Power Sector

Renewable Energy India में बड़ा उलटफेर, SECI का 5 GW मेगा प्लान और टाटा पावर की बंपर जीत से हिला बाजार!

नई दिल्ली, न्‍यूज डेस्‍क। भारतीय ऊर्जा क्षेत्र (Indian Power Sector) में ग्रीन एनर्जी (Green Energy) को बढ़ावा देने और देश की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार से लेकर निजी कंपनियां तक एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं। Renewable Energy India के विजन को गति देने के लिए सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) ने जहां महाराष्ट्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, वहीं देश के सबसे पुराने परमाणु संयंत्र (Nuclear Plant) को भी नया जीवन मिल गया है।

पावर सेक्टर की इन सभी बड़ी हलचलों, कानूनी फैसलों और कॉरपोरेट डील्स (Corporate Deals) की पूरी विस्तृत रिपोर्ट नीचे दी गई है, जो भारत के भविष्य को पूरी तरह बदलने वाली हैं।

1. SECI और MahaGenco के बीच 5 GW का ऐतिहासिक समझौता (MoU)

भारत में स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) को बढ़ावा देने के लिए सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SECI) और महाजेनको रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (MahaGenco REL) ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी के तहत महाराष्ट्र और पूरे देश में 5 GW (गीगावाट) क्षमता के रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स विकसित किए जाएंगे।

  • मुख्य फोकस क्षेत्र: इस सहयोग में फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी (FDRE), राउंड-द-क्लॉक (RTC) पावर प्रोजेक्ट्स और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) शामिल हैं।
  • भविष्य की तकनीक: इसके अलावा दोनों कंपनियां मिलकर ग्रीन हाइड्रोजन (Green Hydrogen) और ग्रीन अमोनिया के क्षेत्र में भी काम करेंगी।

2. CERC का सख्त रुख: जमीन की देरी या कोरोना का बहाना नहीं चलेगा

केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि हस्ताक्षरित बिजली खरीद समझौते (PPA – Power Purchase Agreement) से पीछे हटने के लिए कोई भी बहाना स्वीकार्य नहीं होगा। CERC ने एंजी ग्रुप (Engie Group) की सहायक कंपनी बीटम विंड एनर्जी (BWEPL) की याचिका को खारिज कर दिया है। BWEPL ने 200 मेगावाट के विंड प्रोजेक्ट के लिए SECI के साथ PPA करने से छूट मांगी थी।

  • जुर्माना: आयोग ने डेवलपर की दलीलों (जमीन अधिग्रहण में देरी और कोरोना महामारी) को खारिज करते हुए SECI को 12 करोड़ रुपये की बयाना राशि (EMD) और GST जब्त करने की अनुमति दे दी है।

3. CEA ने जारी किया नियमों का ड्राफ्ट (Draft Compendium)

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने अपनी विभिन्न नियमावलियों में परिभाषाओं को एक समान (Harmonise) करने के लिए एक ड्राफ्ट जारी किया है। जनवरी से मार्च 2026 के बीच एक तकनीकी समिति की समीक्षा के बाद इसे सार्वजनिक परामर्श के लिए लाया गया है।

  • नए शब्द शामिल: इसमें एक्टिव एनर्जी (Active Energy), एक्टिव पावर के साथ-साथ नए जमाने की तकनीकों जैसे साइबर सुरक्षा (Cyber Security), प्रोस्युमर (Prosumer) और एडवांस मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (AMI) को परिभाषित किया गया है।

4. कमर्शियल मार्केट में SECI की एंट्री, 700 MW का पहला एग्रीमेंट

SECI ने अब पारंपरिक बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) से आगे बढ़कर सीधे कमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल (C&I) सेगमेंट में कदम रख दिया है। SECI ने एक्मे क्लीनटेक सॉल्यूशंस (Acme Cleantech) के साथ 700 मेगावाट का टर्म शीट समझौता किया है। क्रिसिल (Crisil) की रिपोर्ट के अनुसार, C&I सेगमेंट में रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता वित्त वर्ष 2026 के 40 GW से बढ़कर वित्त वर्ष 2028 तक 57 GW होने की उम्मीद है।

5. भारत के सबसे पुराने तारापुर परमाणु संयंत्र (TAPS-2) को मिला नया जीवन

न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) ने तारापुर परमाणु ऊर्जा स्टेशन (TAPS) की यूनिट 2 को व्यापक आधुनिकीकरण (Refurbishment) के बाद नेशनल ग्रिड से सफलतापूर्वक जोड़ दिया है। परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) ने 7 मई 2026 को इसे अगले 10 वर्षों तक संचालित करने की अनुमति दी है। 1969 में शुरू हुए इस संयंत्र ने अब तक 100 अरब यूनिट से अधिक बिजली बनाई है और 86 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन को रोका है।

6. महाराष्ट्र और कर्नाटक ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स के लिए अडानी और PGCIL शॉर्टलिस्ट

पीएफसी कंसल्टिंग लिमिटेड (PFCCL) ने टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (TBCB) के तहत तीन बड़े ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स के लिए बोलीदाताओं को शॉर्टलिस्ट किया है। महाराष्ट्र के लातूर में 400/220/132 AIS सबस्टेशन योजना के लिए अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस (AESL), पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन (PGCIL) और MSETCL समेत कई कंपनियां रेस में हैं। यह प्रोजेक्ट लातूर और धाराशिव से 1-2 GW रिन्यूएबल एनर्जी की निकासी (Evacuation) में मदद करेगा।

