
रायपुर। पेंशनरों की समस्याओं के समाधान और लंबित मामलों के जल्द निपटारे को लेकर भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ ने रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह से मुलाकात की। महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को दो महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपते हुए ग्रेच्युटी भुगतान और लंबित पेंशन प्रकरणों पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पेंशनरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। महासंघ ने कहा कि कई मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में कर्मचारियों और पेंशनरों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दैनिक वेतनभोगी सेवा अवधि की ग्रेच्युटी पर मांगा स्पष्ट आदेश
महासंघ द्वारा सौंपे गए पहले ज्ञापन में दैनिक वेतनभोगी सेवा से नियमितीकृत कर्मचारियों को उनकी पूर्व सेवा अवधि के लिए उपादान (ग्रेच्युटी) भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
महासंघ ने बताया कि वित्त विभाग के 26 मार्च 2018 के परिपत्र तथा महाधिवक्ता कार्यालय द्वारा 19 मार्च 2026 को दिए गए विधिक अभिमत की अलग-अलग व्याख्याओं के कारण विभागों, कर्मचारियों और कोषालयों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
Therefore, संगठन ने राज्य शासन से इस विषय पर स्पष्ट एवं अंतिम दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की, ताकि सभी विभागों में एक समान प्रक्रिया लागू हो सके और भविष्य में विवाद की स्थिति समाप्त हो।
- दैनिक वेतनभोगी सेवा अवधि की ग्रेच्युटी पर स्पष्ट आदेश जारी हों।
- सभी विभागों में एक समान प्रक्रिया लागू की जाए।
- लंबित पेंशन प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित हो।
- पेंशन मामलों में जवाबदेही तय की जाए।
लंबित पेंशन प्रकरणों पर जताई चिंता
दूसरे ज्ञापन में महासंघ ने रायपुर जिले के विभिन्न विभागों में लंबित पेंशन मामलों की नियमित समीक्षा की मांग की। संगठन का कहना है कि कई प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित रखे जा रहे हैं, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
Meanwhile, महासंघ ने कलेक्टर गौरव सिंह द्वारा सेवानिवृत्ति की तिथि पर ही पीपीओ (Pension Payment Order) जारी करने की पहल की सराहना भी की। संगठन ने कहा कि इस व्यवस्था से पेंशनरों को बड़ी राहत मिली है और प्रशासन के प्रति उनका भरोसा मजबूत हुआ है।
छह महीने बाद भी जारी नहीं हुआ पीपीओ
बैठक के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरोरा से जनवरी 2026 में सेवानिवृत्त हुईं श्रीमती ऊषा मिश्रा का मामला भी उठाया गया।
महासंघ ने बताया कि सेवानिवृत्ति के लगभग छह महीने बीत जाने के बावजूद उनका पीपीओ जारी नहीं हुआ है। संगठन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए विभागवार समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
Furthermore, महासंघ ने कहा कि ऐसे मामलों की नियमित निगरानी से भविष्य में पेंशनरों को होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता है।
कलेक्टर ने तत्काल दिए कार्रवाई के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर गौरव सिंह ने जिला कोषालय अधिकारी गजानंद पटेल को तत्काल चर्चा के लिए बुलाया। उन्होंने संबंधित मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर ने विशेष रूप से श्रीमती ऊषा मिश्रा के लंबित प्रकरण की तत्काल समीक्षा कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने और जल्द समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर गौरव सिंह ने कहा कि पेंशनरों की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रचनात्मक और सकारात्मक तरीके से रखना सराहनीय है। ऐसे मामलों की जानकारी समय पर मिलने से पारदर्शी, न्यायसंगत और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सकता है।
प्रशासन और पेंशनरों के बीच संवाद जरूरी
बैठक के दौरान कलेक्टर ने महासंघ को पेंशनरों की समस्याओं को लगातार प्रशासन के संज्ञान में लाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे मामलों की जानकारी मिलती रहे ताकि जरूरतमंद पेंशनरों को समय पर राहत मिल सके।
In addition, महासंघ के प्रदेश महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी ने कलेक्टर गौरव सिंह को भजन संग्रह से संबंधित एक पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
प्रतिनिधिमंडल में कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे.पी. मिश्रा, प्रदेश महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी, संभागीय अध्यक्ष शैलेन्द्र सिन्हा, जिला अध्यक्ष आर.जी. बोहरे, जिला सचिव ओ.डी. शर्मा तथा दैनिक वेतनभोगी एवं कार्यभारित पेंशनर्स कल्याण प्रकोष्ठ के संयोजक अनिल पाठक सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा कि पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन और पेंशनर संगठनों के बीच सतत संवाद आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि कलेक्टर के मार्गदर्शन में लंबित पेंशन मामलों का शीघ्र निराकरण होगा और पेंशनरों को अधिक राहत मिलेगी।







