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Electricity Supply Code बिजली आपूर्ति नियमों में एक साथ कई बदलाव: उपभोक्‍ताओं पर पड़ेगा सीधा असर

Electricity Supply Code  रायपुर। छत्‍तीसगढ़ राज्‍य विद्युत नियामक आयोग ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत आपूर्ति संहिता 2011 में संशोधन किया है। संहिता में किए गए बदलाव के संबंध में आयोग की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई है।  

इस वजह से किया गया बदला

आयोग की तरफ से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्रीय विद्युत मंत्रालय की तरफ से Ease of Living (जीवन को सुगम बनाने) के लिए बिजली आपूर्ति संहिता और अन्य संबंधित विनियमों में कुछ बदलावों की पहचान की गई है। इसके अनुसार  Ease of Living के लिए पहचाने गए बिंदुओं को शामिल करने के लिए आपूर्ति संहिता में यह संशोधन किया गया है।

यह पांचवां संशोधन

2011 में बने छत्‍तीसगढ़ राज्‍य विद्युत आपूर्ति संहिता में यह पांचवां संशोधन है। अधिसूचना के यह संशोधन इसके राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही लागू हो जाएगा। यह नियम पूरे राज्‍य में प्रभावशील होगा।

Electricity Supply Code  वोल्‍टेज और संविदा मांग में बदलाव

विद्युत्त आपूर्ति की वोल्टेजन्यूनतम संविदा मांगअधिकतम संविदा मांग
230 वोल्ट5 KW
400 बोल्ट200 HP तक या 150 KW
11 के.व्ही.60 KVA500 KVA
33 के.व्ही.60  KVA15000 KVA
132 के.व्ही4000 KVA40000 KVA
220 के.व्ही15000 KVA150000 KVA

रुफटाप सोलर को लेकर बदलाव

4.1 (E) यदि कोई उपभोक्ता 10 KW से अधिक क्षमता का Rooftop Solar PV System स्थापित करना चाहता है, तो निम्नलिखित अतिरिक्त प्रावधान लागू होंगे.

(1) कोई तकनीकी व्यवहार्यता (technical feasibility) जांच नहीं की जाएगी।

(ii) यदि संविदा मांग (contract demand) Rooftop Solar Plant की क्षमता से कम है जिसे उपभोक्ता स्थापित करना चाहता है, तो संविदा मांग को उस सीमा तक बढ़ाया हुआ माना जाएगा।

(ii) जिस मामले में उपभोक्ता की संविदा मांग को खंड (ii) के तहत कथित प्रावधान के अनुसार बढ़ाया जाता है. तो उपभोक्ता को आपूर्ति संहिता के प्रावधानों के अनुसार शुल्क वहन करना होगा।

(iv) उपभोक्ता को प्रावधान के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा राशि जमा (additional security) करने की आवश्यकता होगी।

Electricity Supply Code  सिंगल फेज को थ्री फेज कनेक्‍शन करना पड़ेगा

5 किलोवाट या उससे कम के स्वीकृत लोड वाले सिंगल फेज कनेक्शन के लिए, यदि उपभोक्ता 10 किलोवाट तक का Rooftop Solar PV System स्थापित करना चाहता है, तो ऐसे उपभोक्ता के लिए सिंगल फेज कनेक्शन को थ्री फेज में परिवर्तित करना आवश्यक है और जब तक यह रूपांतरण नहीं हो जाता, तब तक स्वचलित भार वृद्धि केवल 5 किलोवाट तक ही मान्य होगी। हालाँकि, जैसे ही उपभोक्ता अपने परिसर को श्री फेज कनेक्शन के लिए तैयार होने की सूचना देगा, अनुबंधित मांग को उस सीमा तक बढ़ा हुआ माना जाएगा।

मूल संहिता के संहिता 4.20 (ii) में नवीन परंतुक जोड़ा जाता है:

यदि कोई भी उपभोक्ता, घरेलू उपभोक्ता को छोडकर, एक ही परिसर में EV चार्जिग के लिए EV charging station स्थापित करने के लिए उपयुक्त मीटरिंग और मीटरिंग उपकरण के साथ अलग निम्नदाब (LT) / उच्चदाब (HT) कनेक्शन प्राप्त कर सकता है।

112 किलो वाट को किया गया 150 किला वाट

5. कोड 4.52 (i) में, जो तीसरे संशोधन संहिता द्वारा पहले ही प्रतिस्थापित किया जा चुका है, उसमें आने वाले शब्द “112 किलोवाट” को 150 किलोवाट” से बदला जाता है।

मूल संहिता के संहिता 7.16 (i) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाता है: उपभोक्ता के 150 किलोवाट तक के संबंद्ध भार तक के लिए निम्नदाब (LT) में परिवर्तित होने की अनुमति दी जा सकती है।

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