Sanvida रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी विद्युत कंपनियों में काम करने वाले संविदा कर्मियों के वेतन व अन्य सुविधाओं को लेकर छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ ने कंपनी प्रबंधन को प्रस्ताव दिया है। इसमें कहा गया है कि महासंघ की अतिमहत्वपूर्ण मांग विद्युत कंपनी में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण के विषय पर आपके द्वारा अवगत कराया गया कि प्रबंधन इस विषय पर सकारात्मक सोच के साथ गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए निर्णय लिया जाएगा।
कंपनी प्रबंधन की तरफ से संविदा कर्मचारियों को देय मानदेय में वृद्धि, राष्ट्रीय अवकाश/त्योहारों में कार्य पर अतिरिक्त वेतन, बीमा आदि हितलाभों के विषय में विचार करते हुए समुचित निर्णय लिया जाएगा। संविदा कर्मचारियों को प्रस्तावित हितलाभ के संबंध में प्रस्ताव देने का अनुरोध किया गया था। तत्संबंध में महासंघ का संविदा कर्मचारियों के वेतन एवं अन्य हितलाभ के संबंध में सुझाव निम्न प्रकार है:-
वेतन :- विद्युत क्षेत्र एक जोखिम भरा कार्य क्षेत्र है विद्युत क्षेत्र में कार्य के दौरान दुर्घटना घटित होने पर कर्मचारी के साथ बहुत ही घातक स्थिति निर्मित होती है, कर्मचारी या तो कालकलवित हो जाता है और परिवार को अत्याधिक आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, या फिर मृत्यु को प्राप्त नहीं होने की स्थिति में अपंगता का शिकार हो जाता है और नारकीय जीवन जीने को मजबूर हो जाता है इस प्रकार चूंकि विद्युत कंपनी में कार्य अत्यंत ही जोखिम भरा है और खराब मौसम और अपात स्थितियों में 7×24 घंटे विद्युत सेवा अनवरत बनाए रखने तत्पर रहकर कार्य करना पड़ता है,
अतः विद्युत कंपनी में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की तुलना छत्तीसगढ़ सरकार के अन्य विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों से किया जाना प्राकृतिक न्याय के अनुसार न्याय संगत नहीं हो सकता है और सर्वथा अनुचित होगा। आज के महंगाई के दौर में विद्युत कंपनी में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को दिया जा रहा वेतन बहुत ही कम है, जिस कारण कर्मचारियों को अपनी पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन में अत्याधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महासंघ का मानना है कि संविदा कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन की पात्रता होनी चाहिए जिससे उनके सामाजिक स्तर में आवश्यक सुधार संभव हो सके, अतः महासंघ का संशोधित मानदेय के लिए सुझाव / प्रस्ताव निम्नप्रकार है :-
वर्तमान में प्रदाय संविदा पे + वर्तमान में देय 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता + 5 प्रतिशत फील्ड एलाउंस + मकान भत्ता + वाहन भत्ता + 16 प्रतिशत विशेष भत्ता (जो कि ट्रांसमिशन कंपनी में देय निर्धारित किया जाना उचित होगा।
उदाहरणार्थ:- यदि वर्तमान संविदा पे रू. 15650.00 है तो नवीन प्रस्तावित संविदा पे
संविदा पे रु.15650.00 + (रू.15650.00 x 58 प्रतिशत)
अर्थात रु. 15650.009077.00 = 24727.00
फील्ड एलाउंस रू. 24727.00 X 5 प्रतिशत = 1236.35
24727.00 X 10 प्रतिशत = 2472.70 मकान भत्ता
वाहन भत्ता – 850.00 (कंपनी वाहन का किसी कार्य में होने के दौरान उसी समय अन्य कार्य आ जाने की स्थिति में संविदा कर्मचारियों द्वारा स्वयं के वाहन का उपयोग किया जाता है अतः संविदा कर्मचारियों को भी वाहन भत्ता प्रदान किया जाना आवश्यक है।)
विशेष भत्ता 24727.00 X 16 प्रतिशत = 3956.32
प्रस्तावित कुल संविदा पे = 24727.00 + 1236.35 + 2472.70 + 850.00 + 3956.32 = 33242.37 पूर्णांक में रू. 33240.00 (तैतीस हजार दो सौ चालीस रुपए मात्र)
स्वास्थ बीमा :- जैसा कि पूर्व में उल्लेखित है विद्युत क्षेत्र में कार्य बहुत ही जोखिम भरा है कंपनी में आज तक कई संविदा कर्मचारी कार्य के दौरान दुर्घटना का शिकार होकर समुचित उपचार के अभाव में अपंगता का शिकार होकर नारकीय जीवन जीने बाध्य हो गए हैं। वर्तमान में संविदा कर्मचारियों को जिनका वेतन रू. 21000.00 या रू. 21000.00 से कम है, ऐसे कर्मचारी राज्य बीमा के अंतर्गत चिकित्सा सुविधा की पात्रता है।
महासंघ के द्वारा प्रस्तावित संविदा पे को लागू किये जाने की स्थिति में उपरोक्त संविदा कर्मचारी, कर्मचारी राज्य बीमा की श्रेणी से बाहर हो जाएगें। इस स्थिति में महासंघ का सुझाव है कि संविदा कर्मचारियों को विद्युत कंपनी के विडाल कैशलेश चिकित्सा सुविधा का लाभ निर्धारित अंशदान की कटौती उनके वेतन से करते हुए प्रदान की जाए ताकि दुर्घटनाग्रस्त कर्मचारी को समुचित उपचार उपलब्ध हो सके।
बीमा :- विद्युत क्षेत्र के जोखिम भरे कार्यों को पूरा करते आज तक कई संविदा कर्मचारी मृत्यु को प्राप्त हो चुके है। कर्मचारी की मृत्यु के पश्चात् उसके आश्रित परिवार को अत्याधिक आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। अतः कार्य के दौरान मृत्यु या पूर्ण अपंगता की स्थिति में में उसके आश्रित परिवार को कम से कम रू. 25 लाख की बीमा लाभ दिया जाए।
अतिरिक्त देयक :- राष्ट्रीय अवकाश/त्यौहारों में ड्यूटी कराने की स्थिति में उक्त कार्य के एवज में अतिरिक्त वेतन का भुगतान किया जाए।
अनुकंपा नियुक्ति :- वर्तमान में विद्युत कंपनी में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के कार्य के दौरान घातक विद्युत दुर्घटना के कारण मृत्यु होने पर उसके आश्रित परिवार के बालिग सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति का प्रवधान है। महासंघ का सुझाव है कि संविदा कर्मचारी की ऑफ ड्यूटी मृत्यु होने पर भी उसके आश्रित परिवार के बालिग सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए जिससे उसके मृत्यु के पश्चात् उसके परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना न पड़े।
महासंघ का सुझाव है कि उपरोक्त के अतिरिक्त समय-समय पर वृद्धि होने वाले महंगाई भत्ता को प्रतिवर्ष उनके मानदेय में जोड़कर प्रदान किया जाए।
छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ अपेक्षा करता है कि पॉवर कंपनी प्रबंधन महासंघ के द्वारा सुझाए गए प्रस्तावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए अतिशीघ्र संविदा कर्मचारियों के मानदेय में पुनरीक्षण करने सकारात्मक निर्णय लेते हुए अपने निर्णय से महासंघ को अवगत कराने की कृपा करेगा।