
नई दिल्ली/रायपुर। भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए देश के पावर सेक्टर (power sector) में एक साथ कई बड़े धमाके हुए हैं। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा से लेकर परमाणु और थर्मल पावर सेक्टर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। ओडिशा में ₹25,000 करोड़ के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की शुरुआत से लेकर टाटा मोटर्स को मिले हजारों इलेक्ट्रिक वाहनों के ऑर्डर तक, देश के बुनियादी ढांचा विकास को एक नई रफ्तार मिली है।
समाचार पोर्टल chaturpost.com अपने पाठकों के लिए देश के ऊर्जा, सौर और बुनियादी ढांचा क्षेत्र से जुड़ी सभी 19 सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों का विस्तृत विश्लेषण लेकर आया है, जो देश की आर्थिक और औद्योगिक दिशा को तय करने वाली हैं।
1. ओडिशा में ₹25,000 करोड़ के ‘कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट’ प्रोजेक्ट की शुरुआत
भारत के औद्योगिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून 2026 को ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में भारत कोल गैसीकरण और केमिकल्स लिमिटेड (Bharat Coal Gasification & Chemicals Limited) के ‘कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट’ प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी।
यह प्रोजेक्ट लगभग ₹25,000 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा है। इसके जरिए कोयला गैसीकरण (coal gasification) तकनीक का उपयोग करके हर साल लगभग 0.66 मिलियन टन टेक्निकल ग्रेड अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन किया जाएगा। यह स्वदेशी प्रेशराइज्ड फ्लुइडाइज्ड बेड गैसीकरण (PFBG) तकनीक पर आधारित भारत का पहला कमर्शियल केमिकल प्रोजेक्ट है, जिसे सितंबर 2029 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
2. एनटीपीसी तेलंगाना प्रोजेक्ट के लिए सीजी पावर बनी L1 बिडर
पावर ट्रांसफार्मर निर्माण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस (CG Power) ने एनटीपीसी लिमिटेड के 3×800 मेगावाट तेलंगाना सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्टेज-II के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली (L1) कंपनी के रूप में अपनी जगह बनाई है। 17 जून 2026 को खुली वित्तीय बोलियों में सीजी पावर ने ₹425.26 करोड़ की बोली लगाई, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भेल (BHEL) ने ₹457.01 करोड़ की बोली पेश की थी। इस टेंडर के तहत पावर ट्रांसफार्मर की आपूर्ति, परिवहन, स्थापना और टेस्टिंग का काम किया जाना है।
3. गुजरात में पावरट्रैक लगाएगी 480 मेगावाट के सोलर प्रोजेक्ट्स
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में पावरट्रैक ग्रुप (Powertrac Group) ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने गुजरात की बिजली वितरण कंपनी पश्चिम गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (PGVCL) के साथ 480 मेगावाट के ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए बिजली खरीद समझौता (Power Purchase Agreements – PPAs) साइन किया है। इस प्रोजेक्ट में करीब ₹2,155 करोड़ का निवेश किया जाएगा और इसके तहत ₹2.76 प्रति किलोवाट घंटा (kWh) की दर से बिजली की आपूर्ति की जाएगी। इसमें पूरी तरह से स्वदेशी सौर मॉड्यूल का उपयोग किया जाएगा।
4. विक्रम सोलर पहुंची NCLAT, दिवाला प्रक्रिया के आदेश को दी चुनौती
सौर ऊर्जा उपकरण बनाने वाली प्रमुख कंपनी विक्रम सोलर लिमिटेड (Vikram Solar) ने कोलकाता नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के उस आदेश को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में चुनौती दी है, जिसमें कंपनी के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया (insolvency process) शुरू करने की अनुमति दी गई थी। यह मामला इसित्त्वा स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ ₹9.44 करोड़ के भुगतान विवाद से जुड़ा है। NCLAT इस मामले पर 24 जून 2026 को सुनवाई करने वाला है।
5. टाटा मोटर्स को मिले 3,400 से अधिक इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों के ऑर्डर
ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स (Tata Motors) को माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स और यात्री परिवहन श्रेणियों में 3,400 से अधिक इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों (eCVs) के ऑर्डर मिले हैं। इस ऑर्डर बुक में 2,000 छोटे कमर्शियल वाहन, 900 ट्रक और 500 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। वर्तमान में टाटा मोटर्स देश भर में 3,800 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें और 17,000 से अधिक छोटे इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन सफलता पूर्वक कर रही है।
