किया है कि कर्मचारियों में भारी आक्रोश (Massive Resentment) है। यद्यपि कर्मचारी बिजली आपूर्ति (Power Supply) को निर्बाध रखना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो किसी भी प्रकार की अव्यवस्था के लिए पूरी तरह शासन ही जिम्मेदार होगा।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या 1 जुलाई से शुरू होने वाले इन आंदोलनों के मद्देनजर सरकार कोई बीच का रास्ता निकालती है या बिजली व्यवस्था पर संकट के बादल और गहरे होंगे।







