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CSPDCL रिश्‍वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया बिजली कंपनी का इंजीनियर, ACB ने किया गिरफ्तार 

ACB

CSPDCL  रायपुर। एंटी करप्‍शन ब्‍यूरो (एसीबी) की टीम ने बिजली वितरण कंपनी (सीएसपीडीसीएल) के एक सहायक अभियंता को 25 हजार रुपए की रिश्‍वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

एसीबी के अफसरों ने बताया कि चरोदा, भिलाई निवासी बी. शिवाजी ने एसी सर्विस का व्यवसाय चालू  करना चाहता था। इसके लिए उसे 12 किलोवाट थ्री-फेस बिजली कनेक्शन की आवश्यकता थी।  शिवाजी ने नए कनेक्‍शन के लिए राज्य विद्युत वितरण कंपनी चंगोराभाठा जोन में आवेदन किया।

थ्री फेस बिजली कनेक्शन देने के लिए चंगोराभाठा जोन में पदस्थ सहायक अभियंता प्रवीण साहू ने 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। शिवजी ने इसकी शिकायत एसीबी से कर दी। एसीबी ने शिकायत के सत्यापन बाद ट्रेप आयोजित कर सोमवार को रिश्वत की राशि 25,000 लेते हुये सहायक अभियंता प्रवीण साहू को रंगे हाथों पकड़ा।

CSPDCL  कोरबा में पटवारी हुआ ट्रेप

इसी तरह कोरबा में प्राथी समर सिंह, निवासी दुल्लापुर पाली, जिला कोरबा ने एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत की थी कि यह 40 वर्षों से ग्राम बुल्लापुर में करीब सवा तीन एकड़ जमीन पर काबिज होकर खेती कर रहा है। राजस्व रिकार्ड में प्रार्थी का नाम ऑनलाइन दर्ज करने के एवज में पाली में पदस्थ पटवारी सुल्तान सिंह बंजारा ने 25,000  रिश्वत की मांग की है। प्रार्थी पटवारी को रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि उसे रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था।

CSPDCL  इसलिए उसने एसीबी में शिकायत कर दी। शिकायत के सत्यापन बाद एसीबी बिलासपुर ने ट्रेप आयोजित कर आज रिश्वत की प्रथम किश्त 10,000 लेते हुये पटवारी सुल्तान सिंह बंजारा को रंगे हाथों पकड़ा गया।

इंडियन ओवरसीज बैंक फर्जी ज्वेल लोन केस में प्रबंधक और दो लिपिक गिरफ्तार

आर्थिक अपराध अन्‍वेषण ब्‍यूरो (ईओडब्‍ल्‍यू) ने इंडियन ओवरसीज  बैंक के मैनेजर और दो लिपिक को गिरफ्तार किया है। अफसरों ने बताया कि मामला 2022 का है। इसमें ईओडब्‍ल्‍यू ने 2023 में अपराध दर्ज किया था।

अफसरों ने बताया कि वर्ष 2022 में इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा राजिम, जिला गरियाबंद में खाताधारकों के बंद खातों के माध्यम से फर्जी ज्वेल लोन निकालकर बैंक अधिकारियों ने गबन कर स्वयं को लाभ पहुंचाने के लिए बैंक के सर्विलायंस और मॉनिटरिंग मैकेनिज्म को ब्रेक कर वेरिफिकेशन के प्रत्येक स्तर पर फर्जी अप्रूवल देकर गरीब किसानों के अकाउंट में लोन का पैसा डालकर हड़प लिया था।

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इस मामले में ब्‍यूरो ने पहले सहायक प्रबंधक अंकिता पाणिग्रही को गिरफ्तार किया था। पाणिग्रही के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए गए। आरोपियों ने फ्यूचर्स और ऑप्शन नामक ट्रेडिंग स्कीमों में 1.65 करोड़ रूपए लगाकर पूरा पैसा हार गए। इससे बैंक को आर्थिक हानि हुई। इस मामले में आज प्रबंधक सुनील कुमार को बिहार और लिपिक खेमन लाल कंवर व लिपिक योगेश पटेल को विधिवत गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड में लिया गया है।

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