कर्मचारी हलचल

Pensioners Association बिजली कंपनियों के रिटायर्ड कर्मचारियों की बढ़ी टेंशन: आयोग के सामने लगाई गुहार

Pensioners Association रायपुर। पड़ोसी राज्‍य उत्‍तर प्रदेश में बिजली कंपनियों के निजीकरण की तैयारी चल रही है। इसके खिलाफ वहां के बिजली कर्मियों ने मोर्चा खोल रखा है। यूपी में चल रही इस कवायद से देश के बाकी राज्‍यों के बिजली कर्मी भी दहशत में हैं। इस बात की आशंका बढ़ गई है कि यूपी के बाद उनके यहां भी पावर सेक्‍टर प्राइवेट हाथों में जा सकता है।

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पॉवर सेक्‍टर के निजीकरण से बिजली कंपनियों के न केवल मौजूदा कर्मचारी बल्कि रिटायर्ड इंजीनियर, अधिकारी और कर्मचारी भी चिंतित हैं। छत्‍तीसगढ़ के भी पावर कंपनियों के सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को निजीकरण का खतरा नजर आने लगा है। इसकी वजह से उन्‍हें अपने बूढापे की चिंता सताने लगी है। टेंशन में आए सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों ने विद्युत नियामक आयोग से गुहार लगाई है।

छत्‍तीसगढ़ में सेवानिवृत्‍त बिजली कर्मियों की संख्‍या

छत्‍तीसगढ़ राज्‍य विद्युत मंडल पेंशनर्स एसोसिएशन छत्‍तीसगढ़ में रिटायर्ड बिजली कर्मियों की संख्‍या 16 हजार 200 तक पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। इसमें इंजीनियर, अफसर और कर्मचारी शामिल हैं। इन्‍हें बिजली कंपनी में गठित पेंशन ट्रस्‍ट के माध्‍यम से पेंशन मिल रहा है।

Pensioners Association पेंशनर्स ने की 30 प्रतिशत ग्रांट बढ़ाने की मांग

विद्युत मंडल पेंशनर्स एसोसिएशन ने पेंशनर्स की बढ़ती संख्‍या को देखते हुए राज्‍य विद्युत नियामक आयोग से पेंशन ट्रस्‍ट को मिलने वाला ग्रांट 30 प्रतिशत बढ़ाने की मांग की है। एसोसिएशन ने यह मांग बिजली की नई दरों के निर्धारण के लिए हुई जनसुनवाई के दौरान की है।

एसोसिएशन कर रहा है एक मुश्‍त 10 हजार करोड़ देने की मांग

छत्‍तीसगढ़ पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्‍यक्ष हरिशचंद्र निषाद, महासचिव सुधीर नायक और संस्‍थापक एन.मल हैं, ज‍बकि पीएन सिंह इसके संरक्षक हैं। महासचिव श्री नायक की तरफ से आयोग को सौंपे गए ज्ञापन में पेंशन ट्रस्‍ट में एक मुश्‍त 10 हजार करोड़ रुपए डालने की मांग की गई है। यह मांग एसोसिएशन की तरफ से लंबे समय से की जा रही है।

Pensioners Association जानिए- आयोग को सौंपे ज्ञापन में क्‍या कहा है एसोसिएशन ने

एसोसिएशन की तरफ से बताया गया है फिलहाल पेंशन मिलने में किसी तरह की समस्‍या नहीं हो रही है, लेकिन 2028-29 तक पेंशनरों की संख्या और अधिक हो जाएगी जिससे पेंशन ट्रस्ट में खर्च बढ़ने वाला है। इसे देखते हुए ट्रस्‍ट को दिए जाने वाले ग्रांट में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए, ताकि 2028 तक पेंशन मिलने में किसी तरह की समस्‍या न हो।

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श्री नायक ने आयोग से कहा कि आज की स्थिति में विद्युत संस्थान के निजीकरण की स्थिति में करीब 16 हजार करोड रुपए की आवश्यकता पेंशन ट्रस्ट को है। यह रकम एक मुश्‍त नहीं दिया जा सकता। उन्‍होंने उत्‍तर प्रदेश के बाद देश के अन्‍य हिस्‍सों में पावर सेक्‍टर पर मंडरा रहे निजीकरण के खतरे का उल्‍लेख करते हुए कहा है कि इस परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमारा निवेदन है कि पेशनों का भविष्य गंभीर चिंता का विषय है इस के लिए  कोई ठोस कदम आपके की तरफ से जरूर लिए जाएंगे।

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