
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department – GAD) ने राज्य में विभिन्न विभागीय योजनाओं और परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन (Effective Implementation) के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा नीतिगत फैसला लिया है। सरकार ने राज्य स्तर पर गठित होने वाली ‘अधिकारी स्तरीय अंतर्विभागीय समिति’ (Officer-level Interdepartmental Committee) के गठन की पूरी प्रशासनिक कार्यप्रणाली (Administrative Workflow) को सुव्यवस्थित और तीव्र बनाने के लिए नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अब तक अलग-अलग विभागों द्वारा समितियों के गठन के जो प्रस्ताव भेजे जाते थे, उनमें अक्सर समिति के गठन का औचित्य (Justification), कार्यक्षेत्र (Scope of Work) और सदस्यों के पदनाम स्पष्ट नहीं होते थे। इससे न केवल फाइलों के निपटारे में अनावश्यक देरी (Administrative Delay) होती थी, बल्कि प्रशासनिक समन्वय (Interdepartmental Coordination) में भी भारी कठिनाई आती थी। इसी लेटलतीफ़ी और भ्रम को दूर करने के लिए जीएडी सचिव अविनाश चम्पावत ने एक नया आधिकारिक आदेश जारी कर व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है।
अविनाश चम्पावत ने जारी किए कड़े निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव (GAD Secretary) अविनाश चम्पावत ने एक महत्वपूर्ण आदेश (क्र. GENCOR-35010/2119/2026-GAD-5) जारी किया है। यह आदेश राज्य के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विशेष सचिवों को प्रेषित कर दिया गया है।
इस नए आदेश के तहत शासन ने पूर्व में जारी अपने सभी निर्देशों को तत्काल प्रभाव से अधिक्रमित (Superseded) कर दिया है। अब राज्य स्तर की किसी भी अंतर्विभागीय समिति का औपचारिक आदेश केवल और केवल सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा ही जारी किया जाएगा, बशर्ते विभाग ने इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमोदन (Administrative Approval) पहले ही प्राप्त कर लिया हो।
समिति गठन के लिए ये कड़े नियम लागू (New Strict Guidelines)
सामान्य प्रशासन विभाग को भेजे जाने वाले आगामी सभी प्रस्तावों में निम्नलिखित बिंदुओं (Strict Governance Compliance) का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है:
1. ई-ऑफिस और सचिव स्तर की अनिवार्यता
- अब केवल राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समिति (State Level Committee) गठन के प्रस्ताव ही सामान्य प्रशासन विभाग को भेजे जाएंगे, और इसके लिए ई-ऑफिस (e-Office Platform) माध्यम का ही उपयोग करना होगा।
- इन समितियों में सचिव स्तर (Secretary Level) के अधिकारी का नामित होना अनिवार्य है।
2. संभाग और जिला स्तरीय समितियों के नियम
- संभाग (Division) एवं जिला स्तरीय समिति (District Level Committee) गठन से जुड़े प्रस्तावों को सामान्य प्रशासन विभाग भेजने की आवश्यकता नहीं है।
- इन समितियों से संबंधित प्रस्तावों को खुद प्रशासकीय विभाग (Administrative Department) ही अनुमोदित करेंगे।
3. विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री का अनुमोदन
- राज्य स्तरीय समिति की संरचना (Structure) और उसके कार्यक्षेत्र पर संबंधित विभाग के माननीय मंत्री जी का प्रशासनिक अनुमोदन प्राप्त करना जरूरी होगा।
- यदि समिति में किसी अशासकीय सदस्य (Non-Official Member) को शामिल किया जाना है, तो उसके मनोनयन (Nomination) से पहले माननीय मुख्यमंत्री (Chief Minister) का स्पष्ट अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बिना किसी भी गैर-सरकारी सदस्य को रखना कार्यपालिक नियम के भाग-चार के बिंदु क्रमांक-एक (धध) का सीधा उल्लंघन माना जाएगा।
4. स्पष्ट प्रारूप और विधिक सीमाएं
- ई-ऑफिस की फाइल (Nasti) में आदेश का पूरा प्रारूप (Draft Order) संलग्न करना होगा, जिसमें अध्यक्ष, सदस्य सचिव तथा संबंधित विभागों के नाम पदनाम सहित स्पष्ट लिखे हों।
- विभाग को फाइल में यह स्पष्ट रूप से लिखना होगा कि समिति का गठन क्यों आवश्यक है और विभागीय कार्यदल (Departmental Task Force) द्वारा यह कार्य क्यों संभव नहीं है। इसके साथ ही समिति के विशिष्ट कार्य, अधिकार और निर्णय लेने की सीमाएं (Decision Making Limits) स्पष्ट रूप से परिभाषित होनी चाहिए।
5. बोर्ड, निगम और जांच समितियों पर पाबंदी
- किसी भी बोर्ड, निगम, मंडल या प्राधिकरण (Board/Corporation/Authority) के गठन का प्रस्ताव इस विभाग को प्रेषित नहीं किया जा सकेगा।
- किसी भी प्रकार की जांच समिति (Inquiry Committee) एवं क्रय/वित्तीय संबंधी समिति (Purchase/Financial Committee) का गठन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नहीं किया जाएगा। इसके लिए प्रशासकीय विभाग खुद प्रशासनिक अनुमोदन के बाद समन्वय में आवश्यक अनुमति लेकर समिति का गठन करेगा।
मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री लेंगे अंतिम फैसला
इसके बाद प्रस्ताव को मुख्य सचिव (Chief Officer) के माध्यम से समन्वय में माननीय मुख्यमंत्री जी के पास भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री जी का अंतिम अनुमोदन (Final Approval) प्राप्त होने के बाद ही सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समिति गठन का औपचारिक और विधिक आदेश (Formal Notification Order) प्रसारित किया जाएगा। सचिव अविनाश चम्पावत ने सभी विभागों को इन निर्देशों का अत्यंत कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
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