
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता (Chaired by CM Vishnu Deo Sai) में आगामी 23 तारीख को मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है।
इस आगामी कैबिनेट बैठक (Upcoming Cabinet Meeting) को लेकर प्रदेश के लाखों अधिकारी-कर्मचारियों के बीच उत्सुकता चरम पर है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक में राज्य सरकार कई बड़े नीतिगत फैसलों पर मुहर लगा सकती है।
कर्मचारियों को ‘तबादला नीति’ का बेसब्री से इंतजार
कैबिनेट की इस बैठक की तारीख तय होते ही कर्मचारी संगठनों (Employee Unions) की उम्मीदें एक बार फिर से जाग गई हैं। प्रदेश में लंबे समय से कर्मचारी ट्रांसफर पर लगी रोक (Ban on Employee Transfers) को हटाने और एक पारदर्शी व नई तबादला नीति (New Transfer Policy) को लागू करने की मांग की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में प्रशासनिक दृष्टिकोण से ट्रांसफर से प्रतिबंध हटाने को लेकर हरी झंडी मिल सकती है।
पिछली बैठक (9 जून) में हुए थे ये 7 ऐतिहासिक फैसले
इससे पहले साय कैबिनेट की पिछली बैठक (Previous Cabinet Meeting) 9 जून को आयोजित हुई थी, जिसमें राज्य के विकास, कृषि और परिवहन क्षेत्र को लेकर कई गेम-चेंजर निर्णय (Game-changing Decisions) लिए गए थे। आइए जानते हैं पिछले वो बड़े फैसले जो छत्तीसगढ़ की दिशा बदल रहे हैं:
1. पावर कंपनी का ऐतिहासिक IPO: छत्तीसगढ़ स्टेट Power Transmission Company Limited को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट करने की सैद्धांतिक सहमति दी गई है। इस निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को बिजली कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का मौका मिलेगा और कंपनी की वित्तीय क्षमता व पारदर्शिता मजबूत होगी।
2. कृषक उन्नति योजना का नया स्वरूप: फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को बढ़ावा देने और धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। अब धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें जैसे दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की खेती करने वाले किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता (Inbound Subsidy) दी जाएगी। इसका लाभ एकीकृत किसान पोर्टल और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर मिलेगा।
3. राशन कार्डधारियों को निर्बाध चना वितरण: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत पात्र परिवारों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण (Chana Distribution) जारी रखने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेहद कम सर्विस चार्ज (अधिकतम 0.25%) पर चना खरीदने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वर्तमान व्यवस्था में तीन महीने की अवधि वृद्धि को भी मंजूरी दी गई।
4. ‘योग’ अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन: प्रशासनिक तालमेल और रिसर्च को बेहतर बनाने के लिए ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग (Medical Education Department) के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। चूंकि योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न अंग है, इसलिए इस फैसले से योग से जुड़ी शैक्षणिक और ट्रेनिंग गतिविधियों का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
5. चार बड़े शहरों में 240 इलेक्ट्रिक बसें: प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना (PM E-Bus Service) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) के अंतर्गत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट को मंजूरी दी गई है। इससे प्रदेश के चार प्रमुख शहरों—रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में कुल 240 आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
6. नवा रायपुर में स्टांप ड्यूटी छूट की अवधि बढ़ी: नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (ANVP) को आपसी सहमति से भूमि खरीदने पर मिलने वाली मुद्रांक शुल्क (Stamp Duty) छूट की समय-सीमा को बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस फैसले से नवा रायपुर के सुनियोजित विकास और वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार को तेज गति मिलेगी।
7. अवैध उत्खनन और परिवहन पर ‘डिजिटल’ प्रहार: छत्तीसगढ़ खनिज नियम, 2009 में बड़ा संशोधन किया गया है। अब खनिज परिवहन करने वाले सभी वाहनों में RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग प्रणाली (Vehicle Tracking System) को अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, अवैध भंडारण पर लगाम कसने के लिए भंडारण शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट में वृद्धि की गई है, जिससे राज्य के राजस्व (State Revenue) में बढ़ोतरी होगी।
इस बार किन मुद्दों पर रहेगा फोकस?
पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स (Political Experts) का मानना है कि जहां 9 जून की बैठक बुनियादी ढांचे और आर्थिक सुधारों पर केंद्रित थी, वहीं 23 तारीख को होने वाली यह बैठक प्रशासनिक कसावट और लोकलुभावन घोषणाओं पर केंद्रित हो सकती है। धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा और मानसून के आगमन को देखते हुए किसानों से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण एजेंडों (Meeting Agendas) को भी शामिल किया जा सकता है।
बहरहाल, जनता और कर्मचारियों की नजरें अब सीधे 23 तारीख को मंत्रालय में होने वाली साय कैबिनेट की ब्रीफिंग पर टिकी हैं, जहां से राज्य के विकास की अगली रूपरेखा (Development Blueprint) तय होगी।







