शासकीय आदेश व अधिसूचना

अफ़सरों पर गिरेगी गाज! छत्तीसगढ़ में इस काम में लापरवाही पर खराब होगी ACR, सीधे विभाग प्रमुख होंगे जिम्मेदार, देखें आदेश

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी महकमों में नौकरी की राह देख रहे युवाओं के लिए जितनी यह बड़ी खुशखबरी है, उतनी ही यह प्रशासनिक अधिकारियों के लिए बड़ी चेतावनी भी है। राज्य सरकार ने सरकारी विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को लेकर अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने एक बेहद कड़ा आधिकारिक परिपत्र (Official Circular) जारी कर साफ कर दिया है कि आरक्षित वर्ग के पदों को भरने में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस नए आदेश की सबसे बड़ी बात इसकी जवाबदेही (Accountability) है। सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बैकलॉग की भर्ती प्रक्रिया (Recruitment Process) में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लेट-लतीफी या देरी बरती जाती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित विभाग के प्रमुख (HOD) जिम्मेदार माने जाएंगे। इतना ही नहीं, दोषी अधिकारी की गोपनीय चरित्रावली (ACR – Annual Confidential Report) में इस लापरवाही का विशेष रूप से कड़ा उल्लेख किया जाएगा, जिससे उनका प्रमोशन तक रुक सकता है।

युवाओं के लिए खुला पिटारा, विशेष भर्ती अभियान (Special Recruitment Drive)

छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के बेरोजगार युवाओं के लिए यह एक ऐतिहासिक और राहत भरी खबर है। शासन के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, राज्य के अधीन आने वाले सभी छोटे-बड़े विभागों में सीधी भर्ती (Direct Recruitment) के माध्यम से आरक्षित कोटे के खाली पदों को भरने के लिए एक विशेष भर्ती अभियान” (Special Recruitment Drive) चलाया जा रहा है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन सभी बैकलॉग पदों (Backlog Vacancies) को शत-प्रतिशत भरना है जो सालों से फाइलों और लालफीताशाही के चक्कर में अटके हुए थे। सरकार का यह आदेश तब तक निरंतर और बिना रुके प्रभावी रहेगा, जब तक कि आखिरी बैकलॉग पद पर नियुक्ति नहीं हो जाती।

प्रशासनिक कसावट: क्यों हिले हुए हैं विभागीय अफसर?

सामान्य प्रशासन विभाग के इस परिपत्र ने मंत्रालय से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। इस बार सरकार ने केवल निर्देश नहीं दिए हैं, बल्कि सीधे एक्शन (Strict Action Plan) की रूपरेखा भी तय कर दी है:

  • विभाग प्रमुखों पर सीधी जिम्मेदारी: अब अफसर यह कहकर पल्ला नहीं झाड़ सकते कि फाइल नीचे के कर्मचारियों के पास अटकी है। सीधे विभाग प्रमुख (HOD) इसके लिए जवाबदेह होंगे।
  • ACR में दर्ज होगा ‘काला धब्बा’: किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के करियर के लिए उसकी गोपनीय चरित्रावली (ACR) सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसमें भर्ती में देरी का विशेष उल्लेख होने का मतलब है- भविष्य के प्रमोशन और अच्छी पोस्टिंग पर ताला लगना।
  • सक्षम प्राधिकारियों को कड़े निर्देश: नियुक्ति देने वाले जितने भी सक्षम प्राधिकारी (Appointing Authorities) हैं, उन्हें इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए ‘अल्टीमेटम’ दे दिया गया है।

वित्त विभाग की पहले ही मिल चुकी है हरी झंडी (Financial Discipline)

अक्सर सरकारी भर्तियों में यह पेंच फंसता है कि विभागों के पास बजट नहीं होता या वित्त विभाग (Finance Department) से मंजूरी मिलने में महीनों लग जाते हैं। लेकिन इस विशेष भर्ती अभियान के साथ ऐसा कोई रोड़ा नहीं है।

शासन ने पूर्ण वित्तीय अनुशासन (Financial Discipline) का ध्यान रखते हुए पहले ही साफ कर दिया है कि इन बैकलॉग पदों की पूर्ति के लिए विशेष अभियान चलाने पर राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय व्यय भार नहीं आएगा। वित्त विभाग ने पूर्व में ही इस पूरी प्रक्रिया के लिए अपनी वित्तीय सहमति (Financial Approval) प्रदान कर दी थी। अतः अब किसी भी विभाग के पास बजट या पैसे की कमी का बहाना बनाने का कोई मौका नहीं बचा है।

हजारों बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा अवसर (Career Opportunity)

यह ऐतिहासिक पहल छत्तीसगढ़ के उन हजारों योग्य और शिक्षित युवाओं के लिए एक बड़ा लाइफ-चेंजिंग टर्न (Career Opportunity) साबित होने वाली है, जो सालों से सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और वैकेंसी आने का इंतजार कर रहे थे।

लंबे समय से बैकलॉग के पद रिक्त होने के कारण नियुक्तियों में जो एक बड़ी रुकावट या ‘डेडलॉक’ आ गया था, वह अब पूरी तरह से टूट जाएगा। इस महाअभियान के पूरे होने से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि शासकीय विभागों में मैनपावर (Manpower Shortage) की भारी कमी भी दूर होगी, जिससे सरकारी कामकाज की स्पीड कई गुना बढ़ जाएगी।

एडिटर ओपिनियन और निष्कर्ष (Editorial Assessment)

Chaturpost View: मुख्यमंत्री और सामान्य प्रशासन विभाग का यह कड़ा रुख बेहद सराहनीय और समय की मांग है। छत्तीसगढ़ में अक्सर नीतियां तो अच्छी बनती हैं, लेकिन निचले स्तर पर बैठे अफसरशाही के ढीले रवैये के कारण वे समय पर पूरी नहीं हो पातीं। इस बार भर्ती प्रक्रिया को सीधे अफसरों की ACR और प्रमोशन से जोड़कर सरकार ने मास्टरस्ट्रोक खेला है। जब तक अफ़सरों के खुद के करियर पर आंच आने का डर नहीं होगा, तब तक फाइलों की धूल नहीं साफ होती। चतुरपोस्ट का मानना है कि इस कड़े आदेश के बाद अब विभागों में भर्ती की प्रक्रिया में बुलेट ट्रेन जैसी तेजी देखने को मिलेगी, जो छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य के लिए एक बेहतरीन संकेत है।

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Chhattisgarh Recruitment

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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