
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में साइबर अपराधियों (Cyber Criminals) ने ठगी का एक नया और हैरान कर देने वाला तरीका अपनाया है। खुद को बिजली कंपनी का कर्मचारी बताकर ठगों ने स्मार्ट मीटर लगाने का झांसा दिया और एक गृहणी के जीवन भर की जमा पूंजी पर हाथ साफ कर दिया। यह सनसनीखेज मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के बजरंग नगर आवासपारा से सामने आया है।
स्मार्ट मीटर का झांसा और 13 रुपए का खेल (Modus Operandi)
पीड़िता सरस्वती देवी ने पुलिस को बताया कि ठगों ने उनके बेटे के मोबाइल पर कॉल किया। फोन करने वाले ने खुद को बिजली कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि कंपनी की तरफ से नया ‘स्मार्ट बिजली मीटर’ लगाया जाना है । इसके लिए प्रक्रिया शुल्क (Processing Fee) के तौर पर मात्र 13 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया।
बातों में उलझाकर पूछा एटीएम कोड (The Trap)
ठगों ने महिला को अपनी बातों के जाल (Verbal Trap) में फंसा लिया और भरोसे में लेकर उनके ATM कार्ड के अंतिम चार अंक पूछ लिए । परिवार ने इसे एक सामान्य सरकारी प्रक्रिया (Official Process) समझकर जानकारी साझा कर दी। बस फिर क्या था, इसी छोटी सी गलती का फायदा उठाकर अपराधियों ने महिला के खाते से दो बार में कुल 69,998 रुपए पार कर दिए ।
बैंक स्टेटमेंट ने खोला राज (Investigation)
हैरानी की बात यह है कि पैसे कटने के समय पीड़िता को मोबाइल पर कोई मैसेज नहीं मिला। जब 8 मई को बैंक स्टेटमेंट (Bank Statement) निकलवाया गया, तब इस बड़ी ठगी का खुलासा हुआ । खाते से गायब रकम देख परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
सिरगिट्टी पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज कर लिया है ।
बिजली कंपनी के एमडी की अपील (Expert View)
वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर ने उपभोक्ताओं को आगाह किया है कि वे इस तरह के कॉल या मैसेज के झांसे में न आएं । कंपनी कभी भी निजी तौर पर फोन करके बैंकिंग जानकारी नहीं मांगती है।
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Chatur विचार
यह रिपोर्ट पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर और बिजली विभाग (CSPDCL) द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों के आधार पर तैयार की गई है। इस खबर का उद्देश्य पाठकों को जागरूक करना और डिजिटल लेनदेन में सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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