Power Sector

CSPTCL ने राज्‍य 5 जिलों को दी बड़ी सौगात, पावर ग्रिड की नई डबल सर्किट लाइन शुरू, MD शुक्‍ला ने किया ऊर्जीकृत

रायपुर। छत्तीसगढ़ के 5 जिलों के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद बड़ी खुशखबरी (Mega News) सामने आ रही है। राज्य में बढ़ती गर्मी और बिजली की भारी मांग के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने एक ऐतिहासिक सफलता (Historic Achievement) हासिल की है। प्रदेश की विद्युत आपूर्ति क्षमता (Power Supply Capacity) को हाई-टेक और सुपरफास्ट बनाने के लिए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है।

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पावर ग्रिड के 765 केवी उपकेंद्र धमधा से स्टेट ग्रिड के लिए 220 केवी गैंदपुर की नई डबल सर्किट लाइन (Double Circuit Line) को पूरी तरह से स्थापित कर ऊर्जीकृत (Energized) कर दिया गया है। इस आधुनिक तकनीक के शुरू होने से अब केंद्रीय ग्रिड से सीधे छत्तीसगढ़ को भारी मात्रा में अतिरिक्त बिजली मिल सकेगी। इसका सीधा फायदा प्रदेश के 5 बड़े जिलों को मिलेगा, जहां अब वोल्टेज की समस्या और अघोषित बिजली कटौती गुजरे जमाने की बात हो जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सुबोध कुमार सिंह के विजन से मिली सफलता

छत्तीसगढ़ में मजबूत विद्युत अधोसंरचना (Power Infrastructure) का निर्माण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। यह बड़ी कामयाबी माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह के कुशल निर्देशन व कड़े मार्गदर्शन में हासिल हुई है।

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इस नई ट्रांसमिशन लाइन (Transmission Line) को धरातल पर उतारने और इसे सफलतापूर्वक चालू करने में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक (MD) राजेश कुमार शुक्ला की अहम भूमिका रही। शुक्ला ने स्वयं अपने हाथों से इस महत्वपूर्ण लाइन को ऊर्जीकृत कर प्रदेश की जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने विभाग के इंजीनियरों और कर्मचारियों की पीठ थपथपाई।

धमधा-गैंदपुर लाइन का सफल सिंक्रोनाइजेशन: जानिए क्या तकनीक बदली?

प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने इस गौरवशाली अवसर पर प्रोजेक्ट की तकनीकी बारीकियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि दुर्ग जिले के धमधा-मेड़ेसरा स्थित पावर ग्रिड के 765/400/220 केवी उपकेंद्र से 220 केवी धमधा–गेंदपुर ट्रांसमिशन लाइन का सफल चार्जिंग एवं सिंक्रोनाइजेशन (Charging and Synchronization) कर दिया गया है।

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यह ग्रिड प्रबंधन की दिशा में एक बहुत बड़ा तकनीकी सुधार (Technical Upgradation) है। इस डबल सर्किट लाइन के ऊर्जीकृत होने से 220 केवी के चार बड़े उपकेंद्र (Sub-stations) आपस में मजबूती से जुड़ गए हैं। इनमें गैंदपुर (कवर्धा), मुंगेली, बेमेतरा और सुहेला शामिल हैं। इन पावर स्टेशनों के बीच अब बिजली का आदान-प्रदान (Power Exchange) पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और सुरक्षित हो जाएगा।

इन 5 जिलों के उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा फायदा (Targeted Districts)

इस नई ग्रिड प्रणाली के एक्टिवेट होने से छत्तीसगढ़ के पांच प्रमुख जिलों की विद्युत आपूर्ति (Electricity Supply) पूरी तरह से बदल जाएगी। अब इन जिलों में गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति (Quality Power Supply) सुनिश्चित की जा सकेगी:

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  • राजनांदगांव (Rajnandgaon): औद्योगिक और घरेलू क्षेत्रों में लो-वोल्टेज की समस्या का स्थाई समाधान होगा।
  • कवर्धा (Kawardha): कृषि पंपों और ग्रामीण इलाकों को बिना रुकावट 24 घंटे बिजली मिलेगी।
  • मुंगेली (Mungeli): तेज आंधी-तूफान के दौरान भी ग्रिड फेल होने का खतरा न्यूनतम हो जाएगा।
  • बेमेतरा (Bemetara): स्थानीय सब-स्टेशनों पर लोड कम होने से ट्रांसफार्मर जलने की शिकायतें बंद होंगी।
  • बलौदाबाजार-भाठापारा (Balodabazar-Bhatapara): सीमेंट उद्योगों और बड़े कमर्शियल हब को निर्बाध बिजली मिलेगी।

ग्रिड बैकअप सिस्टम: तकनीकी खराबी आने पर भी नहीं गुल होगी बिजली

इस नई डबल सर्किट लाइन की सबसे बड़ी खासियत इसका बैकअप सिस्टम (Grid Backup System) है। यदि भविष्य में धमधा-गैंदपुर लाइन में कोई बड़ी तकनीकी खराबी या फॉल्ट आता है, तब भी इन पांचों जिलों की बिजली गुल नहीं होगी।

नई प्रणाली के तहत ऑटोमैटिक रूट डायवर्जन के जरिए दूसरे ग्रिड से बिजली की सप्लाई तुरंत शुरू हो जाएगी। यह निर्बाध विद्युत आपूर्ति (Uninterrupted Power Supply) सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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यह एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर छत्तीसगढ़ के तीन बड़े स्तंभों को सबसे ज्यादा मजबूती देगा:

  1. औद्योगिक उपभोक्ता (Industrial Consumers): उद्योगों को बिना ट्रिपिंग के लगातार पावर मिलेगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा।
  2. कृषि उपभोक्ता (Agricultural Consumers): किसानों को सिंचाई के समय फुल वोल्टेज बिजली मिलेगी।
  3. घरेलू उपभोक्ता (Domestic Consumers): भीषण गर्मी में बार-बार होने वाली कटौती से पूरी तरह राहत मिलेगी।

वरिष्ठ अधिकारियों की टीम रही मौजूद

इस ऐतिहासिक और सफल टेस्टिंग के दौरान छत्तीसगढ़ पावर कंपनी के कई दिग्गज और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को रिकॉर्ड समय में पूरा करने में दिन-रात एक कर दिया।

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इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (लाइन) संजय पटेल, कार्यपालक निदेशक (पीसी एवं आरए) के. एस. मनोठिया, कार्यपालक निदेशक (ट्रांसमिशन) वी. के. दीक्षित, मुख्य अभियंता (प्रोजेक्ट) पी. गोसावी, मुख्य अभियंता (सब-स्टेशन) अब्राहम वर्गीस, अतिरिक्त मुख्य अभियंता मनोज राय सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इन सभी अधिकारियों और उनकी इंजीनियरिंग टीम की कड़ी मेहनत के कारण ही आज छत्तीसगढ़ का स्टेट ग्रिड (State Grid) राष्ट्रीय स्तर के मापदंडों पर खरा उतरने के लिए तैयार हो चुका है। इस नई ट्रांसमिशन लाइन के चालू होने से पूरे छत्तीसगढ़ के विकास को एक नई गति मिलेगी।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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