
नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में आने वाली विभिन्न प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से निपटने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाया है । राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 (Disaster Management Act, 2005) की शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक आधिकारिक राजपत्र (Official Gazette) अधिसूचना जारी की है ।
इस नए आदेश के तहत प्रदेश में होने वाली विभिन्न ‘राज्य-विशिष्ट आपदाओं’ (State-Specific Disasters) की निगरानी, पूर्व चेतावनी, रोकथाम और राहत कार्यों के लिए अलग-अलग नोडल विभाग (Nodal Departments) अधिसूचित किए गए हैं ।
सरकार की इस मुस्तैदी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी संकट या इमरजेंसी (Emergency) के समय प्रशासनिक शिथिलता न हो और पीड़ित परिवारों तक तुरंत राहत पहुंचाई जा सके ।
आपदा प्रबंधन संशोधन अधिनियम के तहत बड़ा फैसला
मंत्रालय, महानदी भवन से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग (Revenue and Disaster Management Department) द्वारा जारी इस अधिसूचना के मुताबिक, अब अलग-अलग दुर्घटनाओं और आपदाओं के लिए विशिष्ट विभागों की जवाबदेही तय कर दी गई है ।
यह कदम आपदा प्रबंधन संशोधन अधिनियम, 2025 (Disaster Management Amendment Act, 2025) के तहत उठाया गया है । सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से क्षमता निर्माण (Capacity Building) और आपदा शमन (Mitigation) के कार्यों में तेजी आएगी ।
1. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग
इस मुख्य विभाग को सबसे संवेदनशील और सीधे तौर पर जनहानि से जुड़ी दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है । इसके अंतर्गत निम्नलिखित खतरों (Hazards) को शामिल किया गया है:
- आकाशीय बिजली: बिजली गिरने से होने वाली दुर्घटनाएं (Lightning Accidents) ।
- गड्ढों में डूबना: खुले या गहरे गड्ढे में गिरकर डूबने से होने वाली मृत्यु ।
- अतिवृष्टि और तूफान: भारी बारिश (Heavy Rainfall), आंधी और भीषण तूफान से होने वाली तबाही ।
2. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग
चिकित्सा और स्वास्थ्य से जुड़ी आपातकालीन स्थितियों (Medical Emergencies) के लिए इस विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है:
- जीव-जंतुओं का काटना: सर्पदंश (Snake Bite), बिच्छू, गुहेरा या मधुमक्खी के काटने से होने वाली दुर्घटनाएं ।
- लू का प्रकोप: गर्मी के मौसम में चलने वाली भीषण लू (Heat Wave) के कारण होने वाली जनहानि ।
3. नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएँ, SDRF
ग्राउंड लेवल पर रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operations) और तात्कालिक राहत कार्यों के लिए इन सुरक्षा बलों को तैनात किया जाएगा:
- पानी में डूबना: नदी, तालाब, बांध, कुआं, नहर या नाले में डूबने से होने वाली मौतें ।
- नाव दुर्घटना: जल स्रोतों में होने वाले नाव हादसे (Boat Accidents) ।
- घरेलू गैस सिलेंडर ब्लास्ट: रसोई गैस का सिलेंडर या स्टोव फटने से होने वाली अग्नि दुर्घटनाएं ।
राज्यपाल के नाम से आदेश जारी, समन्वय से होगा काम
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से और आदेशानुसार विभाग के संयुक्त सचिव (Joint Secretary) अरविंद कुमार एक्का द्वारा यह महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की गई है । इस आदेश में स्पष्ट निर्देश (Strict Guidelines) दिए गए हैं कि सभी विभाग स्वतंत्र रूप से काम करने के साथ-साथ अन्य संबंधित एजेंसियों और स्टेकहोल्डर्स (Stakeholders) के साथ बेहतर तालमेल और सहयोग (Collaboration) स्थापित करेंगे ।
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इस नई व्यवस्था के लागू होने से आपदा के समय पूर्व चेतावनी (Early Warning) और सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा, जिससे छत्तीसगढ़ के नागरिकों और उनके जान-माल की सुरक्षा को पूरी तरह से पुख्ता किया जा सके ।