7. डायमंड पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर जुटाएगी ₹2,000 करोड़ का फंड

केबल और ट्रांसफार्मर बनाने वाली प्रमुख कंपनी डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (Diamond Power) ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए ₹2,000 करोड़ जुटाने की योजना को मंजूरी दी है। पहले यह सीमा ₹1,000 करोड़ थी। कंपनी सेबी (SEBI) के मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नियमों का पालन करने के लिए यह इक्विटी शेयर जारी करेगी।

8. MSP स्टील ने किया ₹3.17 प्रति यूनिट पर 25 साल का सोलर PPA

एमएसपी स्टील एंड पावर लिमिटेड (MSP Steel) ने छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में विकसित हो रहे 70 मेगावाट के सोलर प्रोजेक्ट से बिजली लेने के लिए एलिवेट सोलर एनर्जी (Elevate Solar) के साथ 25 साल का समझौता किया है। कंपनी ₹3.17 प्रति यूनिट की फिक्स दर पर 10 MWp सोलर पावर खरीदेगी। इसके लिए वह एलिवेट सोलर में 26% की इक्विटी हिस्सेदारी भी खरीदेगी।

9. वारारी रिन्यूएबल ने APSPL में खरीदी 55% हिस्सेदारी

वारारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (WRTL) ने एसोसिएटेड पावर स्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड (APSPL) में 55% हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। मई 2026 में ₹1,225 करोड़ में हस्ताक्षरित इस सौदे के बाद APSPL अब वारारी की सब्सिडियरी बन गई है। इससे वारारी की पावर ट्रांसमिशन और रिन्यूएबल एनर्जी सप्लाई चेन (Supply Chain) में पकड़ मजबूत होगी।

10. ABB ने लॉन्च किया ‘प्रोटेयस’ पोर्टफोलियो

ग्लोबल टेक्नोलॉजी दिग्गज ABB ने यूटिलिटी-स्केल सोलर और एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के लिए अपना नया ‘प्रोटेयस’ (Proteus) फोटोवोल्टिक और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) पोर्टफोलियो बाजार में उतारा है। यह सिस्टम 99.45% तक की कार्यक्षमता (Efficiency) प्रदान करता है। इसे 22 से 25 जून 2026 तक म्यूनिख में होने वाली इंटरसोलर प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जाएगा।

11. भारत की सोलर सेल निर्माण क्षमता इस साल दोगुनी (60 GW) होगी: CRISIL

क्रिसिल रेटिंग्स (Crisil Ratings) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत की सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी इस वित्त वर्ष के अंत तक लगभग दोगुनी होकर 60 GW तक पहुंच सकती है। अप्रूव्ड लिस्ट ऑफ सेल मैन्युफैक्चरर्स (ALCM) के लागू होने से घरेलू निर्माताओं को बढ़ावा मिल रहा है। वित्त वर्ष 2027 में देश की 60-65 GW की मांग का आधा हिस्सा घरेलू स्तर पर पूरा होने की उम्मीद है।

12. टाटा पावर की बड़ी जीत: कर्नाटक में जीतेगी ₹521 करोड़ का ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट

टाटा पावर (Tata Power) को कर्नाटक के तुमकुर जिले के रायपते गांव में 2,000 मेगावाट के सोलर पार्क से जुड़े एक बड़े ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) मिल गया है। टाटा पावर ने इस रेस में अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस को पछाड़ दिया है।

📊 टाटा पावर के इस प्रोजेक्ट की मुख्य बातें:

  • मॉडल: यह प्रोजेक्ट बिल्ड-ओन-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOOT) आधार पर विकसित होगा।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर: इसके तहत लगभग 250 किमी लंबी ट्रांसमिशन लाइन और दो सबस्टेशन बनाए जाएंगे।
  • सालाना शुल्क: इस परियोजना का वार्षिक ट्रांसमिशन शुल्क ₹521.07 करोड़ तक है।
  • समय सीमा: इसे पूरा करने के लिए 30 महीने का समय तय किया गया है।

MNRE ने ग्रीन हाइड्रोजन के लिए जारी की नई गाइडलाइन्स

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने भारत की ग्रीन हाइड्रोजन प्रमाणन योजना (GHCI) के तहत पानी की सोर्सिंग और उसके ट्रीटमेंट से जुड़े ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन की गणना के लिए अंतिम दिशानिर्देश जारी किए हैं। 18 जून 2026 को जारी ये नियम ISO 19870:2023 के अनुरूप हैं। नए संयंत्रों को मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए 90 दिन और मौजूदा संयंत्रों को 180 दिन का समय दिया गया है।

चतुर विचार

Renewable Energy India का यह पूरा परिदृश्य दिखाता है कि भारत अब केवल पारंपरिक कोयला आधारित बिजली पर निर्भर नहीं रहना चाहता। नियामक संस्थाओं (जैसे CERC और CEA) की कड़ाई और टाटा, अडानी जैसी बड़ी कंपनियों के निवेश से यह साफ है कि भारत बहुत जल्द दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी हब बनने की ओर अग्रसर है। पाठकों को ऐसी ही सटीक और विश्वसनीय खबरों के लिए chaturpost.com को फॉलो करते रहना चाहिए।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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