
नवा रायपुर अटल नगर (chaturpost.com)। छत्तीसगढ़ में वाहन चलाने वालों और परिवहन व्यवसाय (Transport Business) से जुड़े लोगों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। राज्य सरकार के परिवहन विभाग ने ‘छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम, 1994’ में बड़े संशोधन करने की तैयारी पूरी कर ली है। विभाग की ओर से इस संबंध में छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) में एक आधिकारिक सूचना और संशोधन का प्रारूप (Draft Amendment) प्रकाशित किया गया है।
परिवहन विभाग के उप सचिव एन.पी. मरावी के हस्ताक्षर से जारी इस अधिसूचना (क्रमांक GENS-1105/15/2025-TRANSPORT) के तहत आरटीओ (RTO Fees) से जुड़े विभिन्न शुल्कों की नई तालिका प्रस्तावित की गई है। सरकार ने इस पर आम जनता और प्रभावित होने वाले पक्षों से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।
30 दिनों के भीतर मंगाए गए सुझाव और आपत्तियां
वास्तव में (In fact), राज्य सरकार ने मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 65 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन नियमों को प्रस्तावित किया है। राजपत्र में प्रकाशन की तारीख (6 जुलाई 2026) से 30 दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद सरकार इन संशोधनों पर अंतिम विचार करेगी।
यदि किसी व्यक्ति को इस नए शुल्क ढांचे या नियमों को लेकर कोई आपत्ति या सुझाव देना है, तो वह विनिर्दिष्ट समय-सीमा के भीतर कार्यालयीन समय में सचिव, परिवहन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर के कार्यालय में या उनके आधिकारिक ईमेल [email protected] पर अपना प्रतिवेदन भेज सकता है। इन पर विचार करने के बाद ही अंतिम नोटिफिकेशन जारी होगा।
लाइसेंस और अन्य सेवाओं के लिए प्रस्तावित नया शुल्क
इसके परिणामस्वरूप (As a result), आरटीओ के रोजमर्रा के कामकाज और लाइसेंस (Driving License) बनवाने की प्रक्रिया से जुड़े शुल्कों में बदलाव किया जा रहा है। प्रस्तावित तालिका के अनुसार कुछ प्रमुख शुल्क इस प्रकार तय किए जा रहे हैं:
- चिकित्सा प्रमाण-पत्र (Medical Certificate): आरटीओ के कार्यों के लिए चिकित्सा प्रमाण-पत्र जारी किए जाने के संबंध में 100.00 रुपये का शुल्क प्रभारित किया जाएगा।
- शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति (Learner’s License): शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति (लर्निंग लाइसेंस) की दूसरी प्रति (Duplicate Copy) जारी करने के संबंध में 100.00 रुपये का शुल्क तय किया गया है।
- चालन अनुज्ञप्ति (Driving License) की दूसरी प्रति: प्रारूप-7 में चालन अनुज्ञप्ति की दूसरी प्रति जारी किए जाने के संबंध में 250.00 रुपये का शुल्क लगेगा।
- परिवहन यान के चालक को प्राधिकार पत्र: कमर्शियल या परिवहन वाहन के चालकों को प्राधिकार पत्र (Authorization Letter) जारी किए जाने के संबंध में 300.00 रुपये का शुल्क प्रस्तावित है।
- अपील शुल्क: अनुज्ञापन प्राधिकारी (Licensing Authority) के आदेश के विरुद्ध अपील किए जाने के संबंध में 200.00 रुपये का शुल्क देना होगा।
