
रायपुर (chaturpost.com)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों (Pending Demands) को लेकर बिगुल फूंक दिया है। भारतीय मजदूर संघ (BMS) से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ की रायपुर इकाई (शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र) की तरफ से आज मुख्य अभियंता कार्यालय, गुढ़ियारी (Chief Engineer Office Gudhiyari) में शाम 5.30 बजे से एक विशाल आमसभा (Massive Rally) का आयोजन किया गया है।
बिजली कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी पिछले 2 वर्षों से अपनी जायज मांगों के लिए लगातार संघर्ष (Long Struggle) कर रहे हैं। महासंघ ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन (Protest Movement) थमने वाला नहीं है। इस बड़े प्रदर्शन के कारण पूरे प्रदेश के पावर सेक्टर में हलचल मच गई है।
दो चरणों में चल रहा है यह बड़ा आंदोलन (Two-Phase Protest Strategy)
महासंघ अपनी 7 सूत्रीय प्रमुख मांगों को लेकर 1 जून से ही क्रमिक आंदोलन (Step-by-step Movement) चला रहा है। इस आंदोलन को बहुत ही सुनियोजित तरीके से तैयार किया गया है:
- प्रथम चरण (First Phase): आंदोलन के पहले चरण में महासंघ के पदाधिकारियों ने पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में बिजली कंपनी के कर्मचारियों और अधिकारियों से व्यापक संपर्क (Mass Mobilization) किया। इसके साथ ही आंदोलन के प्रचार-प्रसार के लिए एक बड़ा हस्ताक्षर अभियान (Signature Campaign) चलाया गया, जिसे कर्मचारियों का भारी समर्थन मिला।
- द्वितीय चरण (Second Phase): आंदोलन का दूसरा चरण आज यानी 1 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई तक चलेगा। इसके तहत छत्तीसगढ़ के सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों (Regional Headquarters) में विशाल आमसभा का आयोजन किया जाएगा। इन सभाओं के माध्यम से पावर कंपनी के चेयरमैन (Chairman of Power Company) के नाम क्षेत्रीय मुख्य अभियंता को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसी कड़ी में आज रायपुर इकाई द्वारा गुढ़ियारी में शक्ति प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा जा रहा है।
बिजली कर्मचारियों की 7 प्रमुख मांगें (Major Demands of Electricity Employees)
कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री और बिजली कंपनी के प्रबंधन के सामने अपनी मांगों का घोषणा पत्र रखा है। महासंघ की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
1. पुरानी पेंशन योजना (OPS) का तत्काल क्रियान्वयन: छत्तीसगढ़ शासन के अन्य कर्मचारियों की तरह छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनीज में भी कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) को पूरी तरह लागू किया जाए। इस विषय में पूर्व में 17 अक्टूबर 2025 को हुई द्विपक्षीय वार्ता में प्रबंधन ने आश्वस्त भी किया था, जिसे तत्काल धरातल पर लाने की मांग की जा रही है।
2. तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का रिस्ट्रक्चरिंग: पावर कंपनी में वर्तमान में उपभोक्ता संख्या और इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) में भारी वृद्धि हुई है, लेकिन कर्मचारियों की संख्या लगातार घट रही है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के लगभग 75% पद खाली पड़े हैं, जिससे कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक दबाव (Work Pressure) है। इन रिक्त पदों पर तत्काल नई भर्ती (New Recruitment) की जाए।
3. संविदा कर्मियों का नियमितीकरण (Regularisation): बिजली कंपनी में सालों से काम कर रहे संविदा लाइन कर्मचारियों, नियमित तकनीकी कर्मचारियों और भू-विस्थापितों के तहत नियुक्त कर्मियों को पूर्व की भांति पूर्ण रूप से नियमित (Permanent Job) किया जाए।
