Chhattisgarh

शराब की ओवररेटिंग पर फिर गिरी गाज, छत्तीसगढ़ में तीन आबकारी सब-इंस्पेक्टर सस्पेंड, उड़नदस्ते ने पकड़ा खेल

रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब दुकानों में चल रहे ओवररेटिंग यानी निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर शराब बेचने के खेल पर फिर बड़ी कार्यवाही(Administrative Surgery) की गई है। छत्तीसगढ़ के आबकारी आयुक्त (Excise Commissioner) ने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और शिथिल नियंत्रण पाए जाने पर तीन अलग-अलग जिलों के आबकारी उपनिरीक्षकों (Excise Sub Inspectors) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (Suspend) करने का कड़ा आदेश जारी किया है।

विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य स्तरीय और संभागीय उड़नदस्ते (Flying Squad) द्वारा प्रदेश की कई शराब दुकानों में अचानक औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया गया था। इस दौरान टीम ने ग्राहकों को छद्मक्रेता (Test Purchaser) बनाकर भेजा, जहां शासन द्वारा तय सरकारी रेट से अधिक पैसे वसूलने का भंडाफोड़ हुआ। इसके बाद विभागीय मुखिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए पर्यवेक्षण में नाकाम रहे अफसरों पर निलंबन की गाज गिरा दी।

केस 1: अंबिकापुर के बौरीपारा में 100 रुपये अतिरिक्त वसूलते धराया सेल्समैन

इस पूरे मामले में पहली बड़ी कार्रवाई सरगुजा जिले के अंबिकापुर में देखने को मिली। आबकारी विभाग के राज्य स्तरीय उड़नदस्ता (State Level Flying Squad) रायपुर के प्रतिवेदन के अनुसार, विदेशी कम्पोजिट शराब दुकान बौरीपारा का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था।

निरीक्षण के दौरान विभाग ने एक छद्मक्रेता (Dummy Buyer) को दुकान के काउंटर पर भेजा। वहां कार्यरत विक्रयकर्ता (Salesman) नरेन्द्र कुमार यादव ने 20 नग पाव ‘गोल्डन गोवा व्हिस्की’ के लिए तय सरकारी दर 2400/- रुपये (120 रुपये प्रति नग) के स्थान पर ग्राहक से सीधे 2500/- रुपये वसूल लिए। यानी सीधे तौर पर 100 रुपये की अवैध वसूली की गई।

इस खुली धांधली को रंगे हाथों पकड़ने के बाद सेल्समैन के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध (Case Registered) किया गया। चूंकि यह पूरा इलाका आबकारी उप निरीक्षक श्री अनिल गुप्ता के प्रभार क्षेत्र में आता था, इसलिए नियंत्रण में ढिलाई बरतने के कारण आबकारी आयुक्त ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत उन्हें सस्पेंड कर दिया और निलंबन काल में उनका मुख्यालय संभागीय उड़नदस्ता सरगुजा संभाग नियत किया गया है।

केस 2: कांकेर के दुर्गकोंदल में बीयर पर वसूले 10 रुपये ज्यादा, भानुप्रतापपुर प्रभारी निलंबित

दूसरा गंभीर मामला बस्तर संभाग के कांकेर जिले से सामने आया है, जहां संभागीय उड़नदस्ता बस्तर (Divisional Flying Squad Bastar) की टीम ने जाल बिछाया था। कम्पोजिट शराब दुकान दुर्गकोंदल में टेस्ट परचेज़र (Test Purchaser) मुकेश गावड़े के माध्यम से एक बीयर की बोतल खरीदने के लिए भेजा गया।

दुकान के विक्रयकर्ता सतीश साहू ने शासन द्वारा निर्धारित मूल्य 210/- रुपये के स्थान पर 10/- रुपये अधिक लेते हुए ‘गॉड फादर लीजेंड्री स्ट्रॉन्ग बीयर’ को 220 रुपये में बेचा। गवाहों के सामने इस कृत्य की पुष्टि होने के बाद आरोपी सेल्समैन पर धारा 39 (ग) के तहत मामला दर्ज हुआ।

आदेश के अनुसार, यह वृत्त आबकारी उप निरीक्षक श्री ओम प्रकाश के अधीन था। अपने कार्यक्षेत्र में ऐसी गंभीर अनियमितता (Serious Irregularity) पर अंकुश न लगा पाने को घोर लापरवाही मानते हुए आबकारी आयुक्त ने श्री ओम प्रकाश को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय संभागीय उड़नदस्ता बस्तर संभाग रहेगा।

केस 3: दुर्ग के अंजोरा में देसी शराब पर ओवररेटिंग, हरीश पटेल सस्पेंड

तीसरी बड़ी रेड दुर्ग जिले के अंजोरा स्थित कम्पोजिट शराब दुकान में संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग की टीम द्वारा मारी गई। यहाँ भी टीम ने छद्मक्रेता के माध्यम से शराब विक्रय दर का जमीनी सत्यापन (Ground Verification) कराया।

सत्यापन के दौरान सामने आया कि दुकान में कार्यरत मल्टीवर्कर गौकरण ठाकुर ने ग्राहक को 24 पाव देशी शराब प्लेन शोले (180ml प्रत्येक) बेचने के एवज में कुल निर्धारित दर 1920/- रुपये के स्थान पर 2000/- रुपये वसूल किए। इस तरह कुल 80/- रुपये अधिक दर पर शराब का अवैध विक्रय पाया गया।

इस मामले में भी आबकारी उप निरीक्षक एवं वृत्त प्रभारी उत्तर आंतरिक श्री हरीश पटेल के खिलाफ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के उल्लंघन का दोषी पाते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन काल में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग तय किया गया है।

सिविल सेवा नियमों के तहत हुई बड़ी कार्रवाई

आबकारी आयुक्त कार्यालय नवा रायपुर से 18 जून 2026 को जारी अलग-अलग आधिकारिक आदेशों के मुताबिक, इन तीनों ही मामलों में प्रभारियों का नियंत्रण शिथिल पाया गया, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के सर्वथा प्रतिकूल एवं दंडनीय श्रेणी में आता है। आबकारी विभाग के इस सख्त रुख (Strict Stance) से प्रदेश भर के शराब काउंटरों और आबकारी अमले में हड़कंप मच गया है।

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आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ किया है कि उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) जारी रहेंगे और पारदर्शिता (Transparency) सुनिश्चित की जाएगी।

CG Excise Department Action
आबकारी विभाग से जारी निलंबन का आदेश
CG Excise Department Action
CG Excise Department Action

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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