
DPI रायपुर। बच्चों के सर्वांगीण विकास का लक्ष्य ही शिक्षा का उद्देश्य है लेकिन DPI और SCERT की तरफ से लगातार कुछ आदेश और निर्देश प्रसारित किए जाते हैं जिससे इन उद्देश्यों में बाधा उत्पन्न होती है।
शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय ने दिनांक 22 जुलाई 2025 को पत्र जारी कर राज्य की सभी शालाओं में एससीईआरटी द्वारा जारी वार्षिक शाला कैलेण्डर व समय सारिणी को लागू करने का निर्देश दिया है। इसके कारण पूरे राज्य में शनिवार के शाला समय को लेकर 07 वर्ष पूर्व की भांति ही भ्रमपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई है क्योंकि शनिवार के दिन भी सप्ताह के अन्य दिनों की तरह समय सारिणी जारी किया गया है।
सरकार के स्थायी आदेश के विपरीत है डीपीआई का आदेश
असमंजस यह है कि शासन के स्थायी आदेश के अनुसार शनिवार को सुबह की पाली में शाला लगाएं या फिर लोक शिक्षण संचालनालय व एससीईआरटी के निर्देश के अनुसार 10 से 04 शाला लगाएं? बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु योग प्राणायाम , व अन्य गतिविधियों के लिए सुबह का समय ज्यादा उचित होता है अतः पूर्व की भांति शनिवार को सुबह 7:30 से 11:30 तक ही स्कूल लगाया जाए।
2018 तक रही भ्रम की स्थित
प्रांतीय महासचिव धर्मेश शर्मा ने बताया कि पूर्व में भी शाला संचालन समय व शनिवार को शाला समय को लेकर भ्रम व विवाद व भ्रम की स्थिति रहती थी। 07 वर्ष पूर्व शालेय शिक्षक संघ के हस्तक्षेप व अन्य संगठनों की मांग पर स्कूल शिक्षा विभाग ने स्थायी आदेश क्र एफ 5-39/2017/20/ तीन दिनांक 01/09/2018 जारी करके विवाद व भ्रम को समाप्त किया था किंतु स्थायी शासनादेश को अधिक्रमित करते हुए एस सी ई आर टी द्वारा जारी समय सारिणी व लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश दिनांक 22/07/2025 ने पुनः भ्रम व विवाद की स्थिति निर्मित कर दी है।
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शालेय शिक्षक संघ प्रदेश मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने मांग की है कि विभाग स्थिति को स्पष्ट करते हुए स्थायी शासनादेश को अविलंब लागू करें तथा शनिवार को पूर्वानुसार सुबह की पाली में शाला संचालन सुनिश्चित करें।




