शासकीय आदेश व अधिसूचना

छत्‍तीसगढ़ में ‘लिफ्ट’ बना जानलेवा: IAS और नेता के फंसने के बाद जागा प्रशासन, जारी किए सख्त सुरक्षा निर्देश, सील करने की चेतावनी

रायपुर। राजधानी रायपुर के बहुमंजिला इमारतों में लिफ्ट का सफर अब और सुरक्षित होगा। बीते कुछ हफ्तों में राजधानी के विभिन्न कॉम्प्लेक्सों में लिफ्ट में लोगों के फंसने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने कड़ा रुख अपनाया है । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने भवनों में लिफ्ट सुरक्षा एवं संचालन के संबंध में नए अनिवार्य परामर्श जारी किए हैं ।

वीआईपी से लेकर आम नागरिक तक रहे दहशत में

हाल के दिनों में लिफ्ट के बीच में रुकने की घटनाओं ने शासन की नींद उड़ा दी है:

  • 20 अप्रैल 2026: वीआईपी रोड स्थित करेंसी टावर में असिस्टेंट चीफ सेक्रेटरी ऋचा शर्मा लिफ्ट में करीब 20 मिनट तक फंसी रहीं। पर्याप्त रोशनी और वेंटिलेशन न होने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी ।
  • 1 मई 2026: फाफाडीह स्थित पिथालिया कॉम्प्लेक्स की लिफ्ट में गार्गी परदेशी (पत्नी, आईएएस सिद्धार्थ कोमल परदेशी) 15-20 मिनट तक फंसी रहीं ।
  • 19 मई 2026: रजबंधा मैदान स्थित एक निजी कॉम्प्लेक्स में भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी सहित 8 लोग 15 मिनट तक लिफ्ट में बंद रहे, जिन्हें सुरक्षा गार्डों की मदद से बाहर निकाला गया ।

नए निर्देशों की मुख्य बातें शासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी:

·  अग्नि सुरक्षा का अनुपालन: सभी भवनों में राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC-2016) और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानकों के अनुरूप अग्नि सुरक्षा प्रणालियों (जैसे स्प्रिंकलर, फायर अलार्म, हाइड्रेट सिस्टम) की स्थापना और उनका नियमित रखरखाव अनिवार्य है।

·  लिफ्ट की सुरक्षा और संचालन: लिफ्ट में 24×7 कार्यशील इंटरकॉम, ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (ARD), और आपातकालीन बैकअप होना अनिवार्य है, ताकि तकनीकी खराबी की स्थिति में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।

·  वैधानिक जिम्मेदारी: भवन स्वामी, प्रबंधन समितियाँ, और अनुरक्षण एजेंसियां अग्नि और लिफ्ट सुरक्षा के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी हैं। नियमों के उल्लंघन या लापरवाही की स्थिति में भवन सील करने और दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।

·  नियमित ऑडिट और लॉगबुक: सुरक्षा उपकरणों का साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक निरीक्षण करना और उनका अभिलेख (Logbook) संधारित करना अनिवार्य है ताकि सुरक्षा मानकों की निरंतरता बनी रहे।

·  प्रशिक्षण और मॉकड्रिल: आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए वर्ष में कम से कम दो बार मॉकड्रिल करना अनिवार्य है।

उल्लंघन पर होगी सील बंदी

 नगरीय प्रशासन विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ, तो लिफ्ट को तत्काल प्रभाव से सील किया जा सकेगा । किसी भी दुर्घटना की स्थिति में भवन स्वामी, प्रबंधन समिति या अनुरक्षण एजेंसी सीधे उत्तरदायी होंगे और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी ।

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Lift safety Raipur

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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