
रायपुर (चतुरपोस्ट ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रदेश में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला आधिकारिक आंकड़ा सामने आया है। राज्य सरकार द्वारा सदन में दी गई लिखित जानकारी के अनुसार, जून 2026 की स्थिति में छत्तीसगढ़ में कुल 14,99,454 (लगभग 15 लाख) शिक्षित बेरोजगार युवा रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत हैं।
विधानसभा में ध्यानाकर्षण और अतारांकित प्रश्न संख्या 51 (क्र. 579) के तहत विधायक श्रीमती शेषराज हरवंश द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में कौशल विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब ने यह विस्तृत ब्यौरा पेश किया है। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, इन पंजीकृत बेरोजगारों में 7,10,561 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं, जो प्रदेश में रोजगार की इच्छुक हैं।
जनवरी 2024 से जून 2026 तक 7.22 लाख नए रजिस्ट्रेशन (New Registrations Data)
सदन में दी गई जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2024 से लेकर जून 2026 तक की अवधि में छत्तीसगढ़ में कुल 7,22,942 नए रोजगार इच्छुक युवाओं का पंजीयन किया गया है। वहीं, पंजीकृत बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिए जाने के सवाल पर कौशल विकास मंत्री ने स्पष्ट रूप से ‘जी नहीं’ कहते हुए साफ किया कि वर्तमान में ऐसी कोई योजना या भुगतान प्रक्रिया प्रस्तावित नहीं है।
इसके परिणामस्वरूप (Consequently), विपक्ष और युवा संगठनों के बीच प्रदेश में रोजगार सृजन और सरकारी भर्तियों की रफ्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बेरोजगारी के आंकड़ों की 3 सबसे बड़ी बातें (Key Highlights)
आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर छत्तीसगढ़ में वर्गवार बेरोजगारी की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
📊 छत्तीसगढ़ बेरोजगार वर्गवार सांख्यिकी (जून 2026):
- 1 ओबीसी और एसटी वर्ग में सबसे ज्यादा संख्या: कुल पंजीकृत युवाओं में सबसे बड़ा हिस्सा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का है, जिनकी संख्या 4,53,474 है। इसके ठीक बाद अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के 4,30,226 युवा पंजीकृत हैं।
- 2 सामान्य और एससी वर्ग के आंकड़े: प्रदेश में सामान्य वर्ग (General) से ताल्लुक रखने वाले 3,94,025 और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के 2,21,729 युवाओं ने रोजगार कार्यालयों में अपनी इंट्री कराई है।
- 3 महिला भागीदारी 47 फीसदी से अधिक: कुल 14.99 लाख पंजीकृत आवेदकों में से 7,10,561 महिलाएं हैं, जो यह साबित करता है कि छत्तीसगढ़ की आधी आबादी आत्मनिर्भर बनने और नौकरियों के लिए बड़े पैमाने पर प्रयासरत है।
जिलों की स्थिति: दुर्ग नंबर वन, नारायणपुर में सबसे कम बेरोजगार (District-wise Data Analysis)
इसके अतिरिक्त (In addition to this), जिलावार सूची को देखें तो मैदानी और औद्योगिक जिलों में रजिस्ट्रेशन का ग्राफ काफी ऊंचा है, जबकि बस्तर संभाग के जिलों में यह संख्या तुलनात्मक रूप से कम दर्ज की गई है:
| क्रमांक | जिले का नाम (District) | कुल पंजीकृत (Total Registered) | महिला आवेदक (Females) |
| 1 | दुर्ग | 1,06,416 | 56,451 |
| 2 | बिलासपुर | 96,838 | 42,797 |
| 3 | जांजगीर चाम्पा | 88,610 | 38,350 |
| 4 | रायपुर | 88,293 | 44,252 |
| 5 | बालोद | 85,179 | 40,803 |
| 6 | राजनांदगांव | 75,221 | 38,348 |
| 7 | बलोदा बाज़ार | 65,706 | 29,400 |
| 8 | धमतरी | 63,257 | 31,166 |
| 9 | कांकेर | 58,978 | 30,952 |
| 10 | कोरबा | 57,178 | 27,457 |
(नोट: सबसे कम पंजीकृत बेरोजगारों वाला जिला नारायणपुर है, जहां कुल पंजीकृत संख्या केवल 10,658 है। इसके बाद मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में 10,437 आवेदक दर्ज हैं। सूरजपुर में 41,646 और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 23,809 युवा पंजीकृत हैं।)
चतुरपोस्ट एनालिसिस: कौशल विकास और निजी निवेश की दरकार
एक न्यूज़ एडिटर के नजरिए से देखें तो लगभग 15 लाख पंजीकृत शिक्षित बेरोजगारों का यह आंकड़ा छत्तीसगढ़ जैसे विकासशील राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी दोनों को दर्शाता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इनमें से कई युवाओं को निजी क्षेत्रों और प्लेसमेंट कैंप के जरिए लगातार अवसर मिल रहे हैं। सरकार को आने वाले समय में केवल सरकारी पदों पर निर्भर रहने के बजाय स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) और औद्योगिक क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के लिए 100% रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में और तेजी से काम करना होगा।







