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बड़ी खुशखबरी: Railway Promotion Rule में बड़ा बदलाव, रेलवे कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता हुआ साफ, बोर्ड ने जारी किया नया आदेश

डिजिटल डेस्क (chaturpost.com) भारतीय रेलवे (Indian Railways) में नौकरी करने वाले और पदोन्नति का इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने लेवल-6 (Level-6) के पदों पर होने वाले प्रमोशन को लेकर चल रहे लंबे संशय को पूरी तरह से खत्म कर दिया है । बोर्ड द्वारा जारी इस नए स्पष्टीकरण के बाद अब कर्मचारियों के प्रमोशन (Promotion Channel) का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है ।

रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) के अधीनस्थ रेलवे बोर्ड ने एक ऑफिशियल लेटर जारी कर बताया है कि मुख्य वाणिज्यिक-सह-टिकट पर्यवेक्षक (Chief Commercial-cum-Ticket Supervisor – CCTS) के पदों को किस पद्धति से भरा जाएगा । अगर आप भी रेलवे कर्मचारी हैं या रेलवे के प्रशासनिक बदलावों (Railway Administration Updates) पर नजर रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए इस पूरे आदेश को विस्तार से समझते हैं।

क्या है रेलवे बोर्ड का नया आदेश? (RBE No. 35/2026)

रेलवे बोर्ड के उप निदेशक-III/ई (एनजी) अजय गोयल द्वारा हस्ताक्षरित आरबीई सं. 35/2026 (RBE No. 35/2026) के तहत सभी क्षेत्रीय रेलों और उत्पादन इकाइयों (All Zonal Railways and Production Units) के महाप्रबंधकों को निर्देश भेजे गए हैं ।

इस आधिकारिक पत्र (Official Circular) में स्पष्ट किया गया है कि एकीकृत संवर्ग (Integrated Cadre) में लेवल-6 के मुख्य वाणिज्यिक-सह-टिकट पर्यवेक्षक (CCTS) के 75 फीसदी प्रमोशन कोटा पदों को प्रवरण विधि‘ (Selection Method) के माध्यम से भरा जाएगा । इस स्पष्टीकरण के आने के बाद विभिन्न जोन में चल रहा कन्फ्यूजन पूरी तरह समाप्त हो गया है ।

क्यों पड़ी इस स्पष्टीकरण (Clarification) की जरूरत?

7वें केंद्रीय वेतन आयोग (7th Central Pay Commission – 7th CPC) की सिफारिशों के लागू होने के बाद रेलवे बोर्ड ने रेल सेवाओं में सुधार और काम को आसान बनाने के लिए तीन बड़े संवर्गों (Cadres) का आपस में विलय (Merger) करने का फैसला किया था । इन संवर्गों में शामिल थे:

  • टिकट जाँच कर्मचारी (Ticket Checking Staff)
  • वाणिज्यिक कर्मचारी (Commercial Staff)
  • पूछताछ सह आरक्षण क्लर्क (Enquiry-cum-Reservation Clerk – ECRC)

इस विलय को चरणबद्ध तरीके (Phased Manner) से लागू करने के लिए साल 2018, 2019 और जून 2023 में अलग-अलग आदेश (RBE No. 28/2018, RBE No. 59/2019, और RBE No. 85/2023) जारी किए गए थे । जून 2023 में ही संशोधित पदोन्नति चैनल चार्ट (Avenue of Promotion Chart – AVC) भी जारी किया गया था ।

लेकिन, हाल ही में कुछ क्षेत्रीय रेलों (Zonal Railways) ने बोर्ड के सामने यह शंका जताई थी कि लेवल-6 में इन 75 प्रतिशत पदों को ‘प्रवरण विधि’ (Selection Method) से भरा जाए या ‘अप्रवरण विधि’ (Non-Selection Method) से । इसी तकनीकी उलझन को दूर करने के लिए बोर्ड को यह नया Railway Promotion Rule स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा है ।

पदों को भरने का क्या है कोटा फॉर्मूला? (Vacancy Quota Distribution)

रेलवे बोर्ड ने अब साफ कर दिया है कि इस 75 प्रतिशत वाले सबसे बड़े कोटे के लिए प्रवर‘ (Selection) पद्धति का ही इस्तेमाल किया जाएगा, यानी कर्मचारियों का चयन उनकी योग्यता और तय प्रक्रियाओं के आधार पर होगा ।

चल रही प्रक्रियाओं पर क्या पड़ेगा असर?

