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विष्‍णु सरकार की नजर ग्लोबल मार्केट पर, नियमों में बड़ा बदलाव अब सीधे बढ़ेगा ‘आयात और निर्यात’, खुलेगा नौकरियों का पिटारा

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ में नया उद्योग (New Industry) शुरू करने वाले उद्यमियों और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद शानदार खबर है। राज्य सरकार ने अपनी प्रशासनिक व्यवस्था में एक ऐसा क्रांतिकारी सुधार किया है, जिससे प्रदेश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) यानी व्यापार करने की सुगमता को एक नई उड़ान मिलने वाली है।

दरअसल, सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के सचिव अविनाश चम्पावत द्वारा जारी एक ताजा अधिसूचना के अनुसार, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के आदेश से ‘कार्य आवंटन नियम’ में बड़ा फेरबदल किया गया है। इस बदलाव का सबसे बड़ा असर वाणिज्य और उद्योग विभाग के कामकाज पर पड़ने जा रहा है। सरकार के इस कदम से न केवल फाइलों का मूवमेंट तेज होगा, बल्कि लालफीताशाही (Red Tapism) से भी मुक्ति मिलेगी।

🚀 इन 3 बड़े बदलावों से बदलेगी छत्तीसगढ़ की तस्वीर:

  • चुटकियों में मिलेगी मंजूरी: निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) को कानूनी मजबूती मिलने से अब सिंगल विंडो सिस्टम के तहत उद्योगों की फाइलें नहीं अटकेंगी।
  • लोकल से ग्लोबल का सपना होगा सच: ‘आयात-निर्यात’ नीति पर सीधा फोकस होने से छत्तीसगढ़ के स्थानीय बिजनेस को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
  • नौकरियों की बौछार: MSME सेक्टर और औद्योगिक क्षेत्रों (CSIDC) में नियमों के सरलीकरण से नए कारखाने खुलेंगे, जिससे बंपर रोजगार सृजन होगा।

ग्लोबल मार्केट पर नजर: अब सीधे बढ़ेगा ‘आयात और निर्यात’

इस सरकारी फैसले का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि अब नीतिगत विषयों में सीधे “आयात और निर्यात” (Import and Export) को प्राथमिकता दी गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि छत्तीसगढ़ के स्थानीय उत्पादों, जैसे- कोसा सिल्क, हस्तशिल्प, वनोपज और कृषि उत्पादों को अब सीधे वैश्विक बाजार (Global Market) में भेजने के लिए नीतियां आसान बनाई जाएंगी। इससे स्थानीय व्यापारियों का मुनाफा दोगुना होने की उम्मीद है।

‘सिंगल विंडो’ को मिली असली ताकत, निवेशकों का बढ़ेगा भरोसा

अक्सर देखा जाता है कि उद्योग लगाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते निवेशक थक जाते हैं। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने आधिकारिक तौर पर ‘राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड’ (State Investment Promotion Board – SIPB) को नियमों की मुख्य धारा में शामिल कर लिया है

इसके साथ ही, नए नियमों में ‘छत्तीसगढ़ जन विश्वास अधिनियम 2025’ को भी जगह दी गई है। इससे व्यापारियों को छोटे-मोटे तकनीकी नियमों के उल्लंघन पर जेल या भारी जुर्माने के डर से मुक्ति मिलेगी, जिससे राज्य में बिजनेस फ्रेंडली माहौल (Business-Friendly Environment) बनेगा।

युवाओं को कैसे मिलेगा फायदा? (Employment Generation)

इस पूरी कवायद का सबसे बड़ा फायदा छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं को रोजगार (Employment) के रूप में मिलेगा। नए नियमों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (MSME) और छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) को पूरी तरह री-स्ट्रक्चर किया गया है

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जब नियमों की उलझनें खत्म होंगी, तो राज्य में छोटे और मध्यम उद्योगों का जाल बिछेगा। जितने ज्यादा नए उद्योग और स्टार्टअप्स (Startups) छत्तीसगढ़ में आएंगे, स्थानीय युवाओं के लिए उतने ही सम्मानजनक और हाई-पेइंग जॉब्स के अवसर पैदा होंगे।

Business Allocation
सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्यपाल के आदेश से नई अधिसूचना जारी की है।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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