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नेशनल पेंशन सिस्टम में बड़ा बदलाव! PFRDA ने लॉन्च किया नया ‘StAR NPS’ प्लेटफॉर्म, अब चुटकियों में खुलेगा खाता

नई दिल्ली न्‍यूज डेस्‍क देश के करोड़ों नौकरीपेशा और आम नागरिकों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम— एनपीएस (National Pension System) को लेकर बड़ी खबर आ रही है । पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण यानी PFRDA (Pension Fund Regulatory and Development Authority) ने डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है । PFRDA ने सब्सक्राइबर्स के लिए एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital Platform) शुरू किया है, जिसका नाम ‘StAR NPS’ रखा गया है ।

इस नए प्लेटफॉर्म को BSE Technologies Private Limited (BTPL) द्वारा विकसित (Develop) किया गया है । प्राधिकरण ने आधिकारिक सर्कुलर जारी कर इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है । इस नई तकनीक के आने के बाद अब आम लोगों के लिए एनपीएस में रजिस्ट्रेशन (Registration) कराना और निवेश करना पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और आसान हो जाएगा ।

क्यों पड़ी इस नए प्लेटफॉर्म की जरूरत? (Objective of the Platform)

पेंशन नियामक PFRDA के मुख्य महाप्रबंधक (Chief General Manager) आशीष कुमार द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार, इस नए प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य एनपीएस के दायरे को बढ़ाना है । डिजिटल एक्सेस (Digital Access) को व्यापक बनाने और ग्राहकों को जोड़ने की प्रक्रिया (Subscriber Onboarding) को पूरी तरह से सुव्यवस्थित (Streamline) करने के लिए इसे डिजाइन किया गया है ।

यह नया सिस्टम विशेष रूप से पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoPs) के लिए मददगार साबित होगा । इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश के कोने-कोने में फैले हुए विभिन्न श्रेणियों के पेंशन एजेंट (Pension Agents), जिनमें म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स (Mutual Fund Distributors) भी शामिल हैं, वे ग्राहकों को एक आसान और असिस्टेड डिजिटल जर्नी (Assisted Onboarding Journey) प्रदान कर सकेंगे । इसके साथ ही, यह पूरा सिस्टम सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी (CRA) और ट्रस्टी बैंक (Trustee Bank) से पूरी तरह कनेक्टेड रहेगा ।

कैसे काम करेगा नया ‘StAR NPS’ डिजिटल सिस्टम? (Onboarding Process)

इस नए प्लेटफॉर्म के तहत खाता खोलने से लेकर पैसे ट्रांसफर करने तक की पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस और डिजिटल (Paperless & Digital Process) रखा गया है ।

  1. इलेक्ट्रॉनिक डेटा कैप्चर: सबसे पहले ग्राहक की सभी जरूरी जानकारियां इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्लेटफॉर्म पर दर्ज की जाएंगी ।
  2. डिजिटल केवाईसी (KYC Verification): ग्राहकों की सुरक्षा और पहचान की पुष्टि के लिए CKYC और DigiLocker आधारित वेरिफिकेशन मैकेनिज्म का उपयोग किया जाएगा ।
  3. पहला योगदान (First Contribution): जैसे ही केवाईसी (KYC) और ऑनबोर्डिंग की औपचारिकताएं सफलतापूर्वक पूरी होंगी, सब्सक्राइबर प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपना पहला योगदान जमा कर सकेगा ।
  4. प्रान जनरेशन (PRAN Generation): ट्रस्टी बैंक को जैसे ही फंड ट्रांसफर की पुष्टि होगी, वैसे ही CRA सिस्टम के साथ ऑटोमैटिक इंटीग्रेशन के जरिए ग्राहक का स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या (PRAN) जनरेट हो जाएगा ।

सब्सक्राइबर्स पर नहीं पड़ेगा कोई अतिरिक्त बोझ, फीस तय (Onboarding Charges)

अक्सर नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के आने के बाद ग्राहकों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या अब उन्हें खाता खोलने के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे? PFRDA ने इस पर स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है ।

पैसे सीधे ट्रस्टी बैंक पहुंचेंगे, फंड पुलिंग की समस्या खत्म (Fund Flow Mechanism)

इस नए फ्रेमवर्क (Framework) की सबसे बड़ी खासियत इसका सुरक्षित ‘फंड फ्लो मॉडल’ है । अब तक कई मामलों में फंड होल्ड होने या मिलान (Reconciliation) में समय लगता था । लेकिन ‘StAR NPS’ प्लेटफॉर्म पर:

  • ·        ग्राहकों द्वारा जमा किया गया पैसा किसी भी पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) के कलेक्शन अकाउंट में नहीं जाएगा ।
  • ·        यह योगदान एकीकृत पेमेंट गेटवे और बैंकिंग चैनलों के माध्यम से सीधे ट्रस्टी बैंक (Trustee Bank) को रेमिट (भेजा) किया जाएगा ।
  • ·        इस व्यवस्था से PoP के स्तर पर मैन्युअल मिलान (Manual Reconciliation) और फंड पूलिंग (Fund Pooling) की जरूरत पूरी तरह खत्म हो गई है ।
  • T+1 सेटलमेंट टाइमलाइन: पैसे जमा होने के बाद फंड सेटलमेंट की समयसीमा को T+1 दिन तय किया गया है (यानी पैसा मिलने के अगले वर्किंग डे में सेटलमेंट पूरा हो जाएगा) ।

कौन खोल सकता है खाता? जानें नियम और सीमाएं (Eligibility Criteria)

नियामक ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल प्रारंभिक चरण (Initial Phase) में यह नया डिजिटल फ्रेमवर्क सभी के लिए उपलब्ध नहीं होगा । वर्तमान नियमों के अनुसार इस प्लेटफॉर्म का लाभ केवल निम्नलिखित लोग ही ले सकते हैं:

  1. भारतीय निवासी (Resident Indian): यह सुविधा केवल भारतीय मूल के निवासी नागरिकों के लिए है ।
  2. आयु सीमा (Age Limit): खाता खोलने वाले व्यक्ति की उम्र 18 वर्ष से अधिक और 85 वर्ष तक होनी चाहिए ।

राउंड-रॉबिन एल्गोरिदम से अलॉट होगी सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी (CRA Mapping)

PFRDA ने पारदर्शिता (Transparency) सुनिश्चित करने के लिए एक बेहद अनोखा सिस्टम लागू किया है । यदि कोई पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) एक से अधिक सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी (CRA) के साथ जुड़ा हुआ है, तो ग्राहकों को किसी एक विशेष एजेंसी की तरफ झुकाव से बचाने के लिए एक ऑटो-असाइंड सिस्टम-ड्रिवन राउंड रॉबिन एल्गोरिदम (Round Robin Algorithm) काम करेगा । इसके तहत सब्सक्राइबर्स को एक तय चक्र (Cyclical Manner) में क्रमानुसार अलग-अलग CRA से मैप किया जाएगा । हालांकि, पेंशन फंड (Pension Fund), निवेश के विकल्प (Investment Choice) और एसेट एलोकेशन पैटर्न का चयन पूरी तरह से ग्राहक की इच्छा और पसंद पर ही निर्भर करेगा ।

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नियामक ने यह भी साफ कर दिया है कि इस नए तकनीकी प्लेटफॉर्म के आने से PoP की मौजूदा वैधानिक और नियामक जिम्मेदारियां (Regulatory Responsibilities) कम या ट्रांसफर नहीं होंगी । साथ ही, भविष्य में इस प्लेटफॉर्म की वास्तुकला या प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार के बड़े बदलाव (Material Modification) के लिए PFRDA से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा ।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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