रेलवे बोर्ड ने अपने आदेश के पैरा 4 में साफ तौर पर निर्देश दिए हैं ताकि वर्तमान में चल रही किसी भी भर्ती या पदोन्नति प्रक्रिया में कोई अराजकता या रुकावट न आए । बोर्ड ने दो प्रमुख बातें कही हैं:

  1. पहले से तय मामले नहीं खुलेंगे: जो मामले या प्रमोशन पहले ही तय (Settled Cases) किए जा चुके हैं, उन्हें दोबारा से खोलने (Reopen) की कोई आवश्यकता नहीं है ।
  2. चल रही गलत प्रक्रिया पर तुरंत रोक: यदि किसी जोन में इन पदों को ‘गैर-चयन’ या अप्रवरण (Non-Selection) के माध्यम से भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, तो उसे तुरंत प्रभाव से रोक दिया जाना चाहिए और आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए ।

इन प्रमुख संगठनों को भेजी गई आदेश की कॉपी

यह आदेश अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसकी प्रतियां रेलवे से जुड़े सभी बड़े मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों और यूनियनों को तत्काल भेज दी गई हैं ताकि निचले स्तर तक इसकी जानकारी पहुंच सके । इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन (AIRF)
  • नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR)
  • विभागीय एवं राष्ट्रीय परिषद (National Council)
  • फेडरेशन ऑफ रेलवे ऑफिसर्स एसोसिएशन (FROA)
  • इंडियन रेलवे प्रमोटी ऑफिसर्स फेडरेशन (IRPOF)
  • ऑल इंडिया एससी/एसटी रेलवे एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AISCSTREA)

कर्मचारियों के करियर पर क्या होगा इसका प्रभाव?

इस Railway Promotion Rule के स्पष्ट हो जाने से रेलवे के कमर्शियल और टिकट चेकिंग स्टाफ में करियर ग्रोथ (Career Growth) को लेकर पारदर्शिता आएगी। प्रवरण विधि (Selection Method) के लागू रहने से योग्य और वरिष्ठ कर्मचारियों को समय पर लेवल-6 (7वें वेतन आयोग के तहत एक महत्वपूर्ण ग्रेड) में अपग्रेड होने का मौका मिलेगा ।

विभिन्न रेल जोनों में प्रशासनिक देरी के कारण जो प्रमोशन अटके हुए थे, अब वे तेजी से पूरे हो सकेंगे। रेल मंत्रालय का यह कदम रेलवे में कामकाज की दक्षता (Operational Efficiency) बढ़ाने और कर्मचारियों के असंतोष को दूर करने की दिशा में एक बड़ा रिफॉर्म माना जा रहा है 。

निष्कर्ष: समय पर फैसला, बेहतर गवर्नेंस

चतुरपोस्ट (chaturpost.com) के इस विशेष बुलेटिन में हमने देखा कि कैसे रेलवे बोर्ड ने समय रहते एक बड़े नीतिगत संशय को दूर कर दिया है । इस फैसले से न केवल प्रशासनिक काम सुगम होंगे, बल्कि कर्मचारियों को भी अपने करियर पाथ (Career Path) को समझने में मदद मिलेगी । रेलवे भर्ती और प्रमोशन से जुड़ी ऐसी ही प्रामाणिक और सबसे तेज खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे वेब पोर्टल के साथ।

Railway Promotion Rule
रेलवे बोर्ड के आदेश की कॉपी

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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