राजनीति

छत्‍तीसगढ़ में कल से महा-आंदोलन! सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस, पेट्रोल पंप, किराना और सराफा बाजार ठप्प करने की बड़ी तैयारी, लगातार 4 दिनों तक चलेगा आंदोलन

रायपुर। केंद्र सरकार की नीतियों और लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ अब विपक्ष ने पूरी तरह से मोर्चा खोल दिया है। देश और प्रदेश में पेट्रोल-डीजल, रसोई के राशन, खाद्य सामग्री और आसमान छूते सोने-चांदी (सराफा) के दामों ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है।

इस चौतरफा आर्थिक संकट को देखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने एक बड़ा फैसला (Major Decision) लिया है। कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेश में 17 मई 2026 से चार दिवसीय राष्ट्रव्यापी और प्रदेशव्यापी मूल्य वृद्धि विरोध (Price Hike Protest) आंदोलन शुरू करने जा रही है। यह आंदोलन जिला और ब्लॉक मुख्यालयों में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में सियासी पारा चढ़ना तय माना जा रहा है।

आम जनता के आर्थिक संकट को बनाया मुख्य मुद्दा

कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र की भाजपा सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण आज मध्यम वर्ग, गरीब मजदूर, किसान और छोटे व्यापारी गंभीर आर्थिक मंदी (Economic Distress) के दौर से गुजर रहे हैं। आवश्यक वस्तुओं (Essential Commodities) की कीमतें हर दिन रिकॉर्ड तोड़ रही हैं, जिससे आम नागरिकों में भारी आक्रोश है।

इसी जन-आक्रोश को आवाज देने के लिए पीसीसी चीफ दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता, विधायक, पूर्व विधायक और जमीनी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे। इस राजनीतिक आंदोलन (Political Agitation) को धार देने के लिए बाकायदा 17 मई से 20 मई 2026 तक का एक विस्तृत और कड़ा शेड्यूल जारी किया गया है।

4 दिनों का पूरा शेड्यूल: जानिए कब, कहां और कैसे होगा प्रदर्शन

कांग्रेस ने इस बार अपने आंदोलन की रणनीति को बेहद हाई-टेक और जमीनी स्तर पर तैयार किया है। इस सार्वजनिक विरोध (Public Protest) के तहत हर दिन अलग-अलग सेक्टरों को टारगेट किया जाएगा:

17 मई 2026: पेट्रोल पंपों पर कड़ा पहरा और स्लोगन वार

आंदोलन के पहले दिन पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों तथा कृत्रिम किल्लत के विरोध में प्रदेश भर के मुख्य पेट्रोल पंपों के सामने धरना दिया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां, बैनर और तीखे स्लोगन लेकर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान पेट्रोल पंप पर आने वाली आम जनता से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा और उनके दर्द को सोशल मीडिया पर लाइव या वीडियो फॉर्मेट में अपलोड किया जाएगा।

18 मई 2026: किराना बाजारों में थाली बजाओ प्रदर्शन

दूसरे दिन का फोकस सीधे तौर पर आम आदमी की रसोई पर होगा। खाद्य तेल, दाल, चावल और रोजमर्रा के राशन की बढ़ती कीमतों के विरोध में स्थानीय किराना बाजारों में हल्ला बोला जाएगा। कांग्रेस के नेता किराना व्यवसायियों और सामान खरीदने आई महिलाओं से चर्चा कर महंगाई के वास्तविक असर का डिजिटल कैंपेन (Digital Campaign) चलाएंगे।

19 मई 2026: सराफा बाजारों में सन्नाटा, व्यापारियों के साथ एकजुटता

सोने-चांदी की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल के कारण आम लोगों के लिए शादी-ब्याह में जेवर खरीदना असंभव हो गया है। कांग्रेस का मानना है कि इससे सराफा बाजार पूरी तरह ठप्प होने की कगार पर है और कारीगरों के सामने रोजी-रोटी का संकट (Livelihood Crisis) खड़ा हो गया है। इसके विरोध में 19 मई को सराफा बाजारों में प्रदर्शन कर व्यापारियों और कर्मचारियों के साथ चर्चा की जाएगी।

20 मई 2026: सोशल मीडिया पर डिजिटल स्ट्राइक

आंदोलन के अंतिम दिन ग्राउंड पर जुटाए गए सभी वीडियो, जनता की बाइट्स और प्रदर्शन की तस्वीरों को फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) सहित सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक साथ वायरल किया जाएगा। इसमें बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेताओं की सक्रिय भागीदारी (Active Participation) अनिवार्य की गई है।

मोर्चा संगठनों को अलग-अलग स्थानों की जिम्मेदारी

इस आंदोलन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए कांग्रेस के सभी मोर्चा संगठनों (Frontal Organizations) को अलग-अलग मोर्चों पर तैनात किया गया है। हर विंग अपने-अपने स्तर पर स्वतंत्र रूप से लेकिन एक ही थीम पर प्रदर्शन करेगी।

  • युवा कांग्रेस और एनएसयूआई (Youth Congress & NSUI): युवाओं की टोली पेट्रोल पंपों और डिजिटल विंग को संभालने का काम करेगी।
  • महिला कांग्रेस (Mahila Congress): घरेलू रसोई गैस और खाद्य सामग्रियों की कीमतों पर किराना बाजारों में कमान संभालेगी।
  • किसान कांग्रेस और अन्य प्रकोष्ठ (Farmers Congress & Cell): ग्रामीण इलाकों और ब्लॉक स्तर पर किसानों एवं मजदूरों को एकजुट करने का काम करेंगे।

कांग्रेस संगठन का पूरा ढांचा इस प्रकार रहेगा सक्रिय

इस आंदोलन में नीचे से लेकर ऊपर तक के संगठन को पूरी ताकत झोंकने के निर्देश दिए गए हैं:

E-E-A-T और एडिटर टेक: क्या इस आंदोलन से बैकफुट पर आएगी सरकार?

एक वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक और न्यूज एडिटर के दृष्टिकोण से देखा जाए, तो छत्तीसगढ़ में इस समय बढ़ती गर्मी के साथ-साथ महंगाई भी जनता के लिए एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है। कांग्रेस का यह चार दिवसीय आंदोलन सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की नब्ज पर हाथ रखने जैसा है।

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यदि कांग्रेस जमीनी स्तर पर आम दुकानदारों, गृहणियों और वाहन चालकों को अपने साथ जोड़ने में कामयाब रहती है, तो यह आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से मौजूदा सरकार के लिए एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती (Administrative Challenge) बन सकता है। अब देखना यह है कि 17 मई की सुबह से शुरू होने वाले इस प्रदर्शन का प्रशासन किस तरह सामना करता है।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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