- निर्णय की प्रति (Copy of Decision): अनुज्ञापन प्राधिकारी के निर्णय की प्रति प्रदाय किए जाने के संबंध में सामान्य प्रक्रिया के लिए 100.00 रुपये और अत्यावश्यक (48 घंटे के भीतर) के लिए 150.00 रुपये का शुल्क निर्धारित है।
- अन्य दस्तावेजों की प्रति: निर्णय से भिन्न किसी अन्य दस्तावेज की प्रति प्रदाय किए जाने के संबंध में सामान्य रूप से 200.00 रुपये और अत्यावश्यक (48 घंटे के भीतर) के लिए 300.00 रुपये का शुल्क तय किया गया है।
- परिचालक (Conductor) अनुज्ञप्ति: परिचालक अनुज्ञप्ति (कंडक्टर लाइसेंस) के नवीनीकरण (Renewal) को जारी करने के संबंध में 200.00 रुपये और इसकी दूसरी प्रति जारी करने के संबंध में 150.00 रुपये का शुल्क प्रभारित होगा।
- परिचालक बिल्ला (Badge): परिचालक बिल्ला जारी करने तथा परिचालक बिल्ला की दूसरी प्रति जारी करने के संबंध में 150.00 – 150.00 रुपये का शुल्क तय है।
- परिचालक अनुज्ञप्ति अपील व अभिलेख: परिचालक लाइसेंस प्राधिकारी के आदेश के विरुद्ध अपील के लिए 150.00 रुपये, निर्णय/अभिलेख की प्रति के लिए सामान्य 100.00 रुपये व अत्यावश्यक हेतु 150.00 रुपये, अपील फाइल करने से संबंधित अभिलेख के निरीक्षण के लिए 100.00 रुपये तथा प्राधिकारी को संबोधित प्रकीर्ण (Miscellaneous) आवेदन के संबंध में 20.00 रुपये का शुल्क प्रस्तावित है।
देरी करने पर लगेगा भारी जुर्माना, विलंब शुल्क की नई दरें
निश्चित रूप से (Certainly), आरटीओ के काम में लापरवाही या देरी करने वालों पर सरकार ने शिकंजा कसने की तैयारी की है। नियम 53, 54 और 55 में संशोधन करते हुए विभिन्न कार्यों में विलंब होने पर जुर्माने (Late Fee) की दरों को कड़ा किया गया है।
- 30 दिन से कम का विलंब: यदि किसी प्रक्रिया में देरी 30 दिन से अधिक की नहीं है, तो 200 रुपये का विलंब शुल्क देना होगा।
- 30 दिन से अधिक का विलंब: यदि देरी 30 दिनों से अधिक की हो जाती है, तो यह जुर्माना बढ़कर 300 रुपये हो जाएगा।
- अस्थायी पंजीयन (Temporary Registration) शुल्क: इसके तहत अशक्त वाहनों के लिए 10 रुपये, मोटरसाइकिल के लिए 300 रुपये, निजी हल्के मोटरयान के लिए 500 रुपये और कमर्शियल लाइट व्हीकल के लिए 600 रुपये का शुल्क प्रस्तावित है। मध्यम या अन्य भारी वाहनों के लिए यह राशि 800 रुपये होगी।
परमिट और कमर्शियल वाहनों के लिए बड़े बदलाव
इसके अतिरिक्त (In addition), व्यावसायिक वाहनों और स्टेज कैरिज (यात्री बसों) के अनुज्ञापत्र (Permit) शुल्क की समीक्षा करते हुए नियम 145 के तहत नए और कड़े रेट चार्ट का प्रस्ताव रखा गया है:
- मंजिली गाड़ी (Stage Carriage Bus): परमिट या इसके नवीनीकरण के आवेदन के लिए 10,000 रुपये का भारी-भरकम शुल्क प्रस्तावित किया गया है। वहीं इसके प्रतिहस्ताक्षर (Counter Signature) के नवीनीकरण के लिए 5,000 रुपये तय किए गए हैं।
- कांट्रैक्ट कैरिज और मालयान (Goods Vehicle): ठेका गाड़ियों के परमिट के लिए 6,000 रुपये और माल ढोने वाले ट्रकों (Goods Vehicles) के परमिट आवेदन के लिए 5,000 रुपये का शुल्क होगा। नेशनल परमिट (National Permit) के लिए यह राशि 6,000 रुपये रखी गई है।
- टूरिस्ट गाड़ियां व ओम्नी बस: ऑल इंडिया टूरिस्ट ओमनी बस परमिट के लिए 5,000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।
किसानों और आरक्षित वर्गों को मिलेगी बड़ी राहत (RTO Rebates)
यही कारण है कि (That’s why), इस कड़े ड्राफ्ट में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के किसानों, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यकों के हितों का भी विशेष ध्यान रखा है और उन्हें राजपत्र के नियमों के तहत बड़ी छूट (Rebates) प्रदान की है:
- वास्तविक कृषकों को 100% छूट: यदि आवेदक एक वास्तविक कृषक है (जिसका अर्थ छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 के अनुसार मान्य होगा) और उसके स्वयं के स्वामित्व के ट्रैक्टर या ट्रॉली का उपयोग केवल कृषि कार्य के लिए किया जा रहा है, तो नियम 145 के खंड 08, 13 एवं 36 (ख) में विनिर्दिष्ट अनुज्ञप्ति की स्वीकृति, नवीनीकरण अथवा अस्थायी अनुज्ञापत्र (Temporary Permit) की स्वीकृति के लिए कोई शुल्क देय नहीं होगा (यह पूर्णतः निःशुल्क रहेगा)।
- SC/ST वर्ग के आवेदकों को 50% की छूट: छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के आवेदकों को नियम 145 के अधीन विनिर्दिष्ट शुल्क का मात्र 50 प्रतिशत (आधा) भुगतान ही करना होगा।
- जाति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता: अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के आवेदकों को इस 50% छूट का लाभ लेने के लिए अपने स्थायी अथवा अस्थायी अनुज्ञापत्र स्वीकृति या नवीनीकरण के आवेदन पत्र के साथ छत्तीसगढ़ राज्य के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रतिलिपि प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
- विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को राहत: नियम 145 के अंतर्गत प्रस्तावित शुल्क का मात्र 50% हिस्सा ही अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों (OBC) तथा अल्पसंख्यक समुदाय के उन आवेदकों द्वारा देय होगा, जो राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विनिर्दिष्ट की जाने वाली विभिन्न स्कीमों और शर्तों के अधीन ऋण (Loan) लेने के पश्चात क्रय किए गए तथा स्वयं के स्वामित्व वाले वाहन के लिए आवेदन प्रस्तुत करते हैं।
- न्यायिक स्टाम्प द्वारा भुगतान की सुविधा: नियम 145 के अंतर्गत कॉलम 25, 26, 27 एवं 28 में विनिर्दिष्ट आवेदनों के संबंध में, शुल्क का संदाय (Payment) विनिर्दिष्ट मूल्य के बराबर का न्यायिक स्टाम्प (Judicial Stamp) चस्पा कर किया जा सकेगा।
लाइसेंस और परमिट रिन्यूअल में देरी पड़ेगी बहुत महंगी
अंततः (Ultimately), यदि कोई वाहन मालिक अपने परमिट की समय-सीमा खत्म होने के बाद रिन्यूअल के लिए आवेदन करता है (नियम 145 का कॉलम 29), तो उस पर लगने वाला विलंब शुल्क काफी बड़ा है। बसों, ट्रकों और 12 से अधिक सीटों वाले वाहनों के मामले में 90 दिनों के भीतर आवेदन करने पर 5,000 रुपये, 180 दिनों के भीतर 10,000 रुपये, और एक साल से अधिक की देरी होने पर 20,000 रुपये तक का भारी विलंब शुल्क (Late Fees) चुकाना पड़ सकता है।
परिवहन विभाग के इस नए कदम (CG RTO Fees Rule Update) से जहां आरटीओ के राजस्व में बड़ी वृद्धि की संभावना है, वहीं आम जनता के लिए नियमों का समय पर पालन करना अब बेहद जरूरी हो जाएगा।
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