शासकीय आदेश व अधिसूचना

बड़ा एक्शन: छत्तीसगढ़ में पेड़ों की ‘सांसों’ पर लगा पहरा हटा, कंक्रीट-विज्ञापन उखाड़ने का सख्त आदेश जारी

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरी इलाकों में पर्यावरण संरक्षण और पेड़ों की सेहत को लेकर Vishnu deo सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में पेड़ों को कंक्रीट के जाल और विज्ञापनों के बोझ से मुक्त करने के लिए एक कड़ा आदेश (Official Directive) जारी किया गया है ।

संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास (Directorate of Urban Administration and Development) की ओर से जारी इस आदेश के तहत अब पेड़ों के चारों तरफ लगे पेवर ब्लॉक और उनके तनों पर टंगे अवैध विज्ञापनों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी ।

पेड़ों के 1 मीटर दायरे से हटेगी कंक्रीट

शहरी विकास के नाम पर अक्सर पेड़ों के जड़ के पास तक कंक्रीट या पेवर ब्लॉक (Concrete Pavers) लगा दिए जाते हैं, जिससे पेड़ों को पर्याप्त पानी और ऑक्सीजन नहीं मिल पाती । इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी स्थानीय निकाय (Local Bodies) यह सुनिश्चित करें कि पेड़ों के चारों तरफ एक मीटर के घेरे (One-meter radius) में लगी कंक्रीट और पेवर ब्लॉक को तुरंत हटाया जाए । भविष्य में भी इस दायरे के भीतर किसी भी प्रकार का निर्माण या रिपेयर कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा ।

अवैध विज्ञापन बोर्ड और तारों पर चलेगा हंटर

शहरों में पेड़ों का इस्तेमाल विज्ञापन के लिए धड़ल्ले से किया जाता है, जिससे उनके अस्तित्व पर संकट मंडराने लगता है। शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए पेड़ों पर लिपटे सभी प्रकार के बिजली के तार (Electricity Wires), हाईटेंशन लाइन, साइन बोर्ड, नाम पट्टिका और एडवर्टाइजमेंट बोर्ड (Advertisement Boards) को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश दिया है । इसके साथ ही, बड़े वृक्षों की सुरक्षा के लिए पूर्व में लगाए गए ट्री-गार्ड (Tree Guards) जो अब उनकी ग्रोथ को रोक रहे हैं, उन्हें भी निकाला जाएगा ।

तनों पर कलाकृति बनाने पर भी रोक

अक्सर देखा जाता है कि सौंदर्यीकरण (Beautification) के नाम पर पेड़ों के तनों पर केमिकल वाले रंगों से पेंटिंग कर दी जाती है या उन्हें खुरच दिया जाता है। नए दिशा-निर्देशों (New Guidelines) के मुताबिक, पेड़ों के तनों पर किसी भी प्रकार की कलाकृति (Artwork or Graffiti) बनाने को प्रतिबंधित कर दिया गया है ताकि उनके प्राकृतिक विकास (Natural Growth) में कोई बाधा न आए ।

सभी नगरीय निकायों को सख्त तामीली

संचालक रेमेजीयस एक्का (Director Remejeus Ekka) के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी इस पत्र को राज्य के सभी नगर पालिक निगमों के आयुक्तों (Municipal Commissioners) और सभी नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (CMOs) को भेजकर तत्काल कड़ाई से लागू करने को कहा गया है ।

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इस आदेश की प्रतिलिपि विभागीय सचिव, सभी क्षेत्रीय कार्यालयों (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा, बस्तर) के संयुक्त संचालकों, अधीक्षण अभियंताओं और प्रभारी डाटा सेंटर अधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई और विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने हेतु प्रेषित की गई है । पर्यावरणविदों ने शासन के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे शहरी पर्यावरण (Urban Environment) के लिए एक संजीवनी बूटी बताया है।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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