कर्मचारी हलचलराज्य

CG Budget 2026 विष्‍णु के बजट से शासकीय सेवकों की उम्‍मीदें: कर्मचारी नेताओं से जानिए क्‍या है उनकी अपेक्षाएं?  

80 महीने से ज्‍यादा का एरियर्स

CG Budget 2026 रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की विष्‍णुदेव साय सरकार 24 फरवरी को विधानसभा में वित्‍तीय वर्ष 2026-27 का अपना बजट पेश करेगी। यह विष्‍णुदेव साय सरकार का तीसरा बजट होगा। वित्‍त मंत्री ओपी चौधरी ने नए बजट को लेकर कुछ संकेत दिए हैं। यह बजट युवाओं, महिलाओं के साथ ही किसानों पर फोकस रह सकता है।

शासकीय सेवकों की उम्‍मीदें

विष्‍णुदेव सरकार के तीसरे बजट से प्रदेश के शासकीय सेवकों व पेंशनर्स के साथ ही सरकारी विभागों में दैनिक वेतन भोगी, अनियमित और प्लेसमेंट के जरिये काम कर रहे कर्मचारियों को भी बड़ी उम्मदें हैं। सभी चाहते हैं कि मोदी की गारंटी के तहत शासकीय सेवकों के लिए किए गए वादों को सरकार इस बजट में पूरा कर दे। इस सरकार की तरफ से अभी दो बजट पेश किया जाएगा, इसमें पांचवां बजट चुनावी साल में पेश होगा। इसे देखते हुए कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि सरकार इसी बजट में मोदी की गारंटी पूरी कर दे।

शासकीय सेवकों से किए गए थे ये वादें

भाजपा ने 2023 का अपना घोषणा पत्र मोदी की गारंटी के नाम से जारी किया था। इसमें शासकीय सेवकों से केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता (डीए) देने का वादा किया गया था। साथ ही डीए का एरियर्स भी देने का वादा भाजपा ने किया था। वहीं, प्रदेश में काम कर रहे अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा भी मोदी की गारंटी में शामिल था।

डीए और नियमितीकरण का वादा करें पूरा

शासकीय सेवकों के कर्मचारी संगठनों के सबसे बड़े संयुक्त संगठन कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि डीए, एरियर्स और नियमितीकरण की गारंटी भाजपा ने दी थी, लेकिन इसे पूरा कराने के लिए हमें संघर्ष करना पड़ रहा है। इन मांगों को लेकर बीते तीन साल से लगातार आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है।

80 महीने से ज्‍यादा का एरियर्स

फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि प्रदेश के लाखों शासकीय सेवक 81 महीने के एरियर्स का इंतजार कर रहे हैं। एरियर्स को लेकर हमने सरकार को विकल्प भी दिया है कि नगद भुगतान करने की बजाय सरकार इसे पीएफ में समायोजित कर दे। इसी तरह हजारों अनियमित कर्मचारी नियमितीकरण के आदेश की राह देख रहे हैं। उम्मीद कर रहे हैं कि अपने तीसरे बजट में सरकार मोदी की इन गारंटियों को पूरा करेगी।

समय पर मिले महंगाई राहत

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता और पेंशनर विजय झा कहते हैं कि इस प्रदेश में सबसे ज्यादा झल पेंशनर्स के साथ हो रहा है। सरकार ने केंद्र व राज्य सरकार के शासकीय सेवकों के बारबार महंगाई राहत (डीआर) देने का वादा किया था, लेकिन न तो समय पर डीआर मिल रहा है और न ही उसका एरियर्स अब तक मिल पाया है। हमारी मांग है कि सरकार इस बजट में पेंशनर्स के एरियर्स के लिए बजट का प्रवधान करे। मोदी की गारंट के तहत चार स्तरीय पदोन्नति और नियमितीकरण का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। विभागीय पदोन्नति और भर्तियां भी रुकी पड़ी है। इस बजट में सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।

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