
CSPDCL रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनी एक कार्यपालन अभियंता (EE) को जारी किया गया नोटिस चर्चा में है। वजह नोटिस की टाइमिंग है। रिटारमेंट की तारीख से दो दिन पहले ईई से नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया और रिटारमेंट के दिन जब विदाई दी जानी थी, उन्हें आरोप पत्र जारी कर दिया गया। आरोप लग रहा है कि यह सब परेशान करने के लिए किया गया है।
कर्तव्य दायित्व के निर्वहन में लापरवाही का आरोप
पूरा मामला राजनांदगांव क्षेत्र का है। कार्यपालन अभियंता पीसी साहू 31 जुलाई को रिटायर हुए, लेकिन इससे पहले अधीक्षण अभियंता (राजनांदगावं) ने 29 जुलाई को नोटिस जारी कर दिया। इंजीनियर साहू पर कर्तव्य दायित्व के निर्वहन में लापरवाही का आरोप लगा। इन आरोपों पर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा। इसके तीसरे तीन 31 जुलाई को कंपनी के मुख्य अभियंता (एचआर) ने आरोप पत्र जारी कर दिया। आरोप पत्र जारी होने के कारण इंजीनियर साहू के सभी भुगतान रोक दिए गए हैं।
CSPDCL इंजीनियर साहू आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप
इंजीनियर साहू पर आरोप है कि उनके कारण कंपनी को राजस्व का नुकसान हुआ है। पूरा मामला 2022-23 का है। तब इंजीनियर साहू डोंगरगांव में पदस्थ थे। इंजीनियर साहू को जारी आरोप पत्र में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल 1252 लोगों ने स्थायी कृषि पंप कनेक्शन के लिए आवेदन किया था।
इसमें से 568 आवेदकों के विरुद्ध जारी प्राक्कलनों में प्रति व्यक्ति अनुसार प्राक्कलन राशि एक लाख से कम होने के कारण बचत राशि जो कि सेविंग के रूप में जमा हुआ, जो कि कुल 1,43,78,717/- था। वहीं, 537 आवेदकों (जिसका प्राक्कलन राशि प्रति व्यक्ति एक लाख से अधिक होने के कारण) को सेविंग राशि 1,58,71,006/- का आवंटन किया गया है, जो कि कुल जमा राशि से 14,92,289/-अधिक है। प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हो रहा है कि जो भी जमा राशि से अतिरिक्त राशि का सेविंग राशि के रूप में आवंटित किया गया है. जो कंपनी नियम विरूद्ध है, जो भी अतिरिक्त राशि का आवंटन किया गया है वह राशि आवेदकों द्वारा पहले कंपनी खाते में जमा किया जाता, इसके बाद विस्तार कार्य के लिए अग्रिम कार्यवाही किया जाता।
अतिरिक्त आवंटित सेविंग राशि प्रथम दृष्टया सीधा-सीधा कंपनी को राजस्व की हानि हुई है। पांच आवेदकों को राशि 2.50,000/- का सेविंग प्रदान किया गया था. लेकिन आवेदकों द्वारा भुगतान योग्य शेष राशि 1.83.274/- का भुगतान नहीं किए जाने के कारण उन पांचों आवेदकों के विरूद्ध कार्यादेश जारी नहीं किया गया।
रिटारमेंट के तीन महीने पहले किया गया था रिलीव
डोंगरगढ़ में पदस्थ रहे इंजीनिर साहू का रिटारमेंट के कुछ महीने पहले राजनांदगांव स्थानांतरण किया गया था। इंजीनियर साहू का ट्रांसफर आर्डर जनवरी में जारी हुआ था, लेकिन मौखिक आदेश पर ट्रांसफर होल्ड कर दिया। अप्रैल में अचानक उन्हें रिलीव कर दिया गया। इंजीनियर साहू ने बिना किसी विरोध के राजनांदगांव में ज्वाइनिंग दे दी।
संगठन की तरफ से लड़ी जाएगी लड़ाई
अभियंता कल्याण संघ के अध्यक्ष इंजीनियर एनआर छीपा ने कहा कि इंजीनियर साहू हमारे संगठन के संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें जानबूझ कर मानसिक और आर्थिक रुप से परेशान करने किया जा रहा है। संगठन इस अन्याय को सहन नहीं करेगा। हम इसके खिलाफ कानूनी तरीके से लड़ाई लड़ेंगे।



