
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं । वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, मंत्रालय (महानदी भवन, नवा रायपुर) द्वारा 18 जून 2026 को जारी आदेश के अनुसार, राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ।
प्रशासनिक बदलावों का मुख्य उद्देश्य
यह प्रशासनिक फेरबदल (Administrative Reshuffle) राज्य के वन प्रबंधन (Forest Management) और कार्यकुशलता को बेहतर बनाने के लिए किया गया है । विभाग ने एक विस्तृत सूची जारी की है, जिसमें अधिकारियों को उनके नवीन पदस्थापना (New Posting) के स्थानों पर तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं ।
IFS अधिकारियों की नवीन पदस्थापना
वन विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत मुख्य बदलाव निम्नलिखित हैं:
- राजेश कुमार चंदेले (2003): इन्हें मुख्य वन संरक्षक (समन्वय) के पद पर अरण्य भवन, नवा रायपुर में पदस्थ किया गया है ।
- आलोक कुमार तिवारी (2007): इनका स्थानांतरण मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक) जगदलपुर के रूप में हुआ है ।
- राम अवतार दुबे (2007): इन्हें मुख्य वन संरक्षक (मानव संसाधन विकास/आई.टी.) के पद पर अरण्य भवन में नई जिम्मेदारी दी गई है।
- विवेकानंद झा (2009): इन्हें मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन/राजपत्रित एवं समन्वय) के रूप में तैनात किया गया है ।
- लक्ष्मण सिंह (2010): इन्हें प्रभारी वन संरक्षक, कार्य योजना मण्डल, बिलासपुर का दायित्व सौंपा गया है ।
- स्टायलो मंडावी (2011): वर्तमान कर्तव्यों के साथ अब वे प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक) जगदलपुर का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगी ।
- निर्मला खेस्स (2021): इन्हें जिला वन अधिकारी, अनुसंधान एवं विस्तार प्रभाग, रायपुर के पद पर नियुक्त किया गया है ।
अतिरिक्त प्रभार और अन्य निर्देश
इसके अतिरिक्त, वन विभाग ने एक अन्य आदेश में अनिमेष गोवर्धन (रा.व.से.) को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ प्रभारी वन उप संरक्षक (रोकड़) और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीजीसर्ट) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है ।
तथापि (However), इन सभी नियुक्तियों को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक प्रभावी रखा गया है । विभाग ने संबंधित कोषालय अधिकारियों को भी इन परिवर्तनों के अनुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं । यह कदम राज्य के वनीकरण और प्रशासनिक सुचिता (Administrative Integrity) को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
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