शासकीय आदेश व अधिसूचना

Railway Board Order: रेलवे पटरियों पर मिलने वाले अज्ञात शवों के सम्मान के लिए रेलवे बोर्ड का बड़ा आदेश, कफन की राशि में भारी बढ़ोतरी

न्‍यूज डेस्‍क। भारतीय रेल मंत्रालय, रेल यात्रियों की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं (Humanitarian Compassion) से जुड़े मामलों पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इसी कड़ी में रेलवे बोर्ड की सुरक्षा शाखा (Security Branch) से एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। रेल मंत्रालय के अंतर्गत रेलवे बोर्ड ने पटरियों या रेलवे परिसर में मिलने वाले शवों के सम्मानजनक रखरखाव से जुड़ा एक नया आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किया है।

इस नए Railway Board Order के माध्यम से रेलवे प्रशासन ने दुर्घटनाओं या अन्य कारणों से दम तोड़ने वाले व्यक्तियों के शवों को ढंकने के लिए इस्तेमाल होने वाले कफन (Shroud) की खरीद राशि में बड़ी बढ़ोतरी करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड की तरफ से देश के सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों (General Managers) को बकायदा लिखित आदेश और दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। खबर को बिना क्रिस्प किए, हम इसके हर प्रशासनिक और नीतिगत पहलू की विस्तृत जानकारी नीचे साझा कर रहे हैं।

पुरानी दरों में संशोधन: अब मिलेंगे ₹7000 तक की वित्तीय मंजूरी

रेलवे बोर्ड के सुरक्षा (सीए) निदेशालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र संख्या No. 2012/Sec(CA)/50/4 के मुताबिक, रेलवे परिसरों और ट्रैक से मृत शरीरों को हटाते समय उनके सम्मान को बनाए रखने के लिए कफन की व्यवस्था की जाती है। पूर्व में इस कार्य के लिए तय की गई वित्तीय सीमा काफी कम थी, जिसे वर्तमान बाजार दरों और महंगाई को देखते हुए अब काफी बढ़ा दिया गया है

रेलवे बोर्ड के महानिरीक्षक/प्रशासन (IG/Admin) महेश्वर सिंह के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी इस नए आदेश के तहत कफन उपलब्ध कराने की मौजूदा दर (Existing Rate) को ₹5000/- से बढ़ाकर अब ₹7000/- या वास्तविक व्यय (जो भी कम हो) करने की प्रशासनिक मंजूरी (Administrative Approval) दे दी गई है। यह संशोधित दरें पूरे देश के सभी रेलवे जोनों में तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं

🔴 नए रेलवे बोर्ड आदेश की मुख्य बातें और वित्तीय नियम (Key Policy Highlights):

  • संशोधित वित्तीय सीमा: रेलवे पटरियों से शव हटाते समय कफन (Shroud) प्रदान करने की अधिकतम राशि अब ₹7000/- प्रति शव होगी।
  • वास्तविक खर्च का नियम: यदि कफन की व्यवस्था करने में वास्तविक खर्च ₹7000/- से कम आता है, तो वास्तविक व्यय (Actual Expenditure) के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा।
  • वित्त निदेशालय की सहमति: इस संवेनदनशील फैसले को रेल मंत्रालय के वित्त निदेशालय (Finance Directorate of Ministry of Railways) की पूर्ण लिखित सहमति के बाद ही अंतिम मंजूरी दी गई है।
  • अग्रसारित प्रतियां: नीतिगत पारदर्शिता और सुचारू क्रियान्वयन के लिए इस आदेश की कॉपियां सभी जोनल रेलवे के पीएफए (PFA), प्रधान लेखा परीक्षा निदेशक और पीसीएससी (PCSCs & PCCMs) को तत्काल कार्रवाई हेतु भेजी गई हैं।

संपादकीय निष्कर्ष: मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता

रेलवे के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पटरियों पर होने वाले हादसों के बाद अज्ञात शवों की गरिमा बनाए रखना रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय जीआरपी (GRP) के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। कई बार वित्तीय सीमाओं के कारण जमीनी स्तर पर अधिकारियों को कफन व अन्य तात्कालिक व्यवस्थाएं करने में व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

रेलवे बोर्ड के सदस्य (वित्त) के लिए प्रशांत अरोड़ा द्वारा भी इस फाइल को वित्तीय मंजूरी दे दी गई है, जो इस निर्णय की प्रामाणिकता (Authoritativeness) को पुष्ट करता है। बोर्ड का यह नया कदम यह स्पष्ट करता है कि भारतीय रेल न केवल परिचालन और राजस्व को गति दे रही है, बल्कि मानवीय मूल्यों और सामाजिक सरोकारों के प्रति भी उतनी ही सजग और संवेदनशील है।

Alos Read रेलवे बोर्ड का दोहरा आदेश जारी, बदल गया परीक्षा कंट्रोल रूम का पूरा ढांचा; भत्ता भी मंजूर

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
Back to top button