
न्यूज डेस्क । भारतीय रेल मंत्रालय के प्रशासनिक गलियारों से रेल कर्मचारियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए दो बेहद महत्वपूर्ण खबरें सामने आ रही हैं । रेल मंत्रालय के अंतर्गत रेलवे बोर्ड ने दो अलग-अलग आधिकारिक और बड़े फैसले लेते हुए नए दिशा-निर्देश (Official Guidelines) जारी किए हैं। इस नए Railway Board Order के जरिए जहां एक तरफ रेलवे भर्ती परीक्षाओं के संचालन को बेहद कड़ा और पारदर्शी बनाने के लिए कंट्रोल रूम के पूरे ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है, वहीं दूसरी तरफ पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में तैनात तकनीकी प्रशिक्षकों को बड़ी वित्तीय सौगात दी गई है।
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश सभी जोनल महाप्रबंधकों (General Managers) को भेज दिए गए हैं । इन दोनों ही फैसलों का दूरगामी असर रेलवे के आंतरिक प्रशासनिक तंत्र और परीक्षाओं के सुरक्षित संचालन पर पड़ने वाला है। खबर को क्रिस्प न करते हुए, हम इन दोनों फैसलों के एक-एक पहलू का बारीक विश्लेषण नीचे प्रस्तुत कर रहे हैं, ताकि रेलवे कर्मचारियों और पाठकों को पूरी जानकारी एक ही स्थान पर मिल सके।
पहला बड़ा आदेश: परीक्षाओं के लिए कंट्रोल रूम व्यवस्था में संशोधन (RBE No. 42/2026)
रेलवे बोर्ड के स्थापना निदेशालय द्वारा जारी पत्र संख्या No. E(G)2025/HO1/2 (RBE No. 42/2026) के अनुसार, रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और रेलवे भर्ती सेल (RRC) द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं के दौरान जोनल मुख्यालयों, डिवीजनों, आरआरबी कार्यालयों और रेलवे बोर्ड स्तर पर बनने वाले कंट्रोल रूम के मौजूदा सेटअप में बड़ा आधुनिकीकरण और संशोधन (Structural Modification) किया गया है ।
बोर्ड ने अपने पुराने आदेश (RBE No. 174/2018) को संशोधित करते हुए कंट्रोल रूम के मौजूदा अधिकारियों की टीम में नए पदों को जोड़ा है । इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक जैसी गतिविधियों को रोकना और रियल-टाइम मॉनिटरिंग को अत्यधिक मजबूत करना है। अब परीक्षाओं के दौरान कंट्रोल रूम न केवल प्रशासनिक नजर रखेगा बल्कि तकनीकी रूप से भी सुसज्जित रहेगा ।
🔷 कंट्रोल रूम सेटअप में हुए मुख्य बदलाव और भत्ते के नियम (Operational Structural Highlights):
- नए महत्वपूर्ण पदों का समावेश: रेलवे बोर्ड स्तर पर अब कंट्रोल रूम सेटअप में ED-II/E(RRB) और ई(आरआरबी) निदेशालय के JSA, SSA और स्टेनोग्राफर के पदों को आधिकारिक तौर पर जोड़ दिया गया है ।
- कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि: इस नए संशोधन के कारण रेलवे बोर्ड (E/RRB) के कंट्रोल रूम में तैनात रहने वाले कुल अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या पुरानी व्यवस्था के 6 से बढ़कर अब 8 हो गई है ।
- ग्रुप ‘सी‘ के समकक्ष मानदेय: आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कंट्रोल रूम में तैनात किए जाने वाले JSA/SSA/स्टेनोग्राफर को मिलने वाले मानदेय (Honorarium Rates) की दरें ग्रुप ‘सी’ (Group C) के कर्मचारियों के बिल्कुल समान होंगी ।
- शेष पदों का केवल री-डेजिग्नेशन: रेलवे बोर्ड ने साफ किया है कि इसके अलावा अन्य स्तरों पर केवल नए पदनाम (Designations) जोड़े गए हैं, वहां तैनात होने वाले कुल कर्मचारियों की संख्या में कोई अतिरिक्त बढ़ोत्तरी नहीं की गई है ।
रेलवे बोर्ड की डायरेक्टर नीलम यादव (Director/Estt. G) के हस्ताक्षरित इस आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यह संशोधित व्यवस्था लेवल-01 परीक्षा (CEN 08/2024) के प्रारंभ होने की तिथि यानी 27 नवंबर 2025 से ही प्रभावी मानी जाएगी और भविष्य में आने वाले सभी भर्ती ज्ञापनों (Subsequent CENs) पर भी समान रूप से लागू होगी । परीक्षा के दौरान कितने अधिकारियों को वास्तव में तैनात किया जाएगा, यह पूरी तरह से उस विशेष परीक्षा के शेड्यूल और अभ्यर्थियों की संख्या पर निर्भर करेगा ।
कंट्रोल रूम का नया पदक्रम और पे-लेवल ढांचा: एनेक्सचर-‘ए‘ की पूरी सूची
संशोधित आदेश के साथ जारी किए गए एनेक्सचर-‘ए’ के तहत विभिन्न स्तरों पर तैनात होने वाले अधिकारियों का पे-लेवल और पदानुक्रम (Pay Level and Hierarchy) भी स्पष्ट कर दिया गया है । परीक्षा संचालन के दिनों में कंट्रोल रूम के सुचारू संचालन के लिए इस पूरी तालिका को समझना बेहद जरूरी है:
| क्र.सं. | अधिकारी / कर्मचारी का पदनाम | संबंधित श्रेणी (Category) | सातवां वेतनमान पे-लेवल (Pay Level) |
| 1 | ADRM (अपर मंडल रेल प्रबंधक) | SAG (वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड) | लेवल 14 |
| 2 | Sr. DPO / DPO (वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी) | SG / JAG / सीनियर स्केल | लेवल 13 / 12 / 11 |
| 3 | Dy. CSC / ASC (उप मुख्य सुरक्षा आयुक्त) | SG / JAG / सीनियर स्केल | लेवल 13 / 12 / 11 |
| 4 | Group ‘B’ राजपत्रित अधिकारी | जूनियर स्केल / ग्रुप बी | लेवल 8 से 10 |
| 5 | Group ‘C’ तकनीकी कर्मचारी | गैर-राजपत्रित (Non-Gazetted) | लेवल 2 से 7 |
| 6 | MTS (मल्टी टास्किंग स्टाफ) | गैर-राजपत्रित (Non-Gazetted) | लेवल 1 |
दूसरा बड़ा आदेश: दानापुर के तकनीकी प्रशिक्षकों को 12% ट्रेनिंग अलाउंस की मंजूरी
इसी सिलसिले में रेलवे बोर्ड के स्थापना (ट्रेनिंग) निदेशालय से जारी एक अन्य आदेश के मुताबिक, पूर्व मध्य रेलवे (East Central Railway – ECR) के दानापुर मंडल को एक बड़ी कामयाबी मिली है। रेलवे बोर्ड की उप-निदेशक (ट्रेनिंग) नीलम शर्मा द्वारा हस्ताक्षरित आदेश के तहत दानापुर स्थित स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग सेंटर (STC)/S&T/ECR/Danapur के प्रिंसिपल और इंस्ट्रक्टर्स (प्रशिक्षकों) के लिए बहुप्रतीक्षित ट्रेनिंग अलाउंस को वित्तीय मंजूरी (Financial Sanction) दे दी गई है।
इस ऐतिहासिक फैसले के तहत केंद्र में पदस्थ 04 मुख्य इंस्ट्रक्टर्स को उनके मूल वेतन (Basic Pay) का 12 प्रतिशत मासिक प्रशिक्षण भत्ता के रूप में दिया जाएगा। यह आदेश पूरी तरह से प्रॉस्पेक्टिव इफेक्ट (Prospective Effect) यानी पत्र जारी होने की तिथि (20.05.2026) से ही लागू कर दिया गया है। इस वित्तीय भत्ते की मंजूरी मिलने से प्रशिक्षण केंद्र में कार्यरत स्टाफ के बीच भारी हर्ष का माहौल है, क्योंकि वे लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे।
🟢 ट्रेनिंग अलाउंस जारी करने की कड़ी शर्तें और नियम (Strict Institutional Compliance):
- पुराने बोर्ड आदेशों का कड़ाई से पालन: इस 12% भत्ते की मंजूरी पूरी तरह से बोर्ड के पुराने ऐतिहासिक निर्देशों जैसे RBE No. 24/2015 और RBE No. 127/2001 के तहत तय नियमों के अधीन होगी।
- इन निर्देशों का भी होगा कड़ाई से क्रियान्वयन: ट्रेनिंग सेंटर के प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि वे पत्र क्रमांक E(MPP)99/19/1Pt (RBE no. 49/2003) और RBE No. 145/2017 सहित RBE No. 104/2023 में वर्णित सभी शर्तों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें।
- वित्त निदेशालय की वित्तीय सहमति: यह वित्तीय आदेश रेल मंत्रालय के वित्त निदेशालय (Finance Directorate of the Ministry of Railways) की पूर्व लिखित सहमति और वित्तीय समीक्षा के बाद ही आधिकारिक तौर पर जारी किया गया है।
रेलवे यूनियनों और जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के इंसेंटिव और भत्तों से ट्रेनिंग संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों और इंस्ट्रक्टर्स की कार्यकुशलता और मनोबल में भारी वृद्धि होती है। दानापुर का यह स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग सेंटर सिग्नल एंड टेलीकॉम (S&T) क्षेत्र में नवनियुक्त रेल कर्मियों को उन्नत और आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए जाना जाता है, और अब इस भत्ते की मदद से वहां प्रशिक्षण के स्तर में और अधिक गुणात्मक सुधार देखने को मिलेगा।
संपादकीय निष्कर्ष: पारदर्शिता और सुधार की ओर बढ़ते कदम
रेलवे बोर्ड द्वारा एक ही सप्ताह के भीतर जारी किए गए ये दोनों आदेश दर्शाते हैं कि भारतीय रेल प्रशासन इस समय आंतरिक सुधारों (Internal Reforms) और सुरक्षा मानकों को लेकर बेहद गंभीर है। एक तरफ जहां परीक्षा कंट्रोल रूम का तकनीकी सुदृढ़ीकरण यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में होने वाली रेल भर्तियां पूरी तरह से निष्पक्ष और लीक-प्रूफ हों, वहीं दूसरी तरफ दानापुर जैसे प्रशिक्षण केंद्रों को मजबूत करना यह दिखाता है कि रेलवे अपने तकनीकी कार्यबल को आधुनिक बनाने के लिए लगातार निवेश कर रहा है। इन दोनों ही आदेशों की प्रतियां देश की प्रमुख रेलवे यूनियनों जैसे NFIR और AIRF को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु अग्रेषित कर दी गई हैं ताकि जमीनी स्तर पर इनका क्रियान्वयन बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।