6. बांका अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट बंद, बिहार इन्फ्रापावर कंपनी हुई भंग
पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बिहार इन्फ्रापावर लिमिटेड (Bihar Infrapower Limited) को कंपनियों के रजिस्ट्रार (RoC) द्वारा बंद कर दिया गया है। इस कंपनी का गठन 30 जून 2015 को बिहार के बांका में अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट (UMPP) के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के रूप में किया गया था। इस प्रोजेक्ट के बंद होने के बाद बिजली मंत्रालय ने नवंबर 2025 में इस कंपनी को बंद करने की मंजूरी दी थी।
7. उत्तर प्रदेश के ग्रिड को मजबूत करने के लिए ₹567 करोड़ मंजूर
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने राज्य के ट्रांसमिशन नेटवर्क (transmission network) को मजबूत करने और वोल्टेज स्थिरता में सुधार के लिए ₹567.21 करोड़ की छह ट्रांसमिशन योजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत सुल्तानपुर के 400 केवी सबस्टेशन की क्षमता 945 MVA से बढ़ाकर 1,445 MVA की जाएगी। इसके अलावा यीडा (YEIDA) के सेक्टर-28 में एक नया 400/220 केवी गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन (GIS) भी बनाया जाएगा।
8. गुजरात में ग्रीन ओपन एक्सेस यूजर्स पर ₹1 प्रति यूनिट बैंकिंग चार्ज का प्रस्ताव
गुजरात विद्युत नियामक आयोग (GERC) ने 1 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 की अवधि के लिए ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं के लिए ₹1.00 प्रति यूनिट का बैंकिंग चार्ज (banking charge) लगाने का मसौदा प्रस्ताव जारी किया है। बिजली वितरण कंपनियों द्वारा सौंपे गए आंकड़ों के आधार पर आयोग ने वास्तविक लागत ₹1.06 प्रति यूनिट आंकी थी, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत देते हुए इसे ₹1.00 प्रति यूनिट प्रस्तावित किया है।
9. राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी जोन टेंडर के लिए 5 कंपनियां योग्य घोषित
राजस्थान के रिन्यूएबल एनर्जी जोन (Renewable Energy Zone – REZ) फेज-III के तहत बिजली की निकासी को सुगम बनाने के लिए अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के कमर्शियल बिडिंग स्टेज के लिए 5 बड़ी कंपनियों ने क्वालीफाई किया है। इन योग्य कंपनियों की सूची इस प्रकार है:
- अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (Adani Energy Solutions)
- पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (Power Grid Corporation)
- दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (Dilip Buildcon)
- एचजी इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड (H G Infra)
- सीगल इंडिया लिमिटेड (Ceigall India)
10. ट्रॉम इंडस्ट्रीज को बिहार में मिला 42 मेगावाट रूफटॉप सोलर का ऑर्डर
ट्रॉम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Trom Industries) को साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) से पीएम सूर्य घर – मुफ्त बिजली योजना के तहत 42 मेगावाट के ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए तीन बड़े ऑर्डर मिले हैं। यह प्रोजेक्ट बिहार के औरंगाबाद, बिहारशरीफ और भागलपुर संभागों में लागू किया जाएगा, जिससे कुल 38,561 उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
11. यश हाईवोल्टेज क्षमता विस्तार के लिए जुटाएगी ₹151 करोड़ का फंड
ट्रांसफार्मर बुशिंग बनाने वाली कंपनी यश हाईवोल्टेज लिमिटेड (Yash Highvoltage) ने इक्विटी शेयरों और कनवर्टिबल वारंट्स के जरिए करीब ₹151 करोड़ जुटाने की योजना को मंजूरी दी है। इस फंड का उपयोग कंपनी के एक्स्ट्रा-हाई वोल्टेज सेगमेंट में रेसिन-इम्प्रेग्नेटेड पेपर (RIP) बुशिंग निर्माण सुविधाओं के विस्तार और ब्राउनफील्ड क्षमताओं को बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
12. एशियन एनर्जी सर्विसेज को मिला ₹187.62 करोड़ का EPC कॉन्ट्रैक्ट
एशियन एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (AESL) को गुजरात स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड (GSECL) से ₹187.62 करोड़ का इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत गुजरात के उकाई थर्मल पावर स्टेशन में कोल हैंडलिंग प्लांट की क्षमता को बढ़ाया जाएगा। यह कोल इंडिया इकोसिस्टम के बाहर कंपनी का पहला बड़ा प्रोजेक्ट है।
13. माइनिंग में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग के लिए हिंदुस्तान जिंक का बड़ा समझौता
वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc) ने अपने खनन कार्यों (mining operations) में ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के उपयोग के लिए एडवांटेक एसोसिएट्स और एयरो ईगल ऑटोमोबाइल्स के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी का लक्ष्य साल 2050 या उससे पहले नेट जीरो (Net Zero) उत्सर्जन हासिल करना है।
14. मध्य प्रदेश के 640 मेगावाट पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट को पर्यावरण मंजूरी
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (EAC) ने मध्य प्रदेश में इंदिरासागर-ओंकारेश्वर पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (640 MW) को पर्यावरण मंजूरी देने की सिफारिश की है। एनएचडीसी लिमिटेड (NHDC) द्वारा ₹5,243 करोड़ के अनुमानित निवेश से विकसित होने वाले इस प्रोजेक्ट से सालाना 1472.58 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्रभावित आदिवासी गांवों में अस्पताल और सोलर पैनल भी लगाए जाएंगे।
15. एमएनआरई ने सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए एएलएमएम छूट प्रक्रिया पर दी स्पष्टता
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने यूटिलिटी-स्केल और कमर्शियल व इंडस्ट्रियल (C&I) सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए Approved List of Models and Manufacturers (ALMM) लिस्ट-II की आवश्यकताओं से छूट के संबंध में एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय ने कहा है कि जो प्रोजेक्ट 1 जून 2026 से पहले पूरी तरह स्थापित हो चुके थे, उन्हें ग्रिड कनेक्टिविटी और बिजली आपूर्ति की अनुमति दी जाए, भले ही उनका छूट प्रमाण पत्र अभी पेंडिंग हो। इन प्रोजेक्ट्स को 23 जून 2026 से एक महीने के भीतर चालू करना होगा।
16. रेसोनिया लिमिटेड ने जीता कर्नूल IV रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट
बिजली मंत्रालय के माध्यम से रेसोनिया लिमिटेड (Resonia Limited) ने कर्नूल IV REZ पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड प्रोजेक्ट हासिल कर लिया है। इस अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन सिस्टम (ISTS) प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच ग्रिड कनेक्टिविटी को मजबूत करना है ताकि कर्नूल रिन्यूएबल एनर्जी जोन से पैदा होने वाली लगभग 3 गीगावाट (GW) स्वच्छ ऊर्जा को ग्रिड में शामिल किया जा सके। इसके तहत 765/400 केवी डोमा सबस्टेशन की स्थापना की जाएगी।
17. कैगा परमाणु ऊर्जा संयंत्र को मिला एलएंडटी से पहला बड़ा रिएक्टर कंपोनेंट
न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) ने कर्नाटक के कैगा परमाणु ऊर्जा परियोजना (Kaiga Nuclear Project) यूनिट 5 और 6 में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। रिएक्टर कोर के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से ‘एंड शील्ड’ (End Shield) की पहली खेप वहां सुरक्षित पहुंच गई है। लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा अपने हजीरा प्लांट में निर्मित इस एंड शील्ड का वजन 107 टन है। यह 700 मेगावाट के प्रेशराइज्ड हैवी वॉटर रिएक्टर (PHWR) के लिए पहला बड़ा उपकरण है।
18. फास्ट ब्रीडर रिएक्टर कार्यक्रम के लिए भारत ने शुरू किया न्यूक्लियर-ग्रेड सोडियम सेल
परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) ने गुजरात के वडोदरा में भारी पानी बोर्ड सुविधाओं (HWBF) में बहुमुखी ड्यूटेरेटेड यौगिक उत्पादन संयंत्र (VDPP) और 24 kA प्रोटोटाइप सोडियम सेल का उद्घाटन किया है। परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने 21 जून 2026 को इसका उद्घाटन किया। यह कदम भारत के फास्ट ब्रीडर रिएक्टर कार्यक्रम (Fast Breeder Reactor Programme) के लिए देश के भीतर ही न्यूक्लियर-ग्रेड सोडियम के औद्योगिक स्तर पर उत्पादन की क्षमता विकसित करने के लिए बेहद रणनीतिक माना जा रहा है।
19. स्टरलाइट इलेक्ट्रिक ने श्रीलंका को किया 220 केवी पावर केबल का पहला निर्यात
भारतीय केबल निर्माता कंपनी स्टरलाइट इलेक्ट्रिक (Sterlite Electric) ने श्रीलंका को 220 केवी पावर केबल्स की अपनी पहली निर्यात खेप (export order) रवाना कर दी है। कोलंबो में एक सबस्टेशन प्रोजेक्ट के लिए सिंगल-कोर क्रॉस-लिंक्ड पॉलीथीन (XLPE) इंसुलेटेड पावर केबल्स की आपूर्ति नेशनल ट्रांसमिशन नेटवर्क सर्विस प्रोवाइडर (NTNSP) को की जा रही है। इसके साथ ही कंपनी ने श्रीलंका के एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज केबल बाजार में अपनी मजबूत एंट्री दर्ज करा ली है।