4. तकनीकी और कंप्यूटर भत्ता (Special Allowances): तकनीकी कर्मचारियों को उनके जोखिम भरे काम के लिए 3% तकनीकी भत्ता (Technical Allowance) प्रदान किया जाए। इसके साथ ही कार्यालयीन लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को भी सिविल सेवा नियमों के अनुरूप 3% कंप्यूटर प्रोत्साहन भत्ता दिया जाए।
5. वेज रिवीजन कमेटी का गठन और अंतरिम राहत: केंद्र सरकार द्वारा 1 जनवरी 2026 से देय वेज रिवीजन (Wage Revision) के लिए कमेटी का गठन किया जा चुका है। महासंघ की मांग है कि पावर कंपनी में भी तत्काल वेज रिवीजन कमेटी बनाई जाए और जब तक नया वेतनमान लागू नहीं होता, तब तक अधिकारियों-कर्मचारियों को 20% प्रतिशत अंतरिम राहत (Interim Relief) प्रदान की जाए।
6. वरिष्ठता सूची और पदोन्नति (Seniority & Promotion): तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लंबित वरिष्ठता सूची जारी की जाए। विशेषकर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में तकनीशियन वितरण एवं परीक्षण सहायक-एक/दो का वर्ष 2013 के बाद से प्रमोशन रुका हुआ है, जिसे तत्काल प्रभाव से जारी किया जाए।
7. बाह्यस्रोत (ठेका) कर्मचारियों को सीधा भुगतान और जॉब सिक्योरिटी: हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी आउटसोर्सिंग/ठेका कर्मचारियों (Outsource Workers) को सीधे पावर कंपनी द्वारा वेतन का भुगतान किया जाए। उनकी जॉब सिक्योरिटी (Job Security) 62 वर्ष तक सुनिश्चित की जाए और नई भर्तियों में उन्हें प्राथमिकता (Priority) दी जाए।
आमसभा में शामिल होंगे दिग्गज नेता (Key Speakers and Dignitaries)
इस विशाल आमसभा और ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए देश और प्रदेश स्तर के कई बड़े नेता रायपुर पहुंचे हैं। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता (Keynote Speakers) और विशिष्ट अतिथियों के रूप में निम्नलिखित नाम शामिल हो रहे हैं:
- राधेश्याम जायसवाल – अखिल भारतीय मंत्री, भारतीय मजदूर संघ (BMS) एवं विद्युत प्रभारी।
- हरीश चौहान – उप महामंत्री, अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ।
- मनोज शर्मा – कोषाध्यक्ष, अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ (रायपुर शहर क्षेत्र)।
- डी के यदु – वरिष्ठ सदस्य (रायपुर ग्रामीण क्षेत्र)।
- तेजप्रताप सिन्हा – कार्यकारी अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ।
- नवरतन बरेठ – महामंत्री, छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ।
- अरुण देवांगन – महामंत्री, अखिल भारतीय विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ।
इसके अलावा इस आंदोलन के मुख्य संयोजक (Event Conveners) महासंघ रायपुर शहर के क्षेत्रीय अध्यक्ष परमेश्वर कन्नौजे और क्षेत्रीय सचिव नीलांबर सिन्हा हैं, जिनकी देखरेख में इस पूरी रैली और आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है। इस सभा में हजारों की संख्या में क्षेत्रीय और प्रदेश स्तर के पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
आगे की रणनीति (Conclusion & Future Action)
बिजली कर्मचारियों का यह महाआंदोलन (Massive Employee Protest) छत्तीसगढ़ सरकार और बिजली कंपनी प्रबंधन के लिए एक बड़ी चेतावनी है। कर्मचारियों का कहना है कि वे चौबीसों घंटे जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति (Power Supply) सुनिश्चित करते हैं, लेकिन जब उनके हकों की बात आती है तो प्रबंधन उदासीन रवैया अपनाता है। आज गुढ़ियारी में होने वाला यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन का रूप ले सकता है, जिससे पूरे प्रदेश की बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।







