Power Sectorशासकीय आदेश व अधिसूचना

ब्रेकिंग न्यूज: बिजली बाजार में ऐतिहासिक बदलाव! CERC ने बदला कंपनियों के बिजली खरीदने का तरीका, लागू हुए नए नियम

चतुरपोस्ट न्‍यूज डेस्‍क। भारतीय बिजली बाजार (Indian Power Market) में पारदर्शिता बढ़ाने और ट्रेडिंग को आसान बनाने के लिए एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC – Central Electricity Regulatory Commission) ने पावर एक्सचेंजों पर होने वाले बिजली के व्यापार के लिए नए और फिक्स टाइम स्लॉट (Standardised Time Slots) को मंजूरी दे दी है।

CERC द्वारा 21 मई 2026 को जारी इस आदेश के बाद अब इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX), पावर एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड (PXIL) और हिंदुस्तान पावर एक्सचेंज (HPX) पर बिजली का सौदा करना पूरी तरह बदलने जा रहा है। आयोग ने क्षेत्रीय स्तर पर होने वाले उतार-चढ़ाव को खत्म करते हुए अब राष्ट्रीय स्तर पर ‘सोलर और नॉन-सोलर ऑवर्स’ (Solar and Non-Solar Hours) के आधार पर एक नया फ्रेमवर्क लागू कर दिया है।

यह फैसला बिजली बाजार में लिक्विडिटी (Liquidity – बाजार में नकदी और सौदों की उपलब्धता) को बढ़ाने और सही कीमत तय करने (Price Discovery) में मील का पत्थर साबित होगा। आइए इस पूरे फैसले को विस्तार से समझते हैं कि आखिर यह नया नियम क्या है और इससे बिजली सेक्टर पर क्या असर पड़ेगा।

💡 क्यों पड़ी नए टाइम स्लॉट की जरूरत? (The Background)

दरअसल, यह पूरा मामला पावर एक्सचेंजों द्वारा दायर की गई याचिकाओं के बाद सामने आया है। CERC ने 28 अप्रैल 2025 को एक स्वतः संज्ञान (Suo Motu) आदेश जारी किया था। उस आदेश में आयोग ने सभी पावर एक्सचेंजों को निर्देश दिया था कि वे टर्म अहेड मार्केट (TAM), ग्रीन टर्म अहेड मार्केट (G-TAM) और हाई प्राइस टर्म अहेड मार्केट (HP-TAM) में ग्राहकों द्वारा खुद तय किए जाने वाले (User-Defined) और प्रति घंटे के स्लॉट को बंद करें।

आयोग का मानना था कि अलग-अलग टाइम स्लॉट होने की वजह से बाजार बंट जाता है और बिजली की सही कीमत का अंदाजा नहीं लग पाता है। इसी के समाधान के लिए एक्सचेंजों ने अपने-अपने प्रस्ताव दिए थे:

  • IEX का प्रस्ताव: इसने पीक, नाइट, मॉर्निंग, डे, सोलर, नॉन-सोलर और चौबीस घंटे (RTC) समेत 7 श्रेणियां सुझाई थीं।
  • PXIL का प्रस्ताव: इसने सुबह और शाम के पीक स्लॉट के साथ दिन और रात के ऑफ-पीक स्लॉट का सुझाव दिया था।
  • HPX का प्रस्ताव: इसने हर दो घंटे के डिलीवरी स्लॉट का फॉर्मूला पेश किया था।

कई राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) और राज्य उपयोगिताओं ने क्षेत्रीय या मौसमी (Seasonal Peak) स्लॉट की मांग की थी। लेकिन अंत में ग्रिड इंडिया (Grid India) की सलाह सबसे महत्वपूर्ण साबित हुई।

🌐 ग्रिड इंडिया की वह सलाह, जिसने बदल दिया फैसला

नेशनल लोड डिस्पैच सेंटर यानी ग्रिड इंडिया (Grid India) ने आयोग के सामने बेहद तकनीकी और व्यावहारिक पक्ष रखा। ग्रिड इंडिया ने स्पष्ट किया कि पूरे देश के लिए एक जैसा ‘पीक स्लॉट’ (National Peak Slot) तय करना संभव नहीं है, क्योंकि हर राज्य और क्षेत्र में बिजली की मांग का समय अलग-अलग होता है।

इसके अलावा, क्षेत्रीय लोड डिस्पैच सेंटर (RLDCs) पीक और ऑफ-पीक घंटों की घोषणा केवल एक महीने पहले करते हैं। जबकि टर्म अहेड मार्केट (TAM) में बिजली के कॉन्ट्रैक्ट्स कई महीनों (11 महीने तक) के लिए एडवांस में ट्रेड किए जाते हैं।

ग्रिड इंडिया ने सिफारिश की कि बिजली के कॉन्ट्रैक्ट्स को क्षेत्रीय मांग के बजाय राष्ट्रीय स्तर पर सोलर (धूप वाले घंटे) और नॉन-सोलर (बिना धूप वाले घंटे) के आधार पर बांटा जाना चाहिए। क्योंकि बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव क्षेत्रीय मांग से ज्यादा इस बात पर निर्भर करता है कि देश में सोलर एनर्जी का उत्पादन हो रहा है या नहीं।

🕒 CERC द्वारा स्वीकृत नए टाइम स्लॉट्स की पूरी सूची

CERC ने बाजार की गहराई (Market Depth) को मजबूत करने के लिए ग्रिड इंडिया के सुझाव को पूरी तरह स्वीकार कर लिया। आयोग ने साफ कहा कि अलग-अलग उप-स्लॉट (Sub-slots) बनाने से मार्केट लिक्विडिटी खंडित हो जाएगी।

आयोग द्वारा स्वीकृत किए गए नए और प्रामाणिक टाइम स्लॉट इस प्रकार हैं:

CERC ने ग्रिड इंडिया को निर्देश दिया है कि वह राष्ट्रीय स्तर पर सोलर और नॉन-सोलर घंटों को अधिसूचित (Notify) करने के लिए एक विस्तृत प्रक्रिया जारी करे। एक बार जब ये समय ग्रिड इंडिया द्वारा घोषित कर दिए जाएंगे, तो एक्सचेंजों के कॉन्ट्रैक्ट्स स्वचालित रूप से (Automatically) नए समय के साथ सिंक हो जाएंगे।

🌿 रिन्यूएबल एनर्जी (Green Energy) के लिए क्या हैं नियम?

ग्रीन टर्म अहेड मार्केट (G-TAM) के तहत आने वाले कॉन्ट्रैक्ट्स, जिनमें हाइड्रो (जल विद्युत) को छोड़कर अन्य रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) स्रोत शामिल हैं, उनके लिए भी CERC ने विशेष व्यवस्था दी है। आयोग ने ग्रीन एनर्जी जेनरेटरों को स्वीकृत स्लॉट के भीतर अलग-अलग तकनीकों का उपयोग करके प्रोफाइल बनाने की अनुमति दी है।

हालांकि, आयोग ने ग्रिड इंडिया को यह जांचने का जिम्मा भी सौंपा है कि कहीं इस लचीलेपन (Flexibility) का गलत फायदा उठाकर कोई कस्टमाइज्ड बिडिंग (Customised Bidding) तो नहीं कर रहा है। ग्रिड इंडिया को इस पर दो महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट CERC को सौंपनी होगी।

📅 कब से लागू हो रहा है यह नया नियम? (Implementation Timeline)

CERC का यह आदेश पूरी तरह से एक्शन-ओरिएंटेड है। आयोग ने सभी पावर एक्सचेंजों (IEX, PXIL, HPX) को कड़ा निर्देश दिया है कि वे इस आदेश के जारी होने के एक सप्ताह (7 दिन) के भीतर इस नए स्लॉट स्ट्रक्चर को अपने यहां लागू करें।

इसके लिए एक्सचेंजों को अपने बिजनेस रूल्स (Business Rules), बाय-लॉज (Bye-laws) और ऑपरेशनल प्रोसीजर्स में जरूरी बदलाव करने होंगे और CERC को इसकी कंप्लायंस रिपोर्ट (Compliance Report) भेजनी होगी।

⚠️ महत्वपूर्ण नोट: 21 मई 2026 से पहले जो कॉन्ट्रैक्ट पहले ही ट्रेड किए जा चुके हैं या जिन पर सौदे हो चुके हैं, वे पूरी तरह वैध (Valid) रहेंगे और उन पर इस नए नियम का कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

🎯 चतुरपोस्ट एडिटर टेक: बिजली सेक्टर पर इसका क्या असर होगा?

CERC का यह फैसला भारत के पावर मार्केट को मैच्योर (Mature) बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अभी तक अलग-अलग एक्सचेंजों पर अपनी मर्जी के टाइम स्लॉट होने से खरीदारों और विक्रेताओं के बीच बड़ा गैप आ जाता था। अब नेशनल लेवल पर सोलर और नॉन-सोलर ऑवर्स फिक्स होने से:

  1. सटीक कीमत का निर्धारण: जब सभी खिलाड़ी एक ही टाइम फ्रेम में ट्रेड करेंगे, तो बिजली की कीमतें अधिक वास्तविक और स्थिर होंगी।
  2. ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा: भारत का लक्ष्य रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ाना है। सोलर ऑवर्स के अलग स्लॉट होने से राज्यों को दिन के समय सस्ती सोलर बिजली खरीदने और रात के लिए अलग से रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।
  3. डिस्कॉम को फायदा: राज्यों की बिजली कंपनियां (Discoms) अब बेहतर तरीके से अपनी पावर परचेज प्लानिंग (Power Purchase Planning) कर पाएंगी, जिससे उनका घाटा कम हो सकता है।

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CERC ने याचिका संख्या 674/RC/2025, 754/RC/2025 और 753/RC/2025 का निपटारा करते हुए भारतीय बिजली बाजार को एक नई और आधुनिक दिशा दे दी है।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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