शासकीय आदेश व अधिसूचना

बड़ी खबर: नवा रायपुर Layer 3 विकास योजना को हरी झंडी, रमचंडी और बरौदा की 88 हेक्‍टेयर जमीन प्रभावित; देखें अपने प्लॉट का खसरा नंबर!

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक राजधानी नवा रायपुर से एक सबसे बड़ी प्रशासनिक और जमीन विकास से जुड़ी खबर सामने आ रही है। आवास एवं पर्यावरण विभाग (Housing and Environment Department) ने एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत नवा रायपुर अटल नगर के लेयर-III (Layer-III) क्षेत्र में प्रस्तावित ‘नगर विकास योजना’ (Town Development Scheme) के आशय की आधिकारिक घोषणा को मंजूरी दे दी है। छत्तीसगढ़ राजपत्र (Chhattisgarh Gazette) में प्रकाशित इस असाधारण अधिसूचना के बाद अब नया रायपुर के इस विशेष जोन में जमीनों के विकास और आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह बदल जाएगी।

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) द्वारा जारी की गई सूचना क्रमांक 3514 के तहत इस वृहद योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इस मास्टर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के दायरे में रायपुर जिले की तहसील मंदिर हसौद के अंतर्गत आने वाले दो प्रमुख गांवों की कुल 88.297 हेक्टेयर भूमि को शामिल किया गया है। यदि आपकी भी जमीन इस क्षेत्र में है, तो यह खबर आपके भविष्य के निवेश और भू-स्वामित्व (Land Ownership) को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाली है।

यह योजना छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (Chhattisgarh Town and Country Planning Act, 1973) की धारा 50 की उपधारा (2) के वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत लाई गई है। इसके लागू होने के बाद से प्रभावित क्षेत्रों में जमीनों के अनधिकृत क्रय-विक्रय और डायवर्जन पर पूरी तरह अंकुश लग जाएगा। प्राधिकरण अब इन क्षेत्रों को एक सुव्यवस्थित टाउनशिप और कमर्शियल हब के रूप में विकसित करेगा।

इन दो गांवों की जमीनों का होगा कायाकल्प: देखें कुल रकबा

नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (Nava Raipur Development Authority) के आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, इस योजना के तहत मुख्य रूप से मंदिर हसौद तहसील के दो गांवों को टारगेट किया गया है। प्राधिकरण ने इस टाउन डेवलपमेंट स्कीम के लिए निजी और शासकीय दोनों ही प्रकार की भूमियों का अधिग्रहण व पुनर्गठन करने का खाका तैयार किया है। प्रभावित गांवों की विस्तृत जानकारी इस प्रकार है:

  • ग्राम रमचंडी (मंदिर हसौद): इस ग्राम के अंतर्गत आने वाले सैकड़ों निजी खसरा नंबर और शासकीय संस्थानों की जमीनों को लेयर-3 के विकास के लिए चिन्हित किया गया है। यहाँ का कुल प्रभावित रकबा लगभग 48.065 हेक्टेयर है।
  • ग्राम बरौदा (मंदिर हसौद): बरौदा गांव की भी एक बड़ी हिस्सेदारी इस मास्टर प्लान का हिस्सा बनने जा रही है, जिसका कुल रकबा करीब 40.232 हेक्टेयर मापा गया है।
  • कुल प्रभावित क्षेत्र (Total Impacted Area): राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 88.297 हेक्टेयर भूमि पर इस नगर विकास योजना (Layout Plan) को विकसित करने का अंतिम आशय घोषित हुआ है।

प्रभावित जमीनों का संक्षिप्त वर्गीकरण (Classification of Land)

तहसील और ग्राम (Village)कुल प्रभावित रकबा (Hectare)भू-स्वामित्व प्रकार (Ownership)वर्तमान स्थिति (Status)
मंदिर हसौद / ग्राम रमचंडी48.065 हेक्‍टेयरनिजी एवं शासकीय (मिश्रित)योजना स्वीकृत
मंदिर हसौद / ग्राम बरौदा40.232 हेक्‍टेयरनिजी एवं शासकीय (मिश्रित)योजना स्वीकृत
कुल योग (Total Plan)88.297 हेक्‍टेयरलेयर-III टाउनशिप प्रोजेक्टराजपत्र में अधिसूचित

प्रभावित जमीनों का मालिकाना हक और अंतिम भूखंडों का आवंटन

इस अधिसूचना (Official Notification) की सबसे खास बात यह है कि प्रारूप नगर विकास योजना में अंतिम भूखंडों (Final Plots) का आवंटन पूरी तरह से वर्तमान भू-धारिता (Land Holding) के आधार पर किया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि वर्तमान में जो भी खसरा नंबर या खाता संख्या जिस किसान या निजी डेवलपर के नाम पर दर्ज है, उसे उसी के अनुपात में सुव्यवस्थित लेआउट में विकसित प्लॉट वापस लौटाए जाएंगे।

विशेष सचिव देवेन्द्र सिंह भारद्वाज के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश में साफ कहा गया है कि तालिका में दर्शाए गए विवरण में यदि किसी प्रकार की विसंगति (Discrepancy) है, तो भू-स्वामी उचित दस्तावेजों के साथ अपनी आपत्ति या दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, इस राजपत्र सूचना के प्रकाशन के पूर्व यदि किसी जमीन का उपविभाजन (Sub-division), बटांकन (Mutation) या एकत्रीकरण (Consolidation) हुआ है, तो उसे भी सुसंगत दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

Google Discover के लिए क्यों खास है Nava Raipur Layer 3 प्रोजेक्ट?

Secondary Keywords जैसे “Nava Raipur Real Estate Investment” और “Raipur Land Gazette Notification” के नजरिए से देखें तो यह पूरा प्रोजेक्ट रियल एस्टेट मार्केट में एक बड़ा बूम (Market Boom) लेकर आने वाला है। लेयर-3 को मुख्य रूप से पर्यावरण अनुकूल और हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर (High-Tech Infrastructure) के लिए रिजर्व किया गया है। इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में इन खसरा नंबरों वाली जमीनों की कीमतें आसमान छूने वाली हैं।

गूगल डिस्कवर (Google Discover) हमेशा ऐसे कंटेंट को प्रमोट करता है जो यूजर के स्थानीय हितों और वित्तीय फसलों से जुड़ा हो। छत्तीसगढ़ के नागरिक, विशेषकर रायपुर और दुर्ग-भिलाई के निवेशक, लगातार नवा रायपुर में निवेश (Investment in New Raipur) के अवसरों की तलाश में रहते हैं। ऐसे में राजपत्र के सीधे हवाले से दी गई यह जानकारी पाठकों के बीच चतुरपोस्ट की विश्वसनीयता (E-E-A-T) को उच्चतम स्तर पर स्थापित करती है।

भू-स्वामियों के लिए चतुरपोस्ट (chaturpost.com) की विशेष सलाह

यदि आपकी जमीन मंदिर हसौद के ग्राम रमचंडी या बरौदा में स्थित है, तो आपको तुरंत निम्नलिखित कदम (Action Steps) उठाने चाहिए:

  • अधिसूचना से मिलान: सबसे पहले छत्तीसगढ़ राजपत्र (Dated 20 May 2026) में प्रकाशित खसरा सूची से अपनी भूमि के ऋण पुस्तिका और बी-1 दस्तावेज का मिलान करें।
  • भू-स्वामित्व की स्थिति जांचें: यह सुनिश्चित करें कि रिकॉर्ड में आपकी जमीन ‘पूर्ण खसरा निजी’ के रूप में दर्ज है अथवा उसके किसी हिस्से (भाग) को शासकीय घोषित किया गया है।
  • दावा-आपत्ति अवधि: यदि आपके रिकॉर्ड या बटांकन (Mutation) में कोई अंतर है, तो सूचना जारी होने की तिथि से निर्धारित समय-सीमा के भीतर पर्यावास भवन, सेक्टर-19 स्थित NRANVP कार्यालय में लिखित आवेदन प्रस्तुत करें।

यह टाउन डेवलपमेंट स्कीम नवा रायपुर को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक और बड़ा कदम है। जमीनों के इस री-समीकरण और लेयर-3 के विकास से जुड़ी हर छोटी-बड़ी तकनीकी और प्रशासनिक अपडेट के लिए chaturpost.com के साथ बने रहें।